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राजनीति

चारा घोटाले मामले में लालू प्रसाद को अब तक हुई कुल साढ़े 27 साल की सजा

Janjwar Team
24 March 2018 4:36 PM GMT
चारा घोटाले मामले में लालू प्रसाद को अब तक हुई कुल साढ़े 27 साल की सजा
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तीन मामलों में पहले ही हो चुकी है 13.5 साल की सजा, अब तक कुल 27.5 साल का कारावास, बेटे तेजस्वी ने कहा साजिश के तहत बीजेपी ने फंसवाया है मेरे पिता को, डर है कि कहीं उन्हें मरवा न दें...

रांची से विशद कुमार की रिपोर्ट

चारा घोटाले मामले में आरोपित राजद प्रमुख लालू यादव को आज चौथे मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 14 साल की सजा का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन पर 60 लाख का जुर्माना लगाया गया है। गौरतलब है कि दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपए की अवैध निकासी से जुड़े मामले में लालू यादव को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार ठहराया था।

गौरतलब है कि फिलहाल रांची रिम्स से अपना उपचार करवा रहे हैं। दुमका कोषागार से निकासी से जुड़े केस संख्या RC 38A/96 में लालू प्रसाद यादव को सीबीआई के विशेष जज शिवपाल सिंह ने 14 साल की सजा और 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि नहीं देने पर राजद सुप्रीमो को 2 साल अतिरिक्त जेल में सजा काटनी होगी। चारा घोटाला मामले में यह अब तक की सबसे बड़ी सजा है।

इसी मामले में केके प्रसाद, अजित कुमार वर्मा, गोपीनाथ दास, अरुण कुमार सिंह, विमल कांत दास समेत अन्य अभियुक्तों को साढ़े तीन साल के कारावास की सजा और 15-15 लाख रुपये जुर्माना ठोका गया है। इन अभियुक्तों को जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर सजा पूरी होने के बाद 9 महीने और जेल में रहना होगा।

चूंकि लालू रिम्स में भर्ती हैं तो उनकी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। लालू के अलावा चारा घोटाले में आरोपित सभी अभियुक्त अदालत में मौजूद थे।

लालू की ओर से सीबीआई की अदालत के फैसले को हाइकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। लालू के बेटे और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा है कि सभी 4 फैसलों को पढ़ने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए समग्र रणनीति बनायेंगे।

चारा घोटाला में सीबीआई के वकील विष्णु शर्मा का कहना है कि लालू प्रसाद को इंडियन पीनल कोड (IPC) और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट (PC Act) में 7-7 साल के कारावास की सजा हुई है। दोनों मामलों में 30-30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, इसलिए दोनों सजाएं एक के बाद एक चलेंगी। 7 साल की सजा खत्म होने के बाद दूसरी 7 साल की सजा शुरू होगी। इस मामले में दोपहर दो बजे फैसला आना था, लेकिन सीबीरआई की विशेष अदालत के जज शिवपाल सिंह द्वारा अचानक 11 बजे सजा का ऐलान किया गया।

गौरतलब है कि कल 23 मार्च को लालू प्रसाद को हाइकोर्ट से भी तब झटका लगा था जब चाईबासा कोषागार से निकासी के मामले में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी।

चारा घोटाले के तहत दिसंबर, 1995 से जनवरी, 1996 के बीच दुमका कोषागार से 96 फर्जी बिल के आधार पर पशु चारा और दवा के नाम पर 3.13 करोड़ रुपये की निकासी की गयी थी। इसी मामले में 19 मार्च को रांची की सीबीआइ की विशेष अदालत में लालू प्रसाद यादव समेत 19 आरोपियों को दोषी करार दिया गया था।

गौरतलब है कि चारा घोटाला के तीन केसों में राजद प्रमुख लालू प्रसाद को पहले ही 13.5 साल की सजा हो चुकी है। पहले मामले में सजा होने के बाद से ही वह बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से वह रांची रिम्स में इलाज करा रहे हैं। लालू को डोरंडा और चाईबासा कोषागार से निकासी के दो मामलों में 5-5 साल की सजा हुई है, जबकि देवघर कोषागार से निकासी मामले में 3.5 साल की सजा हुई थी।

लालू प्रसाद को आज सुनाई गई सजा के बाद उनके बेटे और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने उनके पिता को चारा घोटाले के चौथे मामले में सजा सुनाये जाने के बाद कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सजा को हम लोग हाइकोर्ट में चुनौती देंगे। यह निचली अदालत का फैसला है, सीबीआई की निचली अदालत ने फैसला दिया है।

तेजस्वी ने कहा कि बीजेपी एक साजिश के तहत लालू जी के खिलाफ साजिश रच रही है। जनता इन्हें माफ नहीं करेगी। लालू जी के बाहर रहने से बीजेपी नेताओं को इतना खतरा है कि लालू बाहर रहेंगे, तो पूरे देश में गठबंधन बन जायेगा और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा।

तेजस्वी ने नीतीश कुमार और भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, लालू जी के मामले में भाजपा और नीतीश कुमार सत्ता के नशे में चूर हो किसी भी हद तक पहुंचने का काम कर रहे है। हमें डर है कि वे लोग कहीं लालू यादव को मरवा न दें। हम लोग चुनाव में जब तक जदयू और भाजपा को रगड़- रगड़ को धो नहीं देते, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे।

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