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बारिश से अब तक 774 मौतें, सबसे ज्यादा केरल में

Prema Negi
13 Aug 2018 3:45 PM GMT
बारिश से अब तक 774 मौतें, सबसे ज्यादा केरल में
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सैकड़ों लोगों की जान जाने के अलावा केरल में कुल 8316 करोड़ की संपत्ति का नुकसान का आंकड़ा, 10 हजार किमी से ज्यादा सड़कें बर्बाद होने की भी खबर...

जनज्वार। गृह मंत्रालय के नेशनल इमर्जेंसी रिस्पांस सेंटर (एनईआरसी) ने एक आंकड़ा साझा करते हुए कहा है कि इस मानसून में अब तक कुल 774 लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं। मानसून प्रभावित राज्यों में 7 राज्य अति प्रभावित हैं।

बाढ़ और बारिश के कारण जहां केरल में 187 मौतों का आंकड़ा सामने आ रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश में 171, पश्चिम बंगाल में 170 और महाराष्ट्र में 139 लोगों की जान जाने की खबर है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी के गृहराज्य गुजरात में 52, तो असम में 45 और नगालैंड में आठ लोगों की मौत बारिश और बाढ़ के कहर के चलते हुई हैं। केरल में 22 और पश्चिम बंगाल में 5 लोगों के लापता होने की खबर भी आ रही है।

बारिश में इस साल अब तक 245 लोगों के जख्मी हुए होने की सूचना भी है। बारिश और बाढ़ के कहर से महाराष्ट्र में 26, असम के 23, पश्चिम बंगाल के 22, केरल के 14, उत्तर प्रदेश के 12, नगालैंड के 11 और गुजरात के 10 से ज्यादा जिले प्रभावित हुए हैं।

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश समेत 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। साथ ही भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अमरनाथ यात्रा भी रोक दी गई है।

गौरतलब है कि बाढ़ और बारिश से हो रही इन दुर्घटनाओं में घायलों की सुरक्षा के लिए असम में राष्ट्रीय आपदा मोचल बल (एनडीआरएफ) की 15, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में आठ-आठ, गुजरात में सात, केरल और महाराष्ट्र में चार-चार तथा नगालैंड में एक टीम को तैनात किया गया है। एनडीआरएफ की एक टीम में 45 जवान होते हैं।

बाढ़ और बारिश की सबसे ज्यादा विभीषिका झेल रहे केरल के कई हिस्सों में अभी भी बारिश होने की संभावनाएं बनी हुई हैं। वहां के बारिश से अति प्रभावित इदुक्की जिले में बाढ़ का कहर अभी भी बरकरार है। मौसम अधिकारियों ने मछुआरों को सख्ती से निर्देश दिए हैं कि वह समुद्र की तरफ रुख न करें।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक केरल और लक्षद्वीप के तटों पर 35 से 45 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है और इसकी गति 60 किलोमीटर तक जा सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक इदुक्की पनबिजली बांध में जलस्तर घटकर 2,397.58 फुट तक आ गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ को लेकर खतरा कम हुआ है। मगर किसी भी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए इदुक्की जलाशय के हिस्से चेरूथोनी बांध के पांच फाटक खोल दिये गये हैं।

कल 12 अगस्त को चेरूथोनी बांध का जलस्तर 2,398.68 फुट तक पहुंच गया था। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित इडुक्की और एर्नाकुलम जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर कहा कि केरल के हालत बहुत खराब हैं। इस दौरे के बाद उन्होंने केंद्रीय राहत के रूप में तत्काल 100 करोड़ रुपये केरल को देने का ऐलान किया।

केरल के इडुक्की में भारी बारिश से तबाह हुआ घर

राजनाथ सिंह ने कहा, स्वतंत्र भारत के इतिहास में केरल में इस तरह की बाढ़ कभी नहीं आई है। केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने कहा कि राज्य में कुल 8316 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हुआ है, जबकि 10 हजार किमी से ज्यादा सड़कें बर्बाद हो गई हैं।

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश भी बाढ़ और बारिश की विभीषिका बुरी तरह झेल रहा है। यहां लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने शिमला, कांगड़ा और सोलन समेत कई जिलों में स्कूलों को बंद करवा दिया। किन्नौर जिले में तो बारिश से रिस्पा पुल ही ढहकर बह गया।

उत्तराखण्ड में भी बारिश से कई इलाकों में खतरा बना हुआ है। वैसे भी केदारनाथ त्रासदी के बाद पहाड़ के लोग बारिश की भयावहता को देखकर ही सिहर उठते हैं।

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