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RTI में अमित शाह के मंत्रालय ने दिया जवाब : नहीं पता क्या है टुकड़े-टुकड़े गैंग और कौन लोग हैं शामिल?

Nirmal kant
21 Jan 2020 1:45 PM GMT
RTI में अमित शाह के मंत्रालय ने दिया जवाब : नहीं पता क्या है टुकड़े-टुकड़े गैंग और कौन लोग हैं शामिल?
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देश के गृहमंत्री अमित शाह मंचों से टुकड़े-टुकड़े गैंग उससे जुड़े लोगों का नाम लेकर दहाड़ते हैं, मगर RTI में उनका मंत्रालय कहता है उसे नहीं पता क्या है टुकड़े—टुकड़े गैंग, जरा मंत्रालय को अपने चीफ से ही पूछ लेना चाहिए था जवाब देने से पहले...

जनज्वार। देश में 'टुकड़े टुकड़े गैंग' की बात की जाती है तो अक्सर जिक्र दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का किया जाता है। 2014 में मोदी सरकार के आने के बाद जेएनयूएसयू के पू्र्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के ऊपर देशद्रोह का आरोप लगने के बाद देश की मौजूदा मोदी सरकार के कई नेताओं और पूर्व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जेएनयू के छात्रों को 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' और पाकिस्तानी प्रेमी बताया था। जिसके बाद समाजसेवी और आरटीआई एक्टिविस्ट साकेत गोखले द्वारा गृह मंत्रालय को आरटीआई दायर की गई जिसमें 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' के बारे में जानकारी मांगी गई।

में पूछा गया था कि 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' क्या है? इस गैंग में कौन लोग शामिल हैं? इनके ऊपर अभी तक किसी तरह की कोई कार्रवाई की गई है या नहीं? आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले ने दिसंबर 2019 में गृहमंत्रालय मंत्रालय को यह आरटीआई के तहत यह जानकारी मांगी थी।

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रटीआई के जबाव में गृह मंत्रालय ने बताया कि हमें टुकड़े टुकडे़ गैंग के बारे में किसी तरह की कोई जानकारी नहीं है। जिसके बाद साकेत गोखले का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय मंत्री अपनी रैलियों में खुलकर 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का ज्रिक करते है लेकिन सरकार के पास इसकी कोई जानकारी नहीं है। इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करूंगा।

ससे पहले भी मोदी और शाह समेत भाजपा के कई नेता रैलियों में 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' कहकर विरोधियों को निशाना बनाते रहे हैं। 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' शब्द का प्रयोग दक्षिणपंथी पार्टियों के द्वारा वामदलों और उनके समर्थकों के लिए किया जाता है। ये शब्द तब चलन में आया था जब दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हो रही रैली में तथाकथित रुप से रैली में देश विरोधी नारे लगाने का आरोप जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के ऊपर लगे थे। जिनको दिल्ली पुलिस अभी तक साबित नहीं कर सकी है। दिल्ली पुलिस ने कन्हैया पर आरोप लगाया था कि उन्होंने आतंकी अफजल गुरू के समर्थन में भारत तेरे टुकड़े होंगे के नारे लगवाए।

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पिछले एक साल में गृहमंत्री अमित शाह कई बार 'टुकड़े- टुकड़े गैंग' का जिक्र अपनी रैलियों और सभाओं में कर चुके है। पिछले महीने दिल्ली में एक कार्यक्रम में उन्होंने विवादास्पद नागरिकता कानून का विरोध करने वालों का जिक्र करते हुए कहा था कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले टुकड़े-टुकड़े गिरोह को दंडित करने का समय आ गया है। उन्हें शहर में हिंसा के लिए दोषी ठहराया जाना चाहिए। दिल्ली के लोगों को उन्हें दंडित करना चाहिए।

महीने की शुरुआत में भी अमित शाह ने दो बार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कन्हैया कुमार और कथित रूप से भारत विरोधी नारे लगाने वाले अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं देने का आरोप लगाया था।

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