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JNU हमले में ABVP का नकाबपोश आया सामने, बोला मैने कई लड़कों को पीटा, बाहर से बुलाये थे 20 लोग

Nirmal kant
10 Jan 2020 3:59 PM GMT
JNU हमले में ABVP का नकाबपोश आया सामने, बोला मैने कई लड़कों को पीटा, बाहर से बुलाये थे 20 लोग
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जेएनयू हमले के नकाबपोश का वीडियो आया सामने, ABVP कार्यकर्ता ने स्टिंग में कहा कि हमने बाहरी लड़कों को बुलाकर जेएनयू में फैलायी थी हिंसा, लाठी—रॉडों से किया था छात्रों पर हमला...

जनज्वार। दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में बीते रविवार 5 दिसंबर को पचास-साठ नकाबपोश बदमाशों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉडों से लेफ्ट से जुड़े छात्रों व शिक्षकों पर हमला कर दिया था। इस दौरान 40 छात्र और शिक्षक गंभीर रूप से जख्मी हो गये थे। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जहां नौ संदिग्ध लोगों की पहचान करने का दावा किया, वहीं अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है।

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रअसल इंडिया टुडे ने एक स्टिंग ऑपरेशन का दावा करते हुए बताया कि जेएनयू में हिंसा फैलाने वाले ने खुद के शामिल होने की बात को स्वीकार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक युवक ने खुद को ABVP का कार्यकर्ता बताया है और उसका नाम अक्षत अवस्थी है। अक्षत बीए फ्रेंन्च फर्स्ट ईयर का छात्र है। हमले के दौरान अक्षत ने हेलमेट पहना हुआ था। उसने यह भी बताया कि जेएनयू में बाहर से 20 लोग हमले के लिए बुलाए गए थे।

में अक्षत को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि उसके हाथ में डंडा था और उसने कई लोगों को पीटा। अक्षत ने स्वीकार किया कि हॉस्टल में उसने कई लड़कों को पीटा। एक लड़के की दाढ़ी थी और वो कश्मीरी लग रहा था। वहां मैंने लात मारकर दरवाजा भी तोड़ दिया था।

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क्षत ने आगे कहा कि लोगों की जुटाने का काम उसका ही था। उसने ही सभी की लामबंदी की। अक्षत ने बताया कि उसने पूरे प्रकरण को सेनापति की तरह हैंडल किया।

हालांकि अक्षत और एक अन्य की पहचान जाहिर होने के बाद एबीवीपी ने साफ कह दिया है कि हिंसा की बात कबूलने वाले छात्र उनके संगठन से नहीं जुड़े हैं, जबकि वे एबीवीपी की कई रैलियों में देखा जा सकता है।

क्षत ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस को इस हमले के बारे में पहले से सबकुछ पता था, बल्कि पता ही नहीं उसकी इजाजत से ही वामपंथी छात्रों पर हमला किया गया था। ऐसे में सवाल है कि दिल्ली पुलिस जांच की रस्म क्यों अदा कर रही है। ऐसे में उससे न्याय की उम्मीद करना बेमानी है।

गौरतलब है कि जेएनयू हिंसा मामले में आज 10 जनवरी को ही दिल्ली पुलिस ने एक खुलासा करते हुए कहा था कि कैमरों में कैद लाठी—रॉडों से लैश नकाबपोशों की पहचान कर ली गयी है। अब उसके बाद इंडिया टुडे—आजतक का एक स्टिंग सामने आया है, जिसमें एबीवीपी से जुड़े 2 छात्र कबूल कर रहे हैं कि जेएनयू हिंसा में वे संलिप्त रहे हैं। इसमें कैंपस के दो दर्जन छात्रों के अलावा बाहरी छात्रों को भी लाया गया था।

जेएनयू में 5 जनवरी को मचे तांडव में इंडिया टुडे की टीम ने एक प्रमुख हमलावर को कैमरे में यह स्वीकार करते हुए कैद किया कि उसने कैंपस से और बाहरी छात्रों को हिंसा के लिए संगठित किया था। जेएनयू में फ्रेंच डिग्री प्रोग्राम के प्रथम वर्ष के छात्र अक्षत अवस्थी ने रविवार 5 जनवरी को जेएनयू में हुए हमले के दौरान लिए गए वीडियो में खुद ही खुद की पहचान की और उन्होंने खुद को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का कार्यकर्ता बताया।

JNU के रिकॉर्डों के मुताबिक अक्षत अवस्थी जेएनयू के कावेरी हॉस्टल में रहता है। हिंसा वाले वीडियो में अवस्थी हाथ में लाठी लिए हुए दिखते हैं, जिसके बारे में वे खुद स्टिंग में स्वीकारते हैं कि उन्हें हॉस्टल कोरिडोर में गुस्से से भागते हुए देखा जा सकता है। वे दरवाजों को पीट रहे हैं और उनके रास्ते में जो भी आ रहा है, उस पर लाठी—रॉड से हमला कर रहे हैं।

स्टिंग में अक्षत अवस्थी कह रहा है कि उसने झंडे वाला डंडा अपने हाथ में लिया था और उसने कई लोगों को पीटा। अक्षत कहते हुए सुनाई दे रहा है कि लेफ्ट वाले छात्रों को अंदाजा भी नहीं था कि एबीवीपी इस तरह पलटवार करेगा।

स्टिंग में रोहित शाह नाम के छात्र ने स्वीकार किया कि जब अक्षत अवस्थी हमले की तैयारी कर रहा था तब उसने अपना हेलमेट अवस्थी को दिया था, क्योंकि जब आप शीशे तोड़ते हैं तो हेलमेट सुरक्षा के लिए जरूरी था।"

मले की कहानी बताते हुए रोहित शाह स्टिंग में स्वीकार रहे हैं कि भीड़ हॉस्टल में एबीवीपी के एक कमरे में एकत्र हुई, जिसके बाद उसने उन्हें हॉस्टल के वासियों के बारे में जानकारी दी कि कौन किस संगठन का है। शाह ने कहा, 'यह हमला जिस तरह से किया गया, अगर ऐसा नहीं होता तो संभव नहीं था। वामपंथी छात्रों को एबीवीपी की ताकत का अंदाजा नहीं लग पाया।'

वाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में 5 जनवरी को हिंसा मामले में आज ही दिल्ली पुलिस ने कहा था कि उसने हिंसा में शामिल 9 लोगों की पहचान कर ली है, जिनमें पुलिस ने जेएनएसयू अध्यक्ष आइशी घोष को भी हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

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