Top
आंदोलन

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजनायें मात्र कागजों तक सीमित

Prema Negi
14 May 2019 3:33 AM GMT
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजनायें मात्र कागजों तक सीमित
x

महिलाएं बोलीं, सरकार यदि हमें सम्मानजनक रोजगार नहीं दे सकती तो बेरोजगारी भत्ता दे...

जनज्वार। जनपद बिजनौर का कंडी सड़क के समीप के गाँव मीरापुर नोर्थ में महिला एकता मंच द्वारा 13 मई को एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में महिलाओं ने सरकार द्वारा उनके गांव की की जा रही उपेक्षा का विरोध किया।

बैठक में बातचीत करते हुए महिलाओं ने कहा कि यहां सरकारी स्कूल में अध्यापक व कंप्यूटर जैसे उपकरणों का अभाव है, जिस कारण ग्रामीण बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में भेजने के लिये मजबूर हैं। आसपास अस्पताल न होने के कारण जनता ईलाज को लेकर बेहद परेशान है। चुनाव के समय वोट लेने के लिये बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता आज हमारे मुद्दे सुलझाने की जगह नदारद हैं।

महिलाओं ने सरकार से रोजगार की मांग करते हुये कहा कि सरकार यदि हमें सम्मानजनक रोजगार नहीं दे सकती तो बेरोजगारी भत्ता दे।

महिला एकता मंच की संयोजक ललिता रावत ने कहा कि सरकार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने कि योजनायें मात्र कागजों तक ही सीमित होकर रह गयी हैं। उन्होंने महिलाओं से अपना मजबूत संगठन बनाने का आह्वान किया।

बैठक में जंगली जानवरों से सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया तथा निर्णय लिया गया कि गाँव की महिलाएं हर माह बैठक कर क्षेत्र में महिलाओं से जुड़े सवालों को लेकर जागरुकता अभियान चलायेंगी।

इस दौरान काैशल्या चुनियाल व सरस्वती जोशी ने जनवादी गीत प्रस्तुत किये। बैठक में कमला देवी, राधा देवी, पिंकी देवी, कल्पेश्वरी देवी, बिमला देवी, अनिता देवी, सुरेंद्री देवी, सुशीला देवी, गुड्डी देवी, चांदनी देवी, रानी देवी, मोनिका देवी, कवित्री देवी समेत बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी की।

Next Story

विविध

Share it