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जामिया के प्रदर्शनकारियों ने कहा, हम जेएनयू में हुई गुंडागर्दी का बदला अहिंसक संघर्षों और गांधीवादी तरीके से लेंगे

Nirmal kant
7 Jan 2020 7:44 AM GMT
जामिया के प्रदर्शनकारियों ने कहा, हम जेएनयू में हुई गुंडागर्दी का बदला अहिंसक संघर्षों और गांधीवादी तरीके से लेंगे
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जामिया और शाहीनबाग इलाके में छात्रों और स्थानीय लोगों का सीएए और एनआरसी के खिलाफ आंदोलन जारी, समर्थन में आयी जेएनयू के लापता छात्र नजीब की मां, प्रदर्शनकारी बोले गुंडागर्दी का गांधीगिरी से देंगे जवाब...

जनज्वार। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिल्ली के जामिया और शाहीनबाग इलाके में आंदोलन अब भी जारी है। जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले के बीच जनज्वार की टीम जामिया पहुंची और उनसे जब पूछा गया कि जेनएयू के छात्रों पर हुए हमले का जवाब कैसे देंगे तो जामिया के छात्रों ने कहा कि हम सब गांधीवादी रास्ते पर चलेंगे और जैसे गांधी जी हिंसा का जवाब अहिंसा से देते थे। हम सब भी इस हिंसा का जवाब अहिंसा से देंगे।

जामिया के छात्रों ने कहा कि जब दिल्ली पुलिस को छात्र को मारना था तो कैंपस में घुसने के लिए इजाजात की जरूरत नहीं थी लेकिन जब बचाने के बारी आई तो इजाज़त मांग रहे हैं। इस हमले के बाद जामिया के छात्र जेएनयू के समर्थन में उतर आए हैं। वहां मौजूद एक छात्र ने कहा कि हम भारत के हर एक छात्र के साथ हैं और जो सरकार छात्रों से टकराती है वो खत्म हो जाती है।

क शख्स अपने गले में 'इंसानियत बचाओ' का पोस्टर लिए खड़ा था। जब हमारी टीम ने बात की तो उसने कहा कि देश में जिस तरह से छात्रों को पीटा जा रहा है। इंसानियत बची ही नहीं है। हमें एनआरसी और सीएए के साथ -साथ इंसानियत बचाओ के लिए भी प्रदर्शन करना पड़ रहा जो हमारे देश के लिए शर्म की बात है।

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जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद की मां से हमारी टीम ने बातचीत की तो उन्होंने कहा कि जब मेरे बेटे के साथ ऐसा हुआ था तब भी दिल्ली पुलिस कार्रवाई कर देती तो आज ऐसा दिन नहीं देखना पड़ता। इस सरकार को हर छात्रों की मां की बद्दुआ लगेगी और जिसको मां की बद्दुआ लग जाती है उसको दुनिया और आखिरत दोनों में जगह नहीं मिलती है।

जामिया में मौजूद एक छात्र से जब पूछा गया कि हिंसा का जवाब आप इस पोस्टर से कैसे देंगे तो उसने कहा कि हम गुंडे नहीं है इसलिए हम ऐसे ही शांति से प्रदर्शन करके सरकार के कानों तक अपनी आवाज पहुंचाएंगे और जब हमने लड़ाई शुरू की तो हम बीस लोग थे, आज हजारों और एक दिन पूरे हिंदुस्तान का हर एक नौवजावन हमारे साथ होगा।

प्रदर्शन में छात्रों का साथ देने पहुंचे मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी हैदराबाद के वकार खान ने कहा कि गांधी जी भी अंग्रेजों के खिलाफ अहिंसा से लड़े और जीते भी। हम भी अहिंसा से लड़ेगे और जरूर जीतेंगे। हिटलर भी पैदा हुआ और मरा था और ये दूसरा हिटलर है इसे भी मरना पड़ेगा।

सके बाद अपनी बात को वकार ने शायराना अंदाज में कहते हैं-

''सावरकर के पुजारी हैं इन्हें जुगनू से नफ़रत हैं, ये नाथूराम के हामी है इन्हे बापू से नफ़रत है,

जो करते दलाली जंगे आजादी में उन्हीं के वंशजों को हिंदू और मुस्लिम के एकता से नफरत है।”

“लक्सर भी तुम्हारा है, सरदार भी तुम्हारा है, हिंदुस्तान में जुल्म का दौर अब नहीं रहे वाला है,

अंधेरे को चीर कर एक नूर आएगा, तुम फिरोन हो तो मूसा जरूर आएगा।''

में मौजूद जमाल खान ने कहते हैं, 'हमें एनआरसी से दिक्कत नहीं है, एनआरसी लेकर आएं लेकिन उन लोगों के लिए जो भ्रष्टाचार करके भाग गए, जो देश का पैसे लेकर भाग गए, जो लोग बलात्कारी हैं। ऐसे लोगों के लिए एनआरसी लेकर आएं। इन्हें देश में रहने का कोई हक नहीं हैं।'

पने बेटे का साथ देने पहुंचे एक पिता ने कहा कि सरकार बनाने वाले भी हम हैं। जो सरकार बनाता है वो सरकार गिरा भी सकता हैं। हमें कमजोर क्यों बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो गुंडागर्दी जेएनयू में हुआ उसका जवाब हम गांधीगिरी से ही देंगे। जैसे बापू ने किया था। हम सब बापू के रास्ते पर चलने वाले लोग हैं। हमें शांति के रास्ते पर चलना है।'

पको बता दें कि जामिया के छात्र एनआरसी और सीएए के खिलाफ जामिया के बाहर सड़कों पर लगभाग 22 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका साथ देने के लिए देश के लगभग हर एक कोने से छात्र और आसपास के रहने वाले लोग इनका समर्थन करने पहुंच रहे हैं। इसमें उस प्रदर्शन में जामिया के छात्रों का सभी समुदाय के लोग इनका साथ दे रहे हैं। यहां तक कि इस प्रदर्शन में 8 से 12 साल तक के बच्चे भी शामिल हैं।

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विवार 5 दिसंबर की देर रात जेएनयू के कैंपस में कुछ नकाबपोश बदमाशों ने घुसकर जेएनयू के छात्रों पर हमला कर दिया था। इस हमले में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष के सिर पर गंभीर चोट आई हैं। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने लेफ्ट के छात्र संगठनों एसएफआई, आइसा और डीएसएफ पर अपने कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया है।

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