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राजनीति

आधी रात को खारिज हुई निर्भया के दोषियों की याचिका, आज तड़के फांसी होना तय

Prema Negi
19 March 2020 7:34 PM GMT
आधी रात को खारिज हुई निर्भया के दोषियों की याचिका, आज तड़के फांसी होना तय
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19 मार्च की देर रात हाईकोर्ट द्वारा की गयी सुनवाई में यह फैसला किया गया। आधी रात को इस मामले में स्पेशल कोर्ट लगी और दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वारंट रद्द करने वाली याचिका भी खारिज कर दी थी...

जनज्वार। पिछले 3 बार से निर्भया के सामूहिक बलात्कार और हत्या के दोषियों की फांसी की तारीख टलने के बाद आखिरकार आज 20 मार्च की तड़के उन्हें फांसी पर लटका दिया जायेगा। 19 मार्च की देर रात हाईकोर्ट द्वारा की गयी सुनवाई में यह फैसला किया गया। आधी रात को इस मामले में स्पेशल कोर्ट लगी और दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वारंट रद्द करने वाली याचिका भी खारिज कर दी थी।

गौरतलब है कि निर्भया के गुनहगारों के सारे कानूनी विकल्प खत्म हो चुके हैं, इसलिए आखिरकार उन्हें 20 मार्च की तड़के 5.30 पर फांसी पर लटका दिया जायेगा।

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निर्भया के दोषियों ने फांसी की सजा टालने के लिए 19 मार्च की रात 10 बजे एक बार फिर से दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इनकी याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संजीव नरूला की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की। निर्भया के दोषियों ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए फांसी रोकने की मांग की थी, लेकिन हाई कोर्ट ने इनकी याचिका खारिज कर दी है।

निर्भया की मां आशा देवी ने उम्मीद जतायी कि मेरी बेटी के बलात्कारियों और हत्यारों को किसी भी हाल में फांसी होकर रहेगी। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं हमें आज न्याय मिलेगा और सभी दोषियों को आज सुबह फांसी दे दी जाएगी।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जजों की बैंच ने कहा, "कोई एनेक्सर नहीं है, न एफिडेविट है, न पार्टीज का मेमो है। इस मामले में कुछ नहीं है। क्‍या दोषियों के वकील एपी सिंह के पास ये याचिका दाखिल करने की इजाजत है?" जवाब में सिंह ने कहा, "कोरोनावायरस के चलते कोई फोटो कॉपी मशीन काम नहीं कर रही थी।" इस पर अदालत ने कहा, "आपने आज तीन अदालतों में पैरवी की है। आप नहीं कह सकते हैं कि चीजें एक्‍सेसिबल नहीं हैं। हम यहां रात 10 बजे भी आपको सुन रहे हैं।" सिंह ने कहा कि एक याचिका NHRC के पास भी लंबित है। उन्‍होंने सवाल उठाया कि अगर ये याचिकाएं लंबित हैं तो फांसी कैसे दी जा सकती है?

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दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्भया रेप केस के दोषियों का पक्ष रख रहे वकील की याचिका भी खारिज करते हुए कहा कि याचिका में कोई मेरिट नहीं है। इसी के साथ निर्भया के दोषियों की फांसी पर करीब—करीब मुहर लग गयी।

पी सिंह के बाद निर्भया के दोषियों का पक्ष वकील शम्स ख्वाजा रख रहे थे। इस मामले में हाईकोर्ट ने शम्स ख्वाजा को जब फटकार लगाते हुए कहा कि ये वक्त केस की मेरिट पर बहस करने का नहीं है तो उन्होंने कहा ये न्याय नहीं हो रहा है।

स पर कोर्ट ने शम्स ख्वाजा से कहा कि जब एक जज फैसले पर हस्ताक्षर कर देता है तो वो फिर से उस केस को छू नहीं सकता जजों ने कहा कि हम सुबह 5.30 बजे तक सुनवाई करेंगे और ऑर्डर देंगे, आप हमारे मेहमान बनिए हम 5.30 बजे तक सुनवाई करेंगे।

गौरतलब है कि 16 दिसंबर, 2012 की रात को दक्षिण दिल्ली में एक चलती बस में 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा (निर्भया) के साथ गैंगरेप और बर्बरता की गई थी। सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

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