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CAA-NRC के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में यूपी पुलिस की बर्बरता पर कोर्ट ने जारी किया योगी सरकार को नोटिस

Prema Negi
8 Jan 2020 7:16 AM GMT
CAA-NRC के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में यूपी पुलिस की बर्बरता पर कोर्ट ने जारी किया योगी सरकार को नोटिस
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CAA-NRC के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में लगभग 2 दर्जन मौतें, हाईकोर्ट ने आंदोलनकारियों पर पुलिस की बर्बरता और लाठीचार्ज के आरोपों पर योगी सरकार को जारी किया नोटिस...

जनज्वार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CAA-NRC के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों पर उत्तर प्रदेश पुलिस की बर्बरता और लाठीचार्ज के आरोपों पर योगी सरकार को नोटिस थमाया है। हाईकोर्ट ने समाचार पत्रों में छप रही ऐसी घटनाओं पर जवाब मांगा है।

गौरतलब है कि मुंबई के एक अधिवक्ता अजय कुमार द्वारा ईमेल के जरिए भेजे गए पत्र पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तारीख तय की है।

जय कुमार द्वारा कोर्ट को भेजे गये ईमेल में उत्तर प्रदेश में विभिन्न जगहों पर कथित पुलिसिया नृशंसता का जिक्र किया गया है। अधिवक्ता अजय कुमार द्वारा भेजे गए ईमेल में न्यूयॉर्क टाइम्स और द टेलीग्राफ में प्रकाशित समाचारों का हवाला दिया है, जिसमें यूपी पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों पर बर्बर बर्ताव करने का आरोप लगाया गया है। इन लेखों में यह भी कहा गया कि इन घटनाओं से उत्तर प्रदेश और देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हो रही है।

लाहाबाद हाईकोर्ट ने मुंबई के अधिवक्ता अजय कुमार द्वारा ई-मेल के जरिए भेजे गए पत्र का स्वतः संज्ञान लेते हुए उसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार कर उत्तर प्रदेश राज्य को नोटिस जारी किया है। प्रदेश सरकार की तरफ से नोटिस अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष गोयल ने रिसीव किया। चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस विवेक वर्मा की खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता फरमान नकवी और अधिवक्ता रमेश कुमार यादव को इस मामले में न्यायमित्र नियुक्त किया है।

कोर्ट के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता फरमान नकवी ने मंगलवार 7 जनवरी को दिल्ली से प्रकाशित इंडियन एक्सप्रेस की खबर की प्रति रखी, जिसके अनुसार मुजफ्फरनगर के मदरसे में बच्चों की कथित निर्मम पिटाई और उनसे जबर्दस्ती जय श्रीराम का नारा लगवाने का हवाला दिया गया है। खंडपीठ ने इस मामले में अधिवक्ता फरमान नकवी और रमेश कुमार यादव को न्यायमित्र नियुक्त करते हुए उन्हें सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।

हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि सभी संबंधित दस्तावेज न्याय मित्रों को उपलब्ध करा दिया जाए याचिका पर 16 जनवरी को अगली सुनवाई होगी।

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