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कानपुर में नाबालिग बेटी के बलात्कार मामले में गवाह मां की जमानत पर छूटे आरोपियों ने कर दी हत्या, मौसी को भी किया गंभीर रूप से घायल

Prema Negi
18 Jan 2020 1:56 PM GMT
कानपुर में नाबालिग बेटी के बलात्कार मामले में गवाह मां की जमानत पर छूटे आरोपियों ने कर दी हत्या, मौसी को भी किया गंभीर रूप से घायल
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नाबा​लिग बलात्कार पीड़िता की मां रूबी और मौसी जरीना थीं बलात्कार मामले में गवाह, इसलिए जमानत पर छूटे आरोपियों ने चापड़ व रॉड से हमला कर दोनों को बुरी तरह पीटा, रूबी की तभी हो गयी मौत और जरीना अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है...

कानपुर से मनीष दुबे की रिपोर्ट

जनज्वार। रेप पीड़िता बेटी के पक्ष में गवाह बनी मां पर गवाही उस वक्त भारी पड़ गया जब जमानत पर आए बलात्कार आरोपियों ने पीड़िता के घर मे घुसकर रेप पीड़िता की मां और मौसी यानी दो सगी बहनों पर हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। इनमें से एक रूबी जोकि पीड़िता की मां थी, की हैलट अस्पताल में उपचार के दौरान कल 17 जनवरी को मौत हो गई, जबकि दूसरी बहन जरीना अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।

टनाक्रम के अनुसार 9 जनवरी को शाम लगभग सात बजे थाना चकेरी की जरीना पुत्री मुख्तार खान और रूबी पत्नी फिरोज खान उर्फ बबलू जो कि जाजमऊ के मक्कू शहीद का भट्ठा में रहते हैं, अपने घर में थे। उसी दिन घर में घुसकर दोनों सगी बहनों जरीना व रूबी को रूबी की पुत्री मंतशा के बलात्कार मामले में दोषी आरोपियों के खिलाफ गवाही देने के चलते उसी मुहल्ले में रहने वाले आबिद, मिंटू, महबूब, चांद बाबू, जमील व फिरोज ने चापड़ तथा रॉड से हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया था। हमले के बाद रूबी को हैलट अस्पताल तथा जरीना को रामादेवी मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया। रूबी की तभी मौत हो गयी, और जरीना का अभी भी उपचार चल रहा है।

मृतका रूबी के भाई सलीम खान के मुताबिक, हम लोग उस दिन ड्यूटी पर थे। हमारी दोनों बहनें घर पर थीं। 10 लोग घर में घुसे और हमारी बहनों के साथ बदसलूकी की। दोनों को सड़क पर पीटा गया। रूबी के पति फिरोज आलम के मुताबिक हमलावरों ने पत्थर और धारदार हथियार से हमला किया था। हमलावरों में महबूब, आदिब, पिंटू, श्यामबाबू, महफूज, जबीन, फिरोज, विक्की समेत कुछ और अन्य शामिल थे।

गौरतलब है कि इस विवाद के पीछे की कड़ी रूबी की 13 वर्षीय नाबालिग बेटी मंतशा थी, जिसका 2018 में मुहल्ले के आपराधिक प्रवत्ति के आबिद, मिंटू, महफूज व जमील द्वारा रेप किये जाने का मामला सामने आया, जिसके बाद नाबालिग की माँ रूबी ने थाना चकेरी में मामले की तहरीर दी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा संख्या 110/18 की धारा 323,336,354 ख व 11/12 पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। सभी आरोपी जेल जाने के बाद फिलहाल जमानत पर थे और दोनों पक्षों में तनाव चल रहा था।

कुछ दिनों से जरीना के भाई सलीम की आरोपियों से नजदीकी घरवालों को अखर रहीं थी, जिसकी शिकायत जरीना ने पुलिस में भी कराई। 9 जनवरी की शाम सभी बलात्कार आरोपी जमानत पर छूटकर घर आये थे। चूंकि रूबी व जरीना ने बलात्कार मामले में गवाही दी थी, इसी की खुन्नस निकालने के लिए रेप आरोपियों ने चापड़ व रॉड से हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया और वहां से फरार हो गये।

रीना की बहन रुखसाना की तहरीर पर थाना चकेरी पुलिस द्वारा उसी दिन यानी 9 जनवरी को मुकदमा संख्या 19/2020 की धारा 147,148, 149,307,452,354,392 दर्ज की गई, जिसमें फिरोज, जमील, विक्की, मिंटू, आबिद, महबूब, महफूज, चांद बाबू, बाबू भाई टेनरी वाले समेत 3 अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया गया।

मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने 22 वर्षीय महफूज पुत्र महबूब, 62 वर्षीय बशीर पुत्र मुस्तफा को गिरफ्तार कर लिया तथा फरार 42 वर्षीय महबूब पुत्र बशीर निवासी जाजमऊ को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी में महबूब के पैर में गोली भी लगी थी।

पुलिस को 17-18 जनवरी को मुखबिरों से सूचना मिली थी कि दो आरोपी जाजमऊ की 80 फ़ीट रोड पर मौजूद हैं। प्राप्त सूचने के बाद थानाध्यक्ष चकेरी, चौकी प्रभारी जाजमऊ व चौकी प्रभारी शिव गोदावरी की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों को घेरकर पकड़ने का प्रयास किया था, तभी दोनों अभियुक्तों द्वारा पुलिस पर अवैध तमंचे से हमला किया गया।

पुलिस द्वारा जवाबी करवाई दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर गए। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों के नाम परवेज आलम पुत्र मोहम्मद बशीर तथा मोहम्मद आबिद पुत्र मोहम्मद बशीर आलम, निवासी मक्कू शहीद भट्ठा जाजमऊ है। दोनों के पास से 2 तमंचे 315 बोर, 4 खोखा कारतूस के अलावा 3 जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद किए गए। दो

सपी ग्रामीण राजकुमार अग्रवाल के मुताबिक 9 जनवरी को दो सगी बहनों जरीना व रूबी पर कुछ अभियुक्तों ने हमला कर दिया था, जिसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इनमें से एक रूबी की 17 जनवरी को इलाज के दौरान मौत हो गई। रूबी की मौत के बाद मुकदमे में 307 की धारा को 302 में तब्दील कर अन्य धाराओं के साथ जोड़ दी गई है। मामले में कुछ वांछित आरोपितों को पकड़ा गया है, जिन्हें पुलिस द्वारा क्रॉस फायरिंग में गोली लगी है। उनका इलाज कराया जा रहा है, इलाज के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

स मामले में मृतका की बहन रुखसाना कहती हैं, वो पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें सिर्फ चकेरी इंस्पेक्टर रणजीत राय (सिंघम) पर भरोसा है। सिंघम सर ने आरोपियों को पकड़ा है, हमें न्याय चाहिए अगर नहीं मिला तो हम परिवार सहित आत्महत्या कर लेंगे। हम जेवर बेचकर और ब्याज पर रुपया लेकर अपनी बहन का इलाज करा रहे हैं सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देती है और दरिंदे बेटियों को नोच नोच कर खा रहे हैं।

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