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'हमें एक और हिटलर की नहीं, नए गांधी की जरूरत है', UAE के शाही परिवार की राजकुमारी ने कहा

Nirmal kant
24 April 2020 8:35 AM GMT
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भारत में चल रहे 'इस्लामाफोबिया' को लेकर प्रिंसेज हिंद अल कासिमी ने कहा, 'मुझे पता है कि मैं बहुतों को निराश करुंगी लेकिन मैं शांति और मानवता में विश्वास करती हूं। मैं प्यार और सद्भाव में रहने में विश्वास करती हूं। मैं युद्ध में विश्वास नहीं करती क्योंकि उसे कभी कोई जीतता नहीं है...

जनज्वार ब्यूरो। संयुक्त अरब अमीरात के रॉयल परिवार की राजकुमारी हिंद अल कासिमी इन दिनों खूब चर्चाओं में हैं। वह आरएसएस और भारत को लेकर लगातार अपनी टिप्पणी कर रही हैं। कभी भारतीय मीडिया चैनल्स को इंटरव्यू दे रही हैं तो कभी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से बेबाकी से अपनी बात रख रही हैं। भारत को लेकर उन्होंने एक बार फिर सिलसिलेवार ट्वीट किए हैं।

क ट्वीट में वह लिखती हैं, 'मैं उस एक को कट्टर कहने के लिए माफी नहीं मांगती हूं जिसने नाजी जैसा नरसंहार करने के लिए आमंत्रित किया। राजनीति में थोड़ी दिलचस्पी नहीं होने के लिए मैं माफी मांगती हूं जो मुझे उबाऊ लगता है। मैं यह समझती हूं कि जो सत्ता की ताकत को समझता है वह स्वयं और जनता को नियंत्रित करता है। लेकिन मेरा भी अपना दिमाग है।'

हिंद अल कासिमी ने दूसरे ट्वीट में लिखा, 'मुझे पता है कि मैं बहुतों को निराश करुंगी लेकिन मैं शांति और मानवता में विश्वास करती हूं। मैं प्यार और सद्भाव में रहने में विश्वास करती हूं। मैं युद्ध में विश्वास नहीं करती क्योंकि उसे कभी कोई जीतता नहीं है।'

क और ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'मुझे बताया गया कि मैं आरएसएस पर हमला कर रही थीं और तबलीगी जमात का बचाव कर रही थीं। माफ करना, मैं अमीरात में हर तरह से हूं और सूरज के नीचे राजनीति को छोड़कर हर विषय को पढ़ती हूं। इतिहास ने मेरा संक्षिप्त परिचय दिया लेकिन मैं हिंदी नहीं बोलती हूं इसलिए यह मत मानिए किए मैं जादुई रुप से हिंदी अंग्रेजी को समझ सकती हूं।'

न्होंने लिखा, 'विश्वासों के मतभेदों पर एक-दूसरे को काट डालना, यह भारत जैसे शानदार देश को देखने के लिए मेरे दिल को तोड़ देता है। मैने कभी भी भारतीयों को खुद पर बमबारी करते हुए नहीं सुना और अब अचानक मुझे यह दिखाई देता है। कृपया इसे बंद करिए।'

कासिमी आगे कहती हैं, 'भारत का इतिहास उनके बच्चों को आक्रोशित नहीं, खुश और समृद्ध बनाने के योग्य है जिनपर बदला लेने का भूत चढ़ा हुआ है।'

कुछ भारतीय अनाथ बच्चों के साथ पुरानी तस्वीर साझा करते हुए वह लिखती हैं, 'हम सभी नश्वर हैं, एक ही हवा में सांस लेते हैं, सपने देखते हैं, अपने बच्चों को पालते हैं और उनके लिए बेहतर भविष्य की प्रार्थना करते हैं। भारतीय अनाथों के साथ मेरी एक तस्वीर। किसी देश के लिए भविष्य का असली चेहरा। मैं शांति में विश्वास करती हूं क्योंकि मैंने यह जानने के लिए पर्याप्त इतिहास पढ़ा है कि नफरत कोई जवाब नहीं है।'

ससे पहले द टेलीग्राफ से इंटरव्यू का हवाला देते हुए अल कासिमी ने लिखा, 'अगर यह आक्रामक हो जाता है तो कोई विजेता नहीं है हमें नेल्सन मंडेला, मार्टिन लूथर किंग, गांधी की बातों का अनुसरण करना होगा होगा। हमें एक और हिटलर की जरूरत नहीं है, हमें एक नए गांधी की जरुरत है।'

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