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सोनिया गांधी ने मोदी को दिये पैसा बचाने के 5 बड़े सुझाव

Janjwar Team
8 April 2020 2:30 AM GMT
सोनिया गांधी ने मोदी को दिये पैसा बचाने के 5 बड़े सुझाव
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, सरकार के खर्च पर रोक लगाने के लिए सुझाए पांच उपाय....

जनज्वार, नई दिल्ली। कोविड -19 के खिलाफ लड़ाई को लेकर प्रधानमंत्री के साथ टेलीफोन पर बातचीत करने के एक दिन बाद, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार 7 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सरकार के 'खर्च' पर रोक लगाने के लिए पांच उपाय सुझाए। साथ ही इस पैसे को घातक वायरस से लड़ने में उपयोग करने को कहा।

सोनिया गांधी ने अपने पत्र में लगभग 20000 करोड़ रुपये की सेंट्रल विस्टा परियोजना को रद्द करने, सरकारी विज्ञापनों को निलंबित करने और मंत्रियों समेत अन्य गणमान्य लोगों के विदेशी दौरे रोकने का सुझाव दिया है। उन्होंने पीएम-केयर्स फंड से धन निकालकर पीएमएनआरएफ में डालने का सुझाव भी दिया है।

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सोनिया गांधी ने अपने पत्र में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा संसद सदस्यों के वेतन में 30 प्रतिशत तक की कटौती के निर्णय को अपना समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन सभी उपायों से कोविड-19 से लड़ने के लिए फंड उपलब्ध होगा।

न्होंने लिखा, 'मैं इसी भावना से आपको पांच ठोस सुझाव दे रही हूं। मुझे विश्वास है कि आपको ये उपयोगी लगेंगे।' सोनिया गांधी ने पहले सुझाव में सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) द्वारा दो साल के लिए मीडिया विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को कहा।

सोनिया गांधी ने लिखा, 'केवल अपवाद के तौर पर कोविड -19 के लिए या सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों पर सलाह जारी करने के लिए विज्ञापन जारी होने चाहिए।'

दूसरे सुझाव में कांग्रेस अध्यक्ष ने 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे 'सेंट्रल विस्टा' सौंदर्यीकरण और निर्माण परियोजना को आगे नहीं बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने लिखा, 'ऐसे समय में, इस तरह के खर्च करने की बात कहना भी भयावह लगता है। मुझे यकीन है कि संसद की मौजूदा ऐतिहासिक इमारत के भीतर सब आराम से काम कर सकते हैं और इस राशि को नए अस्पतालों के बुनियादी ढांचे और डायग्नोस्टिक्स के निर्माण के लिए आवंटित किया जा सकता है।'

सोनिया ने तीसरे सुझाव में सरकार के खर्चे के बजट में 30 प्रतिशत की कटौती (वेतन, पेंशन और केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के अलावा) करने को कहा है। साथ ही यह 30 प्रतिशत (यानी लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये प्रति वर्ष) श्रमिकों, मजदूरों, किसानों, एमएसएमई और असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए एक आर्थिक सुरक्षा स्थापित करने की दिशा में आवंटित करने को कहा है।

न्होंने कहा, 'राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, राज्य मंत्रियों और नौकरशाहों की सभी विदेशी यात्राओं को स्थगित किया जाना चाहिए। आपातकाल या राष्ट्रीय हित में छूट के मामले में पीएम द्वारा मंजूरी दी जा सकती है।'

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सोनिया गांधी ने कहा कि इस राशि का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जा सकता है। उसने पीएम केयर्स फंड पर भी निशाना साधा और मांग की कि इसके सभी पैसे 'प्रधान मंत्री राष्ट्रीय राहत कोष' (पीएमएनआरएफ) में स्थानांतरित कर दिए जाएं।

न्होंने लिखा, 'ऐसा करना दक्षता, पारदर्शिता, जवाबदेही और ऑडिट को सुनिश्चित करेगा कि इस पैसे को किस तरह से आवंटित और खर्च किया जाता है। पैसों के वितरण के लिए दो अलग-अलग साइलो बनाना, मुझे प्रयास और संसाधनों की बर्बादी की तरह लगता है।'

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