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सपा के पूर्व विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड में 23 साल बाद भाजपा नेता समेत 4 को उम्रकैद

Prema Negi
5 Nov 2019 2:57 AM GMT
सपा के पूर्व विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड में 23 साल बाद भाजपा नेता समेत 4 को उम्रकैद
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करवरिया बंधुओं को निर्दोष साबित करने के लिए बचाव पक्ष की ओर से 23 सालों के दौरान 156 गवाहों को कोर्ट में किया गया था पेश, लंबी सुनवाई के बाद 18 अक्टूबर 2019 को कोर्ट ने अपना फैसला कर लिया था सुरक्षित और अब 4 नवंबर को भाजपा नेता समेत 4 को ठहराया हत्यारोपी

जेपी सिंह की रिपोर्ट

प्रयागराज। प्रयागराज में बालू कारोबार में वर्चस्व की जंग में हुए चर्चित पूर्व सपा विधायक जवाहर यादव हत्याकांड में अदालत ने बीजेपी विधायक नीलम करवरिया के पति पूर्व भाजपा विधायक उदयभान करवरिया, बसपा के पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया और पूर्व एमएलसी सूरजभान करवरिया समेत 4 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

सोमवार 4 नवंबर को इस केस का फैसला देते हुए प्रयागराज की एडीजे कोर्ट ने सभी 4 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने सभी आरोपियों पर 7 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस कांड में सभी को इम्रक़ैद मिलने से जिले की ब्राह्मण राजनीति को खासा झटका लगा है

पा नेता जवाहर पंडित हत्याकांड में 31 अक्टूबर को भाजपा विधायक नीलम करवरिया के पति उदयभान, फूलपुर के पूर्व बीएसपी सांसद कपिलमुनि और बीएसपी पूर्व एमएलसी सूरजभान को कोर्ट ने इस मामले में दोषी पाया था और 4 नवंबर को फैसला देने के लिए कहा था।

गौरतलब है कि 13 अगस्त 1996 को समाजवादी पार्टी के नेता और विधायक जवाहर यादव की जिले के सिविल लाइंस इलाके में सरेशाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 13 अगस्त को शाम 7 बजे सिविल लाइंस में पैलेस सिनेमा और कॉफी हाउस के बीच जवाहर यादव को एके-47 राइफल की गोलियो से छलनी कर दिया गया था। इस वारदात के बाद दर्ज मुकदमे में कपिल मुनि करवरिया, उदय भान करवरिया, सूरज भान करवरिया और रामचंद्र त्रिपाठी को आरोपी बनाया गया था।

स मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में अभियोजन की ओर से 18 गवाहों के बयान कराए गए थे। इसके अलावा करवरिया बंधुओं को निर्दोष साबित करने के लिए बचाव पक्ष की ओर से 156 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया था। 23 साल तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने 18 अक्टूबर 2019 को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।

त्यारोपियों को धारा 302 के तहत उम्रकैद और 1 लाख जुर्माना, धारा 307 के तहत 10 साल की सजा और 50 हज़ार का जुर्माना, धारा 147- के तहत 2 वर्ष की सजा और 10 हजार जुर्माना, धारा 148 के तहत 3 वर्ष की सजा और 20 हजार जुर्माना हुआ है। सभी हत्यारोपियों पर कुल 7.20 लाख का जुर्माना ठोका गया है।

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