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उत्तर प्रदेश

मजदूर ने सुसाइड नोट में लिखा-घर में अनाज है, लेकिन हल्दी, तेल, चीनी, सब्जी अब दुकानदार नहीं देता उधार

Prema Negi
30 May 2020 8:54 AM GMT
मजदूर ने सुसाइड नोट में लिखा-घर में अनाज है, लेकिन हल्दी, तेल, चीनी, सब्जी अब दुकानदार नहीं देता उधार
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सुसाइड नोट में शख्स ने लिखा मेरी विधवा मां 2 साल से खांसी-बुखार से पीड़ित है, लॉकडाउन बराबर बढ़ता जा रहा है, नौकरी कहीं मिल नहीं रही है, जो काम हो की खर्चा चलाएं और अपना इलाज कराएं...

अखिलेश यादव ने की मृतक के परिवार को 1 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा

मनीष दुबे की रिपोर्ट

जनज्वार। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में गरीबी और भुखमरी से तंग आकर एक गरीब ने रेलवे ट्रैक पर खुद की जीवनलीला समाप्त कर ली। मरने से पहले मृतक भानू प्रकाश गुप्ता ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमे उन्होंने लिखा कि 'मैं यह सुसाइड गरीबी और बेरोजगारी की वजह से कर रहा हूं। गेहूं चावल सरकारी कोटे से मिलता है पर चीनी, पत्ती, दूध, दाल, सब्जी, मिर्च, मसाले परचून वाला अब उधार नहीं देता। लॉक डाउन बराबर बढ़ता जा रहा है। नौकरी कहीं नहीं मिल रही।'

ह सुसाइड नोट 29 मई को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के मैगलगंज कस्बे में रेलवे लाइन पर कटे शव की जेब में मिला। रेलवे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अपने सेंटर शाहजहांपुर भेज दिया है। ट्रेन की पटरी पर मिले शव की पहचान मैगलगंज की नई बस्ती निवासी भानु प्रकाश गुप्ता के रूप में हुई।

भानु गुप्ता लखीमपुर के पड़ोसी जिले शाहजहांपुर में एक होटल पर खाना बनाने का काम करते थे, लेकिन लॉकाडाउन के बाद होटल बंद हो गया और भानु बेरोजगार हो गए। मृतक भानु के करीबी रामकुमार ने जनज्वार से हुई बातचीत में बताया, 'मेरा घर उनके घर से कुछ ही दूरी पर है। वो बहुत थे और सांस की बीमारी थी, होटल बंद होने के बाद पैसों को लेकर बहुत परेशान थे, मेरे पास आए थे एक दो बार तो मुझसे जो मदद हो सकी मैंने की थी।'

रामकुमार आगे कहते हैं, आज सुबह पता चला की उन्होंने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। पहले तो कामधंधा नहीं, खाना तो रोज खाना ही है, बीमारी अलग से, इसलिए वो बहुत परेशान रह रहे थे।

भानु प्रकाश गुप्ता का सुसाइड नोट

भानु प्रकाश गुप्ता का सुसाइड नोट

खीमपुर के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा कि मृतक के परिवार व उसकी मां के अन्त्योदय राशन कार्ड बने थे। उन पर 40 किलो राशन का उठान भी हुआ है। जिला प्रशासन भानु के परिवार की हर संभव सहायता करेगा।

भानु प्रकाश गुप्ता का शव शुक्रवार 29 मई की शाम को तीन से 4 बजे के बीच शाहजहांपुर- सीतापुर रेलवे ट्रैक पर मिला। घर वालों के मुताबिक सीतापुर की तरफ से आ रही श्रमिक ट्रेन से कटकर उन्होंने जान दे दी। भानु गुप्ता के परिवार में 3 छोटे बेटे और 2 बेटियां हैं, जिनमें से बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। दूसरी की शादी के लिए लड़का खोज रहे थे। रामकुमार बताते हैं, उनकी मां विधवा हैं, उन्हें पेंशन मिलती है। उसी से काम चल रहा होगा। बाकी उधार-व्यवहार मांग कर काम चला रहे थे।

भानु गुप्ता ने अपने सुसाइड नोट में भी लिखा है कि सरकार की तरफ से उन्हें राशन मिल रहा था, लेकिन बाकी सामान खरीदने के लिए दुकानदार ने उधार देने से मना कर दिया था।

सुसाइड नोट में भानु गुप्ता ने आगे लिखा 'मुझे खांसी, सांस जोड़ों का दर्द, दौरा और अत्यधिक कमजोरी, चलना दूभर, चक्कर आदि हैं। मेरी विधवा मां भी दो साल से खांसी बुखार से पीड़ित हैं। तड़प-तड़प कर जी रहे हैं। लॉकडाउन बराबर बढ़ता जा रहा है। नौकरी कहीं मिल नहीं रही है, जो काम हो की खर्चा चलाएं व इलाज कराएं। हमें न कोई शासन का सहयोग मिला। सुसाइड नोट का बाकी हिस्सा नहीं मिला है।

भानु की मौत के बाद मौके पर पहुंचे रामकुमार जनज्वार को बताते हैं कि उनके शरीर के दो हिस्से हो गए थे। घर से आधा किलोमीटर दूर ही रेलवे की क्रांसिग है। अब आगे पता नहीं कैसे उनके बच्चे जिएंगे, क्योंकि वो अभी छोटे हैं जो काम करने लायक नहीं हैं।

सुसाइड करने वाले भानु गुप्ता के घर सांत्वना देने पहुंचे समाजवादी नेता क्रांति कुमार सिंह

मौके पर पहुंचे सपा नेता क्रांति कुमार सिंह ने जनज्वार से हुई बातचीत में बताया, 'मृतक की जेब से जो सुसाइड नोट बरामद हुआ, उसको पढ़कर प्रशासन और शासन के दावों की पोल खुल गई। सुसाइड नोट में मौत का कारण लॉकडाउन के चलते गरीबी लाचारी और तंगहाली से जूझ रहे भानु ने घरेलू राशन सामग्री आदि के लिए पैसे ना होने के चलते बताया, आखिर प्रशासन के दावे और वादों का पिटारा सिर्फ हवा हवाई ही क्यों साबित होता है।

क तरफ सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश है कि भूख से प्रदेश में कोई मौत ना हो, साथ ही पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्री सभी को उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए टोल फ्री नंबर तक उपलब्ध कराए गए हैं और प्रशासन को सख्त निर्देश दिया गया है कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उसके बाद भी ऐसी घटनाएं मानवता को शर्मसार तो करती ही हैं, साथ ही प्रशासन और शासन को भी कटघरे में खड़ा करने का काम करती हैं। फिलहाल घटना से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोगों में रोष व्याप्त है।'

क्रांति कुमार ने आगे बताया कि समाजवादी पार्टी के द्वारा दिये गये एक लाख रुपये की घोषणा की जानकारी व सपा प्रदेश कार्यालय को खाता नम्बर से लेकर पूरा परिवार का सिजरा उपलब्ध कराया गया। मरने की वजह सुसाइट नोट में लॉकडाउन के चलते अर्थिक तंगी, बेरोजगारी का कारण बताया था। उसी को लेकर आज सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पार्टी की तरफ से एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। मृतक भानू प्रकाश गुप्ता के परिवार में मां रामकली, पत्नी गुड्डी देवी सहित पुत्री लक्ष्मी, तनु, सोनम के अलावा दो पुत्र अंकुश व लंकुश हैं।

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