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अंधविश्वास

कोरोना के नाम फैला अंधविश्वास, पत्थर बनने के डर से लोग नहीं सो रहे रात-रात भर

Vikash Rana Rana
29 March 2020 1:11 PM GMT
कोरोना के नाम फैला अंधविश्वास, पत्थर बनने के डर से लोग नहीं सो रहे रात-रात भर

कोरोना की महामारी के बीच देश के कई जगहों में से अंधविश्वास की खबरें आ रही हैं। कहीं पर जादुई पेड़ से कोरोना को हटाने की बात की जा रही है तो कहीं पर दीया जलाकर कोरोना को मिटाने का दावा किया जा रहा है...

जनज्वार। कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन है। जिस कारण पूरे देश को 21 दिन के लिए बंद कर दिया गया है। लॉकडाउन को बनाए रखने और कोरोना से बचने के लिए लगातार सरकार और स्थानीय प्रशासन के अलावा पुलिस के द्वारा लोगों को घरों से ना निकलने के लिए और सोशल डिस्टेस रखने की अपील की जा रही है। लेकिन इन सारे प्रयासों के बीच लोग घरों से बाहर निकल रहे है। कई जगहों पर लोगों को निकलने के अपने कारण है। लेकिन देश में बड़ी संख्या में लोग अंधविश्वास के कारण घरों से निकलने के लिए मजबूर हैं।

कोरोना की महामारी के बीच देश के कई जगहों में से अंधविश्वास की खबरें आ रही है। कही पर जादूई पेड़ से कोरोना को हटाने की बात की जा रही है तो कहीं पर दीया जलाकर कोरोना को मिटाने का दावा किया जा रहा है। इन सब दावों से कोरोना तो भाग नहीं रहा है लेकिन बड़ी संख्या में अंधविश्वास से कोरोना की खत्म करने की बता सुनकर लोग अपने घरों से निकल कर एकजुट हो रहे है। जहां सरकारें सोशल डिस्टेंस में लोगों के रहने की बात कर रही हैं। वहीं अंधविश्वास वायरस को रोक तो नहीं रहा लेकिन वायरस के प्रभाव को बढ़ाने का न्यौता जरूर दे रहा है।

आइये जानते हैं वो 9 अंधविश्वास जिन्हें समाज में कोरोना भगाने के नाम पर किया जा रहा है प्रसारित

1- मध्य प्रदेश के बयावाड़ी गांव में पेड़ के नीचे देवी हुई प्रकट

सरकार द्वारा ल़ॉकडाउन के प्रयासों के बीच मध्य प्रदेश के बयावाड़ी गांव में महुए के पेड़े से देवी प्रकट होने की अफवाह फैलाई गई। जिसके कारण सैकड़ों की संख्या में लोग जान को जोखिम में डालकर पेड़ क पास पहुंच गए। कोरोना वायरस की भय के बीच में गांव में अफवाह फैलाई गई थी कि गांव के महुए के पेड़ के पास एक महिला ने खुद को देवी का अवतार बता दिया साथ ही उस महिला ने लोगों को चमत्कार से ठीक करने का दावा भी किया। जिसके बाद लोगों ने कोरोना जैसी बीमारी से बचने के लिए पेड़ के आस-पास पहुंचना शुरू कर दिया।

जिसके बाद भी जिला प्रशासन इस महिला तक नहीं पहुंच पाया। कुछ स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस से इसकी शिकायत करने बाद पुलिस कुछ सर्तक हो पाई। इस समय जब वायरस लगभग तीसरे स्टेज तक पहुंचने की राह पर ऐसे में अंधविश्वास में फैली ये अफवाहें ना जाने कितनी जानों को खतरे में डाल सकती हैं।

2- रामायण के बाल कांड से मिल रहा बाल

रामायण के बाल कांड में भगवान राम के बचपन का ज्रिक है। लेकिन देश में राम को पढ़ने की जगह लोग अंधविश्वास की तरफ बढ़ रहे है। लोग कोरना से बचने के लिए रामचरितमानस के पन्ने पलट बाल की खोजबीन में लगे हुए हैं। कोरोना वायरस से बचने के लिए पूरे देश में सोशल मीडिया के साथ ही शहरों और गांवों में यह खबर तेजी से वायरल हो रही है कि रामायण के बाल कांड में बाल मिल रहा है। यह बाल पवित्र है और इसको पानी के साथ पीने से कोरोना वायरस ठीक हो जाता है या होता ही नहीं है। सोशल मीडिया में ऐसे कई वीडियों में जिसमें लोग दीया जला या हाथ पैर धो कर पन्ने को पलटते हुए बाल कांड के पन्नों में पहुंच कर बाल मिलने का दावा कर रहे है।

3- कोरोना को भगाने के लिए जलाए जा रहे दीये

कोरोना से बचने के लिए अंधविश्वास का असर उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश के पुराने लखनऊ के चौक, ठाकुरगंज के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी लोग घरों के बाहर और मंदिरों में घी दीपक जला रहे हैं। लोगों का कहना है कि परिवार के हर सदस्य के ऊपर जलता हुआ

दीपक सात बार उतारकर घर के सामने या फिर मंदिरों में रखने से कोरोना वायरस के संक्रमण को दूर किया जा सकता है। वही इस पर महिलाओं का कहना है कि कोरोना एक खतरनाक बीमारी है। इस दीये जलाकर दूर किया जा सकता है। इस पर आईआईटीआर के निदेशक प्रो धावन का कहना है कि कोरोना वायरस नष्ट या मर जाएगा इसका कोई वैज्ञानिक आधार अभी नहीं है। ये अंधविश्वास है।

5- हरी चूड़ी पहनने और घर के बाहर गोबर व लेप का पंजा बनाने से नहीं आएगा कोरोना

कोरोना वायरस से बचने के लिए एक तरफ जहां शासन, प्रशासन, डॉक्टरों की टीम लोगों से दूर रहने, हाथ न मिलाने, सैनिटाइजर मास्क का इस्तेमाल करने और घर पर ही रहने की सलाह दे रही है। वहीं मध्य प्रदेश के जनपद पंचायत विजयराघगढ़ के पड़खुरी गांव में कोरोना से बचने के लिए ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले कई मोहल्लों के लोगों ने घरों में जाकर चंदा इकट्ठा कर उससे चूड़ी और महावर खरीदना शुरू कर दिया। महिलाओं ने रही चूड़ी पहनी और महावर को लगाया। इसके साथ ही घर के बाहर दरवाजे के आजू बाजू में गोबर व महावर का लेप बनाकर पंजा बनाया। गांव के लगभग 40 से अधिक घरों में इस तरह की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। ग्रामीणों का मान्यता है कि इससे कोरोना जैसी महामारी का उन पर कोई प्रकोप नहीं पड़ेगा। गांव की महिलाओं का कहना है कि हरी चूड़ी पहनने से परिवार सुरक्षित रहेगा।

6- कोरोना से बचने के लिए लोग पहन रहे डामरगोली की माला

लोग कोरोना के कारण भले ना मरे लेकिन अंधविश्वास के कारण जरूर मर जाएंगें। ऐसी ही एक अफवाह छत्तीसगढ़ के दुर्गा जिला के बलोद से आई है जहां पर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपने बच्चों को डामरगोली की माला पहना रहे हैं। लोग अपने बच्चों के गले में माला इसलिए फैला रहे है। ताकि उनके बच्चे गले में बांधकर सूंघता रहे, ताकि कोरोना का संक्रमण ने फैलें।

लेकिन इसके उल्ट डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना से बचने का ये तरीका कोरोना वायरस को ठीक तो करेगा नहीं बल्कि इससे उल्टे दूसरी बीमारी हो सकती है।। आईएमए अध्यक्ष डॉ प्रदीप जैन का मानना हैकि डामर की गोली में कीड़े मारने, भगाने वाला जहर है। इसको गले में बांधने से इसकी गंध लगातार नाक में पहुंचती है। यह खतरनाक है। इससे फेफड़े ओर खून की बीमारियां यहां तक कि कैंसर भी हो सकता है।

7- रात को सोने से पत्थर होने का खतरा

उत्तर प्रदेश के कई गांवो में कोरोना वायरस को लेकर रात को जागने के लिए अफवाहें फैल रही है जिसके कारण लोग रातों में जग रहे है। वायरल हो रही खबर में उत्तराखंड के किसी गांव के जमीन में समा दिए जाने की बात की जा रही है जिसमें 5 लोगों के मरने की बात भी की जा रही है। इसके अलावा एक गांवों में लोगों के पत्थर बन जाने की बात भी की जा रही है।

साथ ही लोगों को कहा जा रहा है कि वह रात में साढ़े बारह बजे से चार बजे तक जागे रहे नहीं तो कोरोना वायरस लग जाएगा अगर कोई इस समय के बीच में सोता है तो या तो वह पत्थर बन जाएगा या मर जाएगा। मेरठ में ये खबर धार्मिक स्थलों से अनाउंस कर के ये अफवाह फैलाई गई है, जिसके बाद पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

8- अगर घर पर गिरा नीम का पत्ता तो नहीं होगा कोरोना

राजस्थान के बीकानेर में एक अजीब अफवाह फैली है, जिसमें स्थानीय लोगों को डराया जा रहा है कि देशनोक में करणी माता की मूर्ति खिसक गई है। फिर कहा गया कि गुड़ का हलवा बनाने से ही कोरोना वायरस ठीक होगा। इसके साथ ही इलाके में नीम के पत्ते को लेकर अफवाहें उड़ रही हैं कि सबकी छतों पर नीम का एक पत्ता गिरा होगा। जिसे पानी में उबालकर पीने से कोरोना वायरस ठीक हो जाएगा।

नीम के पत्ते वाली अफवाह राजस्थान के और इलाकों में फ़ैली है।कहीं-कहीं अफवाह का ये रूप मिलता है कि घर की छत पर नीम रख लेने से कोरोना वायरस नहीं फैलेगा।

9- आटे के दीए जलाने से नही फैलेगा कोरना

पूर्वांचल के इलाको में ये अफवाह चल रही है कि घर के आगे दीए जलाने से कोरोना वायरस नहीं फैलेगा। कहीं-कहीं ये दीए आटे के बनाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि जिसके घर में जितने पुरुष हैं उतने दीए जलाए। जिसका नतीज़ा ये हुआ है कि इलाके में दीवाली जैसा माहौल हो रखा है। दीए जलाने के चक्कर में लोग घरों से निकल रहे हैं। और वायरस फैलने का खतरा बढ़ रहा है।

पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस की चपेट में है और इसका केवल एक ही इलाज बताया जा रहा है और वो है घर पर रहना यानी सामाजिक दूरी को बनाकर रखना। लेकिन अगर अंधविश्वास का ऐसा मजमा लगेगा तो जल्द ही कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होती जाएगी और वो मंज़र बेहद खौफनाक होगा।

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