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यूपी पुलिस ने गोकशी के आरोप में सतवीर को जहीर बताकर भेज दिया जेल

Prema Negi
28 Jun 2019 4:13 AM GMT
यूपी पुलिस ने गोकशी के आरोप में सतवीर को जहीर बताकर भेज दिया जेल
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file photo

उत्तर प्रदेश पुलिस ने पुलिस ने गौहत्या और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत सतवीर नाम के दलित मजदूर युवक को जहीर के नाम से पहुंचा दिया जेल की सलाखों के बीच...

जनज्वार। क्या सतवीर ज़हीर हो सकता है? आप कहेंगे नहीं, लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस चाहे तो आपको रामप्रकाश से रफीकुल या रफीउल्ला बना सकती है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस का ऐसा ही सनसनीखेज कारनामा सामने आया है।

रअसल, मुरादाबाद स्थित भोजपुर पुलिस की वजह से एक शख्स पिछले एक साल से सलाखों के पीछे कैद है। इस बात का खुलासा 7 जून को तब हुआ जब आरोपी शख्स को पेशी के लिए कोर्ट लाया गया। शख्स की आपबीती सुनने के बाद वकील चौधरी कुलदीप सिंह ने मामले की जांच की।

मुरादाबाद के थाना भोजपुर में 8 मई, 2018 को एक ट्रक में गौवंश और उसका मांस बरामद हुआ। बिना किसी गिरफ्तारी के तब पुलिस ने दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक वाहवाही लूटने के लिए भोजपुर पुलिस ने 29 जून, 2018 को गौहत्या और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत सतवीर नाम के दलित मजदूर युवक को जहीर के नाम से जेल की सलाखों के बीच पहुंचा दिया।

पुलिस के इस सनसनीखेज कारनामे का खुलासा 7 जून 2019 को उस समय हुआ जब जेल से पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए सतवीर को अदालत में पेशी के दौरान ठाकुरद्वारा कोर्ट लाया गया। सतवीर ने अदालत में मौजूद वकील चौधरी कुलदीप सिंह को आवाज देकर अपने पास बुलाया और रोकर पुलिस के अत्याचार की कहानी बताई।

कील कुलदीप सिंह के मुताबिक आरोपी जनपद बुलंदशहर के थाना अनूप शहर अंतर्गत ग्राम डोंगर जोगी का रहने वाला सतवीर था। इसकी पड़ताल उन्होंने खुद उसके गांव में जाकर की। सतवीर जहीर नहीं है, के सारे दस्तावेज वो खुद सतवीर के गांव जाकर ले आए हैं। वहां के प्रधान ने भी लिखकर दे दिया है। सतवीर के घर में सिर्फ एक बूढ़ी मां है, जो चलने-फिरने और बोलने में भी असमर्थ है। कुलदीप सिंह के मुताबिक उन्होंने पुलिस के इस कारनामे की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी कर दी है। सतवीर को न्याय दिलाने के लिए वह हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट तक पैरवी करेंगे।

कुलदीप सिंह कहते हैं, सबसे अहम सवाल ये है कि परिवार के लोग एक साल से सतवीर की तलाश रहे होंगे, लेकिन सतवीर तो जहीर के नाम से जेल में बंद था। दूसरा सवाल ये कि गौहत्या जैसे जघन्य अपराध में जेल में कैदी की जिंदगी गुजार रहा सतवीर और उसके परिवार के सामने सबसे बड़ी समस्या है कि उसकी जमानत जहीर के नाम से ली जाए या सतवीर के नाम से ली जाए। उधर, जब इस मामले में पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में डाला गया तो उन्होंने पूरे मामले के जांच के आदेश दिए हैं।

बुलंदशहर में सतवीर की मां एक साल से उसके लिए परेशान थी। उसके ज़िंदा होने की खबर पाकर उसकी जान में जान आई। उसे लगता है कि कहीं ऐसा न हो कि किसी ने गौकशी कर जहीर नाम के शख्स को बचाने के लिए पुलिस ने उसके बेटे को जेल भेज दिया हो। सतवीर की मां अनारो कहती है, मेरा बेटा मुरादाबाद की जेल में बंद है। गाय काटने का नाम लगा दिया है। जहीर बना दिया है और मुसलमान के नाम से जेल भेज दिया है।'

ब इस बात का खुलासा होने के बाद मुरादाबाद पुलिस ने इसकी जांच बिठा दी है। पुलिस ने शक जताया है कि कहीं सतवीर ही जहीर बनकर गोकशी न करता हो। मुरादाबाद के एसपी-देहात उदय शंकर सिंह कहते हैं, पुलिस द्वारा इस प्रकरण का संज्ञान लिया गया है। क्षेत्राधिकारी ठाकुरद्वारा द्वारा इस प्रकरण में पूरी गहनता से छानबीन की जा रही है। इसमें आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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