Begin typing your search above and press return to search.
राजनीति

Defence Expo 2020 के लिए लखनऊ में गोमती किनारे के 64,000 पेड़ों की ली जायेगी बलि

Prema Negi
29 Nov 2019 3:32 PM GMT
Defence Expo 2020 के लिए लखनऊ में गोमती किनारे के 64,000 पेड़ों की ली जायेगी बलि
x

हनुमान सेतु से लेकर निशातगंज तक गोमती किनारे लगे पेड़ों को काटा जायेगा Defence Expo 2020 के लिए, नगर निगम ने कहा प्रदर्शनी खत्म होने के बाद लगा दिये जायेंगे दोबारा पेड़...

जनज्वार। Defence Expo 2020 के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित गोमती नदी के किनारे के तकरीबन 64,000 पेड़ों को कटाने की तैयारियां चल रही हैं। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक नगर निगम ने डिफेंस एक्सपो के लिए एलडीए से 63,799 पेड़ काटने के लिए पत्र लिखा है।

गौरतलब है कि डिफेंस एक्सपो के दौरान सैन्य उपकरणों (Defence Equipments) का प्रदर्शन किया जाता है। सैन्य उपकरणों की नुमाइश और अन्य सुविधाओं के लिए 64 हजार पेड़ों को काटने की तैयारी वो भी ऐसे वक्त में की जा रही है, जबकि बड़े पैमाने पर प्रदूषण व्याप्त है और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की जरूरत है।

र्यावरणविद बढ़ते प्रदूषण और घटते पेड़-पौधों को लेकर लगातार चेता रहे हैं। सैन्य उपकरणों को दिखाने लिए गोमती नदी के किनारे हनुमान सेतु से लेकर निशातगंज तक पेड़ हटाने का प्रस्ताव नगर निगम ने लखनऊ विकास प्राधिकरण को भेजा गया है। कहा जा रहा है कि डिफेंस एक्सपो खत्म होने के बाद गोमती नदी के किनारों पर फिर से नये पेड़ लगा दिये जायेंगे।

स बारे में जानकारी के लिये जब जनज्वार ने एलडीए प्रबंधन से बात की तो उसका कहना था कि इस तरह की जानकारी सामने आयी हैं, मगर हमें अभी इस बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है।

जानकारी के मुताबिक लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (LDA) ने दोबारा पेड़ लगाने के लिए नगर निगम से 59 लाख रुपए मांगे हैं। एलडीए का कहना है कि गोमती के किनारे इन पेड़ों को लगाने के लिए 59,06,827 रुपए खर्च किए गए थे। इसके लिए एलडीए सचिव एमपी सिंह ने नगर आयुक्त को पत्र भी लिखा है।

गौरतलब है कि नगर आयुक्त से खर्च हुई रकम की मांग उस पत्र के बाद की गई, जिसमें नगर निगम ने डिफेन्स एक्सपो के आयोजन के लिए गोमती तट पर लगे पौधों को किसी और जगह विस्थापित करने की बात कही थी। सचिव ने पैसे की मांग के साथ ही नगर निगम को सिंचाई और वन विभाग से भी एनओसी लेने की बात कही है।

लडीए सचिव एमपी सिंह ने कहा कि सर्दी का मौसम होने के कारण पौधों को विस्थापित किया जाना बिल्कुल भी संभव नहीं है। इससे पौधे, हरियाली और लैंडस्केपिंग नष्ट हो जाएं इसलिए हरियाली लगाने के लिए दोबारा पैसों की जरूरत पड़ेगी।

गर निगम को 15 जनवरी तक गोमती तट सेना को Defence Expo 2020 के लिए सौंपना है। इसके लिए संबंधित विभागों को जिलाधिकारी द्वारा गुरुवार 28 नवंबर को संबंधित विभागों को दिए हैं। डीएम ने यह भी कहा है कि गोमती के दोनों तटों पर लोगों के बैठने की व्यवस्था करनी होगी, हालांकि इसे पहले एक तरफ प्रस्तावित किया गया था।

गौरतलब है कि Defence Expo 2020 में बड़ी संख्या में कई देशों के प्रतिनिधि हिस्सेदारी करने वाले हैं। इतना ही इस प्रदर्शनी में विदेशी और स्वदेशी कंपनियां अपने अत्याधुनिक हथियार एग्जीविशन में रखेंगी।

खनऊ में अगले साल 5-8 फरवरी के बीच आयोजित होने वाले 11वें डिफेंस एक्सपो इंडिया-2020 का थीम 'भारत उभरता हुआ रक्षा विनिर्माण केंद्र' रखा गया है। बड़े गर्व से प्रचारित किया जा रहा है यह हमारे लिये बड़ी उप​लब्धि है, मगर इस बात का कोई जिक्र तक नहीं किया जा रहा है कि इसके लिए 64 हजार पेड़ों की बलि चढ़ा दी जायेगी।

Next Story

विविध