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रिपब्लिक भारत पर 20 लाख का जुर्माना, क्या झूठ और नफरत फैलाने वाली गोदी मीडिया पर कोई असर होगा?

Janjwar Desk
25 Dec 2020 8:56 AM GMT
रिपब्लिक भारत पर 20 लाख का जुर्माना, क्या झूठ और नफरत फैलाने वाली गोदी मीडिया पर कोई असर होगा?
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मोदी राज में फलता-फूलता गोदी मीडिया

झूठ और नफरत का अभियान चलाने वाले टीवी चैनलों को भले ही BJP सरकार सर आंखों पर बिठाकर विज्ञापनों से पुरस्कृत करती है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इन चैनलों की इज्जत दो कौड़ी की भी नहीं रह गई है....

वरिष्ठ पत्रकार दिनकर कुमार की रिपोर्ट

जनज्वार। हेट स्पीच मामले में रिपब्लिक भारत टीवी पर ब्रिटेन में जुर्माना लगाए जाने की खबर से स्पष्ट हो गया है कि भारत में मोदी सरकार की तरफ से झूठ और नफरत का अभियान चलाने वाले टीवी चैनलों को भले ही भाजपा सरकार सर आंखों पर बिठाकर विज्ञापनों से पुरस्कृत करती है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इन चैनलों की इज्जत दो कौड़ी की भी नहीं रह गई है। इतना ही नहीं, जुर्माने के फैसले से यह भी साफ हो गया है कि मोदी राज के इन गुलाम चैनलों की नफरत और गंदगी को सिर्फ भारत में ही खुली छूट मिली हुई है।

कायदे से इन चैनलों को लोकतंत्र की बुनियाद को दीमक की तरह कुरेदने के जुर्म में दंडित किया जाना चाहिए। लेकिन मोदी सरकार के भोंपू बन चुके इन चैनलों ने पत्रकारिता धर्म को दफन कर गोयबल्स की भूमिका का चयन कर लिया है। रिपब्लिक भारत पर जुर्माना लगाए जाने से गोदी मीडिया के चरित्र में किसी तरह के बदलाव की उम्मीद नहीं की जा सकती। गोदी मीडिया की पूंछ जब भी कहीं दबेगी तो वह सैकड़ों बार माफी मांग लेगी। संघ परिवार से यही गुण उसे विरासत में मिला है।

यह सामने आने के बाद कि ब्रिटिश मीडिया पर नजर रखने वाले वाचडॉग ऑफकॉम ने पिछले साल प्रसारित एक कार्यक्रम में पाकिस्तानी लोगों के खिलाफ अभद्र भाषा के प्रयोग लिए अर्नब गोस्वामी द्वारा चलाए जा रहे रिपब्लिक भारत टीवी चैनल पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, उनकी तुलना हिंदुत्व के नायक सावरकर के साथ की जा रही है, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों को कई बार माफीनामा जारी करके जेल से रिहाई सुनिश्चित की थी। दूसरी तरफ गोस्वामी ने ऑफकॉम से 280 बार माफी मांगी, फिर भी वह जुर्माने को टाल नहीं पाये।

एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल प्रसारित एक कार्यक्रम में, गोस्वामी और कुछ मेहमानों ने इस विचार को व्यक्त किया कि सभी पाकिस्तानी लोग आतंकवादी हैं। चैनल के परामर्श संपादक गौरव आर्य ने कहा: "उनके वैज्ञानिक, डॉक्टर, उनके नेता, राजनेता सभी आतंकवादी हैं। यहां तक कि उनके खेल के लोग भी। यह पूरा राष्ट्र आतंकवादी है। मुझे नहीं लगता कि कोई भी बचा रह गया है। आप एक आतंकवादी इकाई के साथ काम कर रहे हैं।"

नियामक ने "जनरल सिन्हा" के रूप में पहचाने जाने वाले मेहमानों में से एक द्वारा की गई टिप्पणियों का भी उल्लेख किया, जिन्होंने पाकिस्तान के लोगों को "भिखारी" के रूप में संदर्भित किया और सैन्य हमले की धमकी दी।

ऑफकॉम ने कहा कि कार्यक्रम की सामग्री "संभावित रूप से आक्रामक थी और संदर्भ द्वारा पर्याप्त रूप से उचित पुष्टि नहीं की गई थी"। इसमें कहा गया है कि टिप्पणियां "केवल राष्ट्रीयता के आधार पर पाकिस्तानी लोगों की असहिष्णुता पर आधारित घृणा के भाव थे" और दर्शकों के बीच पाकिस्तानी लोगों के प्रति असहिष्णुता को बढ़ावा दिया गया और उचित ठहराया गया।

यूके के नियामक ने "पाक" शब्द के उपयोग पर भी ध्यान दिया, जिसमें कहा गया कि यह एक नस्लवादी शब्द था और ब्रिटेन के दर्शकों के लिए अस्वीकार्य था।

जुर्माना लगाने के दौरान ऑफकॉम ने नोट किया कि चैनल ने मीडिया दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए 280 बार माफी जारी की थी। "लाइसेंसधारी ने ऑफकॉम को यह भी सूचित किया कि यह उल्लंघनों का निवारण करने के लिए एक माफी प्रसारित करता है और हमारे सभी दर्शकों के लिए अफसोस को व्यक्त करता है "। यह कहा गया कि माफी 26 फरवरी 2020 और 9 अप्रैल 2020 के बीच दिन के सभी घंटों में कुल 280 बार प्रसारित की गई थी।

गोस्वामी के टीवी चैनल की ओर से प्रसारित माफीनामे में बताया गया, "संचार नियामक, संचार कार्यालय ने 6 सितंबर, 2019 को पूछता है भारत के एपिसोड को देखने के बाद पाया कि कार्यक्रम में कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिससे हो सकता है दर्शकों को परेशानी हुई है। रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क माफी माँगता है अगर उन शब्दों से किसी भी धर्म या व्यक्ति विशेष को चोट पहुँचती है।"

ये जुर्माना 'हेट स्पीच' के मामले में लगाया गया है। इस चैनल पर नियमों का उल्लंघन को लेकर यह जुर्माना लगाया गया है। वर्ल्डव्यू मीडिया नेटवर्क लिमिटेड के खिलाफ आदेश जारी करते हुए ऑफिस ऑफ कम्युनिकेशन्स ने कहा, 'पूछता है भारत शो नियम 2.3, 3.2 और 3.3 का उल्लंघन करता है। इस शो में बहुत सारी बिना मतलब की हेट स्पीच है और यह बहुत ही भड़काऊ है।'

ऑफकॉम ब्रॉडकास्टिंग कोड के नियम 2.3 के अनुसार, किसी ब्रॉडकास्टर को सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी भड़काऊ बात कॉन्टेक्स्ट को जस्टिफाइ करनी चाहिए। किसी धर्म या मान्यता के खिलाफ भेदभावपूर्ण और गलत भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

जबकि नियम 3.2 कहता है कि हेटस्पीच वाले पार्ट को ब्रॉडकास्ट नहीं करना है। अगर कॉन्टेक्स्ट जस्टिफाइड हो तो इसे चलाया जा सकता है। वहीँ, नियम 3.3 कहता है कि किसी व्यक्ति, ग्रुप धर्म या समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और भद्दी टिप्पणी को ब्रॉडकास्ट नहीं करना है।

चैनल के खिलाफ सुनाए गए आदेश में कहा गया है कि पाकिस्तानी लोगों के खिलाफ 'पूछता है भारत शो' में आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की गई है। उनके अपमान का आधार केवल उनकी नागरिकता थी। आदेश में कहा गया है कि 'कार्यक्रम में कही गई बातों से किसी की भी भावनाओँ को ठेस पहुंच सकती है। ऑफकॉम की नजर में यह अपराध है, इस शो ने लोगों का अपमान किया गया है। यह हेट स्पीच का मामला है। भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच यह भेदभाव को बढ़ाने वाला है।'

इस आदेश में यह भी कहा गया है कि मीडिया कंपनी ने माना है कि जानबूझकर नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया और चैनल के सीनियर मैनेजमेंट को भी यह बात नहीं पता है। वहीँ, ऑफकॉम ने चैनल को दो महीने का नोटिस दिया है औऱ कहा है कि अपने ब्रॉडकास्ट को नियंत्रित करें। इस शो को लेकर पाकिस्तानी लोगों के लगातार फोन आ रहे हैं और वे इसपर आपत्ति जता रहे हैं।

इस आदेश में यह भी बताया गया है कि वर्ल्ड-वाइड मीडिया के खिलाफ एक ही ब्रॉडकास्ट को लेकर जुर्माना लगाया गया है। इस बारे में चैनल ने फैसला लिया है कि भविष्य में वह नियमों का पालन करने की कोशिश करेगी और कुछ डिबेट का लाइव ब्रॉडकास्ट नहीं करेगी।

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