UP : मुख्यमंत्री योगी बोले बदायूं की घटना अति निंदनीय, अभियुक्तों पर की जायेगी कठोर कार्रवाई
जनज्वार। उत्तर प्रदेश के बदायूं में महिला के साथ हुई जघन्य वारदात की चौतरफा निंदा हो रही है। बदायूं में 3 जनवरी को मंदिर पूजा करने गयी एक 50 साल की महिला के साथ पहले पुजारी ने अपने चेले और ड्राइवर के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर उसके गुप्तांग में लोहे की रॉड डाल दी। उसके बाद खून से लथपथ हालत में महिला को शाम को उसके घर के बाहर फेंक गये।
अपराधियों का अपराध तो जघन्य था ही, इसके पुलिस की भूमिका भी कम असंवेदनशील नहीं थी। 18 घंटे तक महिला की लाश घर के बाहर पड़ी रही। परिजनों और आस—पड़ोस के लोगों के हो—हंगामे के बाद लाश का पोस्टमार्टम किया गया, जिसकी रिपोर्ट ने अधिकारियों को भी चौंका दिया। महिला के साथ नृशंसता की हदें पार करते हुए उसके गुप्तांग में लोहे की रॉड डाली गयी। इतना ही नहीं उसके शरीर के कई अन्य हिस्से भी क्षतिग्रस्त किये गये।
जनपद बदायूं की घटना अत्यंत निंदनीय है।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 6, 2021
अभियुक्तों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।@adgzonebareilly को घटना के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा UP-STF को विवेचना में सहयोग करने हेतु निर्देशित किया है।
इस घटना के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अब इस मामले में आज 6 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खेद व्यक्त करते हुए ट्वीट किया है, 'जनपद बदायूं की घटना अत्यंत निंदनीय है। अभियुक्तों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। @adgzonebareilly को घटना के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा UP-STF को विवेचना में सहयोग करने हेतु निर्देशित किया है। इस घटना के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।'
घटनाक्रम के मुताबिक 3 जनवरी की शाम 50 साल की आंगनबाड़ी सहायिका मंदिर में पूजा करने गई थी। इस दौरान मंदिर पर मौजूद महंत सत्यनारायण, चेला वेदराम व ड्राइवर जसपाल ने गैंगरेप की जघन्य वारदात को अंजाम दिया और 3 जनवरी की रात को ही अपनी गाड़ी से आंगनबाड़ी सहायिका की खून से लथपथ लाश उसके घर फेंक कर फरार हो गए।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं। साथी ही प्राइवेट पार्ट में रॉड जैसी चीज डालने की भी बात सामने आ रही है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथी ही एसएसपी संकल्प शर्मा ने लापरवाह थानाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप को निलंबित किया है। जबकि 2 आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
गैंगरेप पीड़ित आंगनबाड़ी सहायिका के शरीर पर चोट के गम्भीर निशान भी मिले हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पसली,पैर फेंफड़े भी डैमेज हुए हैं। गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में लापरवाही बरतने व घटना को दबाने के मामले में थानाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह को एसएसपी संकल्प शर्मा ने निलंबित कर दिया है।
थानाध्यक्ष ने पुलिस के आलाधिकारी को ग़ुमराह करते हुए बताया था कि महिला की कुएं में गिरने से मौत हुई है, लेकिन ग्रामीणों व परिजनों के हंगामे के बाद थानाध्यक्ष की लापरवाही उजगार हुई। जब एसएसपी ने संकल्प शर्मा ने थानाध्यक्ष को निलंबित कर कार्यवाही की है।