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राजनीति

तृणमूल के एक और विधायक हुए बागी, प्रशांत किशोर को बताया पार्टी चलाने वाला भाड़े का आदमी

Janjwar Desk
30 Nov 2020 4:54 AM GMT
तृणमूल के एक और विधायक हुए बागी, प्रशांत किशोर को बताया पार्टी चलाने वाला भाड़े का आदमी
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 तृणमूल कांग्रेस विधायक जोटू लाहिड़ी.

तृणमूल विधायक जोटू लाहिड़ी ने सवाल उठाया है कि प्रशांत किशोर की टीम के लोगों को 40 से 45 हजार हर महीने तनख्वाह दी जा रही है, आखिर वह पैसा कहां से आ रहा है...

जनज्वार। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जब से चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर को पार्टी के चुनाव प्रबंधन की जिम्मेवारी सौंपी है तब से एक के बाद एक नेता बागी तेवर अपनाते जा रहे हैं। अब हावड़ा के शिवपुर विधानसभा क्षेत्र के तृणमूल कांग्रेस विधायक जोटू लाहिड़ी ने प्रशांत किशोर के रवैये के खिलाफ बागी तेवर अपना लिया है और कहा है कि किराये का व्यक्ति पार्टी को संचालित कर रहा है।

जोटू लाहिड़ी ने कहा है कि पार्टी का कामकाज संचालित करने के लिए बाहर से किसी व्यक्ति को लाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा है कि हम ममता बनर्जी के नेतृत्व में काम करने के लिए तृणमूल कांगे्रेस में शामिल हुए थे और उन्हें ही पार्टी के संचालन की जिम्मेवारी संभालनी चाहिए। जोटू लाहिड़ी ने कहा कि प्रशांत किशोर की टीम हम विधायकों को कामकाज के संबंध में निर्देश देती है जो उचित नहीं है। उन्होंने कह कि निर्वाचित विधायकों के लिए यह अपमानजनक है।

उन्होंने हाल में तृणमूल कांग्रेस की सदर इकाई में हुए फेरबदल को अनुचित बताया। हाल में सदर जिलाध्यक्ष पद से सहकारिता मंत्री अरूप राय को हटा दिया गया था और उनकी जगह लक्ष्मीरतन शुक्ला को जिम्मेवारी दी गई।

जोटू लाहिड़ी ने कहा कि प्रशाांत किशोर की टीम में काम करने वाले लोगों को 40 से 45 हजार रुपये महीने की तनख्वाह दी जा रही है, यह पैसा कहां से आ रहा है और इसका भुगतान कौन कर रहा है। उन्होंने कहा कि किराये के व्यक्ति को लाकर पार्टी का कामकाज सौंप दिया गया है।

उन्होंने दो साल से हावड़ा नगर निगम का चुनाव नहीं कराने पर सवाल उठाया और कहा कि इससे महानगर वासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित पार्षद नहीं होने से जनता को विधायक के पास जाना पड़ता है, उनके कामकाज नहीं हो पाते लेकिन उनकी समस्याओं पर किसी का ध्यान नहीं हैं।

जोटू लाहिड़ी ने कहा कि पार्टी के अंदर वे खुद कई बार अपमानित हुए हैं और इसका खामियाजा 2021 के चुनाव में पार्टी को भुगतना होगा। उन्होंने कहा कि अब भी वक्त है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं पार्टी का कामकाज संभाल लें।

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