उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स का सनसनीखेज दावा-पिरान कलियर में चलता है सेक्स रैकेट, ड्रग्स माफियाओं का बन चुका है अड्डा

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष ने बुल्डोजर का नाम रखा ‘धाकड़ धामी’, कहा अवैध कब्जा हटाने हैं बहुत जरूरी (photo : fb)
Uttarakhand Waqf Board Shadab Shams : उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र बने रुड़की स्थित पिरान कलियर को सेक्स रैकेट का अड्डा बताते हुए कहा है कि उत्तराखंड के छठे धाम कहे जाने वाले कलियर में अनैतिक कार्य जमकर किए जा रहे हैं। उन्होंने कलियर को ड्रग माफियाओं का बड़ा केंद्र बताते हुए ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाने की भी बात कही है।
सोमवार 12 सितंबर को यह सनसनीखेज बयान देने वाले बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स का कहना था कि कलियर के अंदर ह्यूमन ट्रैफिकिंग के साथ ही कई सारे ऐसे मामले सामने आए हैं, जो बर्दाश्त करने के लायक नहीं है। उनका साफतौर से कहना था कि पिरान कलियर में जायरिनों की बहुत बड़ी आस्था है, लेकिन यहां पर मानव तस्करी के साथ.साथ देह व्यापार की भी कई घटना सामने आ चुकी हैं।
शम्स ने चेताया कि धामी सरकार इन सभी गलत कामों पर नकेल कसने जा रही है। बेगुनाह को छेड़ेंगे नहीं और गलत काम करने वाले लोगों को छोड़ेंगे नहीं। शम्स का कहना है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत हर तरह की गंदगी को साफ किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धाम ने भी उन्हें अधिकृत कर दिया है। शम्स ने कहा कि पाक कलियर में गलत आदमी को किसी भी सूरत में रुकने नहीं दिया जाएगा। ऊपर से लेकर नीचे तक धामी का बुलडोजर चलेगा। उनका कहना था कि यह सीएम धामी की सरकार है और किसी भी सूरत में भ्रष्टचारियों, देह व्यापार और ड्रग का व्यापार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
शम्स ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में हजारों एकड़ वक्फ भूमि पर अवैध रूप से कब्जा है। इन सभी अवैध कब्जाधारियों को नोटिस दिया जा रहा है। इसके बाद इन्हें हटाने की कार्रवाई अगले सप्ताह कभी भी शुरू कर दी जाएगी। बोर्ड 15 सितंबर को होने वाली अपनी बैठक में पूरे राज्य में वक्फ जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए जरूरी बुलडोजर खरीदने या किराए पर लेने का प्रस्ताव पेश करेगा। इस कार्रवाई की शुरुआत देहरादून के प्रेमनगर नाम की उस जगह से होगी, जहां वक्फ की 14 बीघा जमीन पर अलीगढ़ से आए लोगों का कब्जा है।
यह लोग सालों पहले यहां सेलाकुई क्षेत्र में कारखानों में काम करने आए थे और यहीं पर इन्होंने अपना घर बना लिया था। ऐसे दो सौ परिवार हैं, जिनके बारे में कोई कुछ नही जानता। इन्हीं संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले लोगों पर बोर्ड की पहली कार्यवाही होगी।
गंगा नदी के तट पर स्थित पिरान कलियर है करोड़ों आस्थाओं का केंद्र
पिरान कलियर दरगाह उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर गंगा नदी के तट पर पिरान कलियर नाम की जगह पर स्थित है। पूरे देश को मानवता और एकता का संदेश देने वाली पिरान कलियर को कलियर शरीफ के नाम से भी जाना जाता है। सूफी संत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर की कब्र पर हर साल अलीकतमंदों के लिए उर्स का आयोजन किया जाता है।
मुस्लिम समुदाय के साथ साथ हिंदू धर्म के लोग भी यहां चादर चढ़ाते हैं तथा मन्नत मांगते हैं। कलियर शरीफ में लोगों की मुरादें पूरी होने के साथ ही यहां जिन्न और भूत प्रेतों को सरेआम फांसी दिए जाने का रिवाज भी है। दरगाह में एक गूलर का पेड़ भी लगा है, जिसको लेकर अंधविश्वास यह है कि इस पेड़ का गूलर खाने से बेऔलाद दंपत्ति को औलाद मिल जाती है। आस्था के हर केंद्र की तरह यहां भी यही माना जाता है कि साबिर की दरगाह में जो भी मन्नत मुरादे लेकर पहुंचते हैं उन्हें खाली हाथ नहीं लौटना पड़ता है।





