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Hanuman Chalisa Row : 'मुश्किल है अब इस मुल्क में अमन की वापसी, बादशाह खुद यहां मुर्गे लड़ाता है..', शिवसेना ने सामना में बोला हमला

Janjwar Desk
24 April 2022 9:14 AM GMT
Kashmiri Target Killing : घाटी में नागरिकों की रक्षा नहीं कर सकती BJP, शिवसेना का केंद्र सरकार पर हमला
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Kashmiri Target Killing : घाटी में नागरिकों की रक्षा नहीं कर सकती BJP, शिवसेना का केंद्र सरकार पर हमला

Hanuman Chalisa Row : शिवसेना ने अपने मुखपत्र में लिखा कि धार्मिक घृणा के मामले में हिंदुस्तान का चरित्र अफगानिस्तान से ज्यादा बिगड़ गया है, अफगानिस्तान की बागडोर जिस प्रवृत्ति के लोगों के हाथ में है, वैसी तस्वीर भविष्य में हमारे देश में निर्माण हो सकती है .....

Hanuman Chalisa Row : महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर और हनुमान चालीसा को लेकर चल रहे विवाद में बांद्रा के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की हॉलिडे एंड संडे कोर्ट अमरावति सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) और उनके विधायक पति रवि राणा (Ravi Rana) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। इस मुद्दे को लेकर अब जमकर सियासत हो रही है। इस बीच शिवसेना (Shivsena) ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि लाउडस्पीकर, रामनवमी, हनुमान चालीसा जैसे विवैद देश को डुबोने वाली साजिश है। महंगाई और बेरोजगारी देश का प्रमुख मुद्दा है उससे ध्यान भटकाने के लिए बादशाह मुर्गे लगा रहा है।

सामना में लिखा गया है कि बेरोजगारी व महंगाई (Unemployement And Inflation) के मोर्चे पर आंदोलन होने चाहिए। देश को इस पर चर्चा करनी चाहिए लेकिन हनुमान चालीसा और मस्जिदों में लाउडस्पीकर (Loudspeaker In Mosque) के मामले को लेकर आंदोलन हो रहे हैं।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना (Samna) में आगे लिखा कि धार्मिक घृणा के मामले में हिंदुस्तान का चरित्र अफगानिस्तान (Afghanistan) से ज्यादा बिगड़ गया है। अफगानिस्तान की बागडोर जिस प्रवृत्ति के लोगों केहाथ में है, वैसी तस्वीर भविष्य में हमारे देश में निर्माण हो सकती है और वैसी तस्वीर आज दिखाई भी देने लगी है। यहां तक कि गरीबी और भुखमरी (Poverty And Starvation In India) के मामले में हिंदुस्तान ने पाकिस्तान और बांग्लादेश को भी पीछे छोड़ दिया है।

सामना में लिखा गया है कि महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान भटकाने के लिए दंगे (Communal Riots) का सहारा लिया जा रहा है। लाखों पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को ट्रोलर बनाने का काम दिया गया है। यही अब रोजगार है। देश में धार्मिक कलह और नफरत किस स्तर पर पहुंच गई है? और हमारे प्रधानमंत्री इस पर आज भी चुप हैं। सामने में आगे लिखा गया है कि मुश्किल है अब इस मुल्क में अमन की वापसी, बादशाह खुद यहां मुर्गे लड़ाता है।

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