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राजनीति

बैलट पेपर से हों चुनाव तो कितने प्रासंगिक होंगे #Desh_Ka_Gaddar_RSS और #GoBackModi जैसे ट्रेंड

Janjwar Desk
30 March 2021 5:33 AM GMT
बैलट पेपर से हों चुनाव तो कितने प्रासंगिक होंगे #Desh_Ka_Gaddar_RSS और #GoBackModi जैसे ट्रेंड
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देश की जनता ने मोदी गो बैक के साथ भाजपा की मदर शाखा आरएसएस को गद्दार तक बता डाला, कमाल की बात ये है कि भाजपा का आईटी सेल भी इन ट्रेंडों को रोकने और अपने आकाओं की खुशी में बढ़ोत्तरी नहीं कर पाता है...

जनज्वार ब्यूरो। कल देशभर में होली का जश्न मनाया जा रहा था। ट्वीटर, फेसबुक, व्हाट्सएप्प सहित जितने भी सोशल मंच हैं सब रंगों से भरे नजर आ रहे थे। तो आज सुबह होते ही #देश का गद्दार RSS और #गो बैक मोदी ट्रेंड कर रहा है। किसी ने किसानों को लेकर सरकार को कोसा तो किसी ने मोदी की झूठी छवि को लेकर लपेटा। पीएम की बांग्लादेश की रैली के बाद एक खोजी पत्रकार ने बाकायदा तिहाड़ प्रशासन को आरटीआई तक डाल दी। यह पूछने के लिए की क्या मोदी बांग्लादेश की आजादी यानी 1971 में जेल आए थे। आए थे तो किन धाराओं में?

देश की जनता ने मोदी गो बैक के साथ भाजपा की मदर शाखा आरएसएस को गद्दार तक बता डाला। कमाल की बात ये है कि भाजपा का आईटी सेल भी इन ट्रेंडों को रोकने और अपने आकाओं की खुशी में बढ़ोत्तरी नहीं कर पाता है। कोशिश तो भरपूर रहती होगी की इस तरह के ट्रेंड ना हों या मन की बात में डिस्लाईक ना आएं , लेकिन सब नाकाम होता है। सही मायने में देखा जाए तो यदि देश के तमाम चुनाव ईवीएम मशीनो से ना होकर बैलट पेपर से हो जाएं तो दूध का दूध पानी का पानी साफ हो जाएगा। ऐसा जनता का मूड और ट्रेंड देखकर कहा जा सकता है।

मधु नाम की ट्वीटर यूजर लिखती हैं कि 'विरोध प्रदर्शनों के दौरान 300 से अधिक किसानों ने अपने प्राणों की आहुति दी, लेकिन सरकार अभी भी चुप और बेशर्म है। भारत कभी नहीं भूलेगा रास्ता, यह हमारे किसानों का इलाज। किसान जीतेंगे, मोदी हारेंगे!!' #StopHateAgainstFarmers #GoBackModi

प्रवीन सिंह चौहान लिखते हैं कि 'ब्रैम्पटन में किसान समर्थकों को देखकर मोदी समर्थक भाग खड़े हुए !! जब आप किसी ऐसी चीज के लिए लड़ते हैं जिस पर आप विश्वास करते हैं और नैतिक रूप से आप मजबूत होते हैं और हार नहीं मानेंगे !!' #GoBackModi #Desh_Ka_Gaddar_RSS

विजय प्रकाश लिखते हैं 'भारत को पूरी तरह बर्बाद करने वाली 7 चीजें1- 'मोदी झूठ बोलता है, 2- मोदी के 8 बजे के भाषण, 3- अमित शाह की चाणक्य नीती, 4- निर्मला का अर्थशास्त्र, 5- गोडिया का प्राइम टाइम, 6- RSS फर्जी राष्ट्रवाद, 7- कोई और कारण की आवश्यकता नहीं है। # सरकार_ MSP_ केंद्र_खोलो #Desh_Ka_Gaddar_RSS #GoBackModi

के मलमरुगन लिखते हैं कि हर चुनावी मौसम के अंत में, भारतीय अधिक विभाजित हो जाते हैं; और विभाजन और भी अधिक तीव्र और बेलगाम हो जाता है। विभाजित समाज निश्चित रूप से समृद्ध नहीं हो सकते हैं और अंततः ढह जाएंगे। मोदी का आगमन भारतीय गणराज्य के अंत की शुरुआत का प्रतीक है। #GoBackModi

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