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Loudspeakers Controversy : AIMIM चीफ ओवैसी ने भाजपा-शिवसेना पर साधा निशाना, कहा - '2 भाइयों का झगड़ा, मुसलमानों को न घसीटें'

Janjwar Desk
1 May 2022 2:03 AM GMT
असदुद्दीन ओवैसी का मोदी सरकार पर निशाना, कहा- मोदी सरकार झूठी है, दस्तावेज शेयर कर पूछे कई सवाल
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असदुद्दीन ओवैसी का मोदी सरकार पर निशाना, कहा- मोदी सरकार झूठी है, दस्तावेज शेयर कर पूछे कई सवाल

Loudspeakers Controversy : भारत के मुसलमानों को कोई पंचिंग बैग नहीं बना सकता। मुसलमानों का कट्टर होना देश के लिए अच्छा नहीं होगा।

Loudspeakers Controversy : देशभर में लाउडस्पीकर को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ( Asaduddin Owaisi ) ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने लाउडस्पीकर को लेकर भाजपा शिवसेना पर हमला बोला। भाजपा-शिवसेना ( BJP-Shiv Sena ) जब सत्ता में थी तब उन्हें लाउडस्पीकर की समस्या ( Loudspeaker Controversy ) का अहसास नहीं था। सच यह है कि भाजपा द्वारा नफरत को संस्थागत बनाया जा रहा है। राज ठाकरे सिर्फ नफरत के इस संस्थानीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं।

AIMIM प्रमुख ओवैसी ( AIMIM Chief Owaisi ) ने कहा कि संजय राउत अपनी लड़ाई में मुझे न घसीटें। उन्हें राज ठाकरे ( Raj Thackeray ) को भड़काने के लिए हिंदू ओवैसी के रूप में मेरा नाम नहीं लेना चाहिए। यह ठाकरे के परिवार की अंदरूनी कलह है। उन्हें इसका समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए।

मुस्लिमों को न दें सामूहिक सजा

एआईएमआईएम चीफ ओवैसी ( Asaduddin Owaisi ) यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि मुसलमान कट्टर हो जाएगा तो देश के लिए अच्छा नहीं है। महाराष्ट्र में शांति व्यवस्था कायम रहे इसके लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए। मुस्लिम समुदाय को बेवजह सामूहिक सजा दी जाती है। राज्यों में अब लोकतंत्र नहीं बल्कि बुलडोजर का शासन है। अगर कोई मुसलमान कट्टर हो जाएगा तो यह देश के लिए अच्छा नहीं होगा। केंद्र और राज्यों की सरकारों के लिए कानून व्यवस्था का मसला सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ खिलवाड़ किया जाना सही नहीं है। महाराष्ट्र में शांति बनाए रखने के लिए सरकार जिम्मेदार है।

भाजपा को किया आगाह, कहा - मुसलमान कोई पंचिंग बैग नहीं

Loudspeakers Controversy : औरंगाबाद में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों को कोई पंचिंग बैग नहीं बना सकता। ऐसा करने की हिम्मत किसी में नहीं है। सभी पार्टियों में यह साबित करने की होड़ है कि कौन ज्यादा हिंदू है। अगर मैं कहूं कि मैं पीएम आवास के सामने नमाज अता करना चाहता हूं तो मुझे वहां तैनात बल द्वारा गोली मार दी जाएगी। अगर हम कहते हैं कि हम सभी भाजपा नेताओं के सामने प्रार्थना करेंगे, तो यह उचित नहीं है लेकिन ऐसी परिस्थितियों में राजद्रोह कानून भी साबित नहीं होता है। सुप्रीम कोर्ट इसकी बारीकी से जांच कर रहा है।

सांसद राणा दंपत्ति पर देशद्रोह के आरोप पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इसकी जांच कर रहा है। राणा दंपत्ति को उद्धव ठाकरे के घर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने की चुनौती देने से बचना चाहिए। इसके बावजूद राणा दंपत्ति पर देशद्रोह के आरोपों को साबित करना बहुत मुश्किल है।

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