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राजनीति

Omar abdullah ने मोदी पर साधा निशाना, कहा - 'धर्म के नाम पर नफरत का माहौल देश की सेहत के लिए ठीक नहीं'

Janjwar Desk
28 April 2022 10:18 AM GMT
Omar abdullah ने मोदी पर साधा निशाना, कहा - धर्म के नाम पर नफरत का माहौल देश की सेहत के लिए ठीक नहीं
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Religious freedom : धर्म के नाम पर दूसरे धर्म के लोगों पर नियंत्रण का यह तरीका, असहिष्णुता का माहौल देश की सेहत के लिए अच्छा नहीं है।

नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से धर्म के नाम पर जारी विवाद के बीच जम्मू-कश्मीर ( Jammu kashmir ) के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ( Omar abdullah ) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है धर्मिक स्वतंत्रता ( Religious Freedom ) भारतीय लोकतंत्र की एक पहचान है। भारत एक बड़ा लोकतंत्र है लेकिन लोकतंत्र केवल शब्दों में नहीं हो सकता बल्कि व्यवहार में दिखना भी चाहिए। धर्म के नाम पर दूसरे धर्म के लोगों पर नियंत्रण का यह तरीका, असहिष्णुता का माहौल देश की सेहत के लिए अच्छा नहीं है।

कश्मीर को कोई भी क्षेत्र आतंक से अछूता नहीं

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ( Omar abdullah ) ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर मुश्किल दौर से गुजर रहा है। घाटी में सुरक्षा की स्थिति चिंता का विषय है। कश्मीर में ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जो आतंकवाद से मुक्त हो। पर्यटन को छोड़कर बहुत कम आर्थिक गतिविधि है। जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी चरम पर है। जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी चरम पर है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर नियंत्रण की मोदी सरकार ( PM narendra Modi ) की नीति भारत के लिए नुकसानदेह साबित होगा।

मस्जिदों पर लाउडस्पीकर की इजाजत क्यों नहीं?

इससे पहले महाराष्ट्र में जारी लाउडस्पीकर विवाद पर उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर की इजाजत क्यों नहीं दी जा सकती? जबकि दूसरी जगहों पर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जा रहा है। लाउडस्पीकर पर बोलने के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हमें बताया जा रहा है कि हलाल मीट नहीं बेचा जाना चाहिए। आखिर क्यों? हम यह नहीं कह रहे हैं कि मंदिरों, गुरुद्वारों में माइक नहीं लगाने चाहिए। हम जो कुछ भी करते हैं, वह आपको पसंद नहीं है। जम्मू-कश्मीर में सेहरी और इफ्तार के समय बिजली कटौती कर जानबूझकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। क्या हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है? यदि आपका इरादा हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का नहीं है, तो सेहरी और इफ्तार के समय बिजली दी जाए और दिन के दूसरे घंटों में कटौती की जाए।

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