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हिमाचल भाजपा में बगावत, धवाला का ऐलान - कांगड़ा से पार्टी टिकट दे या न दे, चुनाव लडूंगा

Janjwar Desk
19 Oct 2022 10:08 AM GMT
हिमाचल भाजपा में बगावत, धवाला का ऐलान - कांगड़ा से पार्टी टिकट दे या न दे, चुनाव लडूंगा
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हिमाचल भाजपा में बगावत, धवाला का ऐलान - कांगड़ा से पार्टी टिकट दे या न दे, चुनाव लडूंगा

HP chunav 2022 : वरिष्ठ नेता रमेश धवाला ने कहा कि कांगड़ा से भाजपा टिकट न दे तो भी चुनाव लड़ूंगा। कांग्रेस में जाने के सवाल पर कहा कि उसे तो चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करूंगा।

HP Chunav 2022 : चुनाव आयोग द्वारा चार दिन पहले हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव ( Himachal pradesh Assembly Election 2022 ) के तारीखों की घोषणा के साथ ही वहां पर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इस बीच भाजपा ने 68 में से 62 सीटों के लिए अपने प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है। वहीं पार्टी ( BJP ) के कद्दावर विधायक रमेश धवाला ( Ramesh Dhawala ) ने कांगड़ा सीट पर अधिकृत उम्मीदवाद की घोषणा से पहले ही बगावत का ऐलान कर दिया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को साफ कर दिया है कि पार्टी टिकट दे तो भी सही, न दे तो भी सही। हम ज्वालामुखी या देहरा में से किसी एक पर चुनाव लड़ेंगे।

हिमाचल के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में पार्टी के वरिष्ठ नेता रमेश धवाला ( Ramesh Dhawala ) ने बगावत ( revolt in himachal bjp ) का झंडा बुलंद करते हुए कहा कि कांगड़ा की देहरा सीट से पार्टी टिकट का दावेदार हूुं। पार्टी ने 68 सीटों में से 62 टिकटों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इसमें देहरा सीट शामिल नहीं है। ऐसा पार्टी ने क्यों किया है, ये तो नेतृतव ही जाने,पर मेरा देहरा से सीट से चुनाव लड़ना तय है। कांग्रेस में जाने के सवाल पर धवाला ने कहा कि वे कांग्रेस काे चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करेंगे। वह सिर्फ देहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे।

रमेश धवाला ( Ramesh Dhawala ) ने कहा कि उन्होंने हमेशा भाजपा के अनुशासन में रहकर काम किया। इसके बावजूद पहली लिस्ट में उनके टिकट की घोषणा क्यों नहीं की गई? यह समझ से परे है। BJP के टिकटों की पहली लिस्ट में देहरा सीट से कैंडिडेट घोषित नहीं किए जाने पर देहरा भाजपा मंडल ने भी नाराजगी जताई है। मंडल नेताओं ने बुधवार को उम्मीदवार बदले जाने पर नेतृत्व को सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी भी दी है। इसके अलावा ज्वालामुखी भाजपा मंडल के नेताओं ने रविन्द्र सिंह रवि को भी टिकट न देने पर नाराजगी जताई है।

अपनी ही सरकार का विरोध करते रहे हैं धवाला

यहां पर इस बात का भी जिक्र करना जरूरी है कि भाजपा ( BJP ) विधायक रमेश धवाला हिमाचल में अपनी ही सरकार की खिलाफत करते रहे हैं। पांच साल के कार्यकाल के दाैरान रमेश धवाला ने कई बार विधानसभा के अंदर और बाहर भाजपा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी के खिलाफ ताे उन्होंने विधानसभा में ही मोर्चा खोल दिया था। 2021 में विधानसभा की 3 और मंडी संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में जब भाजपा चारों सीटें हार गई तो धवाला ने खुलकर कहा था कि हिमाचल में सरकार और भाजपा संगठन के बीच तालमेल नहीं है।

पाला बदलने में माहिर

भाजपा विधायक रमेश धवाला पहली बार 1998 के विधानसभा चुनाव में कांगड़ा जिले की ज्वालामुखी सीट से चुनाव लड़ा और जीते। 24 साल पहले कांग्रेस और भाजपा काे 31-31 सीटें मिली और दोनों ही दल बहुमत से दूर रह गए। सुखराम की पार्टी हिमाचल विकास कांग्रेस काे चार सीटें मिली। चुनाव नतीजे आने के बाद वीरभद्र सिंह ने पहल करते हुए धवाला को अपने साथ मिलाकर कांग्रेस की सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। वीरभद्र सिंह ने सीएम पद की शपथ भी ले ली मगर उसी बीच पंडित सुखराम ने BJP काे समर्थन दे दिया। उसके बाद भाजपा नेता प्रेम कुमार धूूमल ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। बाजी पलटते देख धवाला ने भी रातोंरात पाला बदलते हुए कांग्रेस की बजाय धूमल काे समर्थन देने का ऐलान कर दिया। बदले में धूमल ने बतौर इनाम धवाला काे मंत्री बना दिया।

12 नवंबर को सभी 68 सीटों पर मतदान

HP Chunav 2022 : बता दें कि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की सभी 68 सीटों पर 12 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। 8 दिसंबर को चुनावी नतीजे आएंगे। 25 अक्तूबर तक नामांकन पत्र भरे जाएंगे। नामांकन पत्रों की छंटनी 27 को होगी, जबकि 29 अक्तूबर तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे। प्रदेश में आचार संहिता लागू होते ही सरकारी घोषणाओं और नई भर्तियों पर भी रोक लग गई है।

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