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जावेद अख्तर ने RSS से की तालिबान की तुलना तो भड़का विश्व हिंदू परिषद, कहा भेज दो उन्हें अफगानिस्तान

Janjwar Desk
7 Sep 2021 8:00 AM GMT
जावेद अख्तर ने RSS से की तालिबान की तुलना तो भड़का विश्व हिंदू परिषद, कहा भेज दो उन्हें अफगानिस्तान
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आरएसएस की तुलना तालिबान से करने पर जावेद अख्तर के खिलाफ हिंदूवादियों में भारी रोष

विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना था कि जावेद अख़्तर ने RSS की तुलना तालिबान से करके बेहद शर्मनाक काम किया है, इसलिए उन जैसे लोगों को प्लेन में बैठाकर अफगानिस्तान में छोड़ देना चाहिए...

जनज्वार। गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) द्वारा आरएसएस की तुलना तालिबान से करने के बाद से तमाम हिंदूवादी संगठन भड़क गये हैं। विश्व हिंदू परिषद ने तो जावेद अख्तर का पुतला दहन कर मांग तक कर डाली है कि जावेद अख्तर को अफगानिस्तान भेज दिया जाये। पुतला फूंकने के दौरान जावेद अख्तर के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी भी की।

जानकारी के मुताबिक जावेद अख्तर के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद के दर्जनों कार्यकर्ता उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर कलेक्ट्रेट गेट पर इकट्ठा हुए और एक पुतले पर जावेद अख़्तर के पोस्टर लगाकर उसे आग के हवाले किया। जावेद अख्तर के खिलाफ नारेबाजी के साथ विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने रोड जाम करके जमकर हंगामा भी किया।

विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना था कि जावेद अख़्तर ने आरएसएस की तुलना तालिबान से करके बेहद शर्मनाक काम किया है, इसलिए उन जैसे लोगों को प्लेन में बैठाकर अफगानिस्तान में छोड़ देना चाहिए। जावेद अख्तर जैसे लोगों को भारत में रहने का कोई हक नहीं है। इतना ही नहीं विश्व हिंदू परिषद ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर जावेद अख्तर के खिलाफ सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया तो उसके कार्यकर्ता अपने स्तर पर उनसे निपटेंगे।

सोशल मीडिया पर भी जावेद अख्तर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ​हिंदूवादी संगठन उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए मुकदमा दर्ज करवाना चाहते हैं।

सुनैना भोला ने ट्वीट किया है, 'बहुत कम #कलाम हैं और अधिकांश #तालिबान के #डीएनए के साथ हैं, उनमें #पाकिस्तान के साथ मिलावट हो सकती है। वे पड़ोसी के सांप हैं और हम इसके लिए उनकी निंदा करते हैं। #जावेद अख्तर को माफी मांगनी चाहिए #जावेद_अखतर_गद्दार_है #RSS_देश_की_शान #करण जौहर कृपया कमेंट करें।'

शिवानी वडेट्टीवार ने ट्वीट​ किया है, ' सच्चाई हमेशा कड़वी होती है, लेकिन सच्चाई यही है कि एक मुस्लिम चरमपंथी है और दूसरा हिंदू चरमपंथी। एक शरिया कानून और दूसरा हिंदुत्व थोपना चाहता है। दोनों के शासन में महिलाएं पीड़ित हैं। उनमें से कोई भी लोकतंत्र नहीं चाहता है। ये दोनों दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते हैं।'

अरुण अधिकारी ने ट्वीट किया है, '#जावेद अख्तर क्या यह आदमी इतने प्रचार और मीडिया का ध्यान देने योग्य है? उसे सामाजिक तौर पर विभाजन करने का मंच न दिया जाए।'

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