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राजनीति

बंगाल चुनाव : सीताराम येचुरी ने भाजपा को हराने के लिए गैर तृणमूल मोर्चे की पैरोकारी की, दिया तर्क

Janjwar Desk
21 Nov 2020 4:25 AM GMT
बंगाल चुनाव :  सीताराम येचुरी ने भाजपा को हराने के लिए गैर तृणमूल मोर्चे की पैरोकारी की, दिया तर्क
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एक इंटरव्यू में माकपा महासचिव सीताराम चेयुरी ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस से गठबंधन की संभावना को यह कह कर खारिज कर दिया है कि इससे सत्ता विरोधी वोटों का ध्रुवीकरण भाजपा के पक्ष में हो जाएगा...

जनज्वार। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए माकपा महासचिव सीताराम चेयुरी ने गैर भाजपा - गैर तृणमूल कांग्रेस गठबंधन पर जोर दिया। माकपा महासचिव सीताराम चेयुरी ने गणशक्ति को दिए इंटरव्यू में यह संकेत दिया कि अगर पश्चिम बंगाल का चुनाव दो धु्रवों पर लड़ा गया तो सत्ताविरोधी वोटों का केंद्रीकरण भाजपा की ओर हो जाएगा और इसका उसे लाभ होगा।

उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के प्रति लोगों में गुस्सा है। उन्होंने कहा कि हिंसा और जमीनी स्तर पर लोगों को डराने को लेकर लोगों में ममता सरकार के खिलाफ तीखा गुस्सा है। ऐसे में यह कहना आत्मघाती साबित होगा कि भाजपा को हराने के लिए किसी को हार का सामना करना पड़ेगा। उस स्थिति में सभी सत्ताविरोधी वोट भाजपा की झोली में जाएंगे।

सीताराम चेयुरी ने कहा कि भाजपा के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस की लडाई की विश्वसनीयता संदिग्ध है। तृणमूल की नेता केंद्र में एनडीए सरकार में मंत्री रह चुकी हैं। ऐसे में बंगाल में सभी भाजपा विरोधी और तृणमूल विरोधी मतों को एकजुट करने की आवश्यकता है।

येचुरी ने कहा कि बिहार के चुनाव से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। वहां धर्मनिरपेक्ष ताकतों ने एक बड़ी एकता का गठन किया और आखिरकार उन्हें मात्र 0.03 प्रतिशत वोटों का लाभ मिला। इससे यह साबित हो गया है कि भाजपा अजेय नहीं है। तीनों वाम दलों का साथ बिहार में पारंपरिक चुनाव प्रचार को बदलने में सक्षम रहा है। आर्थिक सवाल सामने आये, युवाओं की बेरोजगारी के सवाल सामने आए। उन्होंने कहा कि पूरा देश यह जानता है कि वाम पार्टी सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ सबसे मजबूत आवाज हैं। धर्मनिरपेक्षता की लड़ाई में वाम पंथी पार्टियों सबसे विश्वसीनय हैं और भाजपा के खिलाफ वोट एक जगह गिरा है।

उन्होंने कहा कि तृणमूल ने ही बंगाल में भाजपा का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि माकपा की केंद्रीय समिति ने यह तय किया है कि भाजपा विरोधी व तृणमूल विरोधी मतों को एक जगह एकजुट करना है।

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