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हाथरस कांड में क्षत्रियों को किया जा रहा बदनाम, भाई ने ही की थी पीड़िता की हत्या : आरोपियों के वकील एपी सिंह का आरोप

Janjwar Desk
7 Oct 2020 2:36 AM GMT
हाथरस कांड में क्षत्रियों को किया जा रहा बदनाम, भाई ने ही की थी पीड़िता की हत्या : आरोपियों के वकील एपी सिंह का आरोप
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निर्भया मामले में दोषियों का केस लड़ चर्चा में आये अधिवक्ता एपी सिंह ने कहा है कि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री मानवेंद्र सिंह ने उन्हें हाथरस मामले में आरोपियों का मुकदमा लड़ने के लिए किया है नियुक्त...

जनज्वार। यूपी के हाथरस की पीड़िता को न्याय दिलाने की लड़ाई अब सड़क से होती हुई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। मामले में आरोपियों की तरफ से निर्भया के आरोपियों का केस लड़ने वाले वकील एपी सिंह पैरोकारी करेंगे। एपी सिंह ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए पीड़िता के परिवार पर सनसनीखेज आरोप लगाए। एपी सिंह का आरोप है कि हाथरस की पीड़िता की हत्या उसके भाई ने ही की है।

अधिवक्ता एपी सिंह ने कहा कि इस मामले में पॉलिटिक्स की जा रही है और 1 हफ्ते के बाद इस मामले में पीड़िता के परिवार से नेताओं के मिलने के बाद इस घटना में रेप की एफआईआर दर्ज करवाई गई। एपी सिंह ने कहा कि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री मानवेंद्र सिंह ने उन्हें हाथरस मामले में आरोपियों का मुकदमा लड़ने के लिए नियुक्त किया है।

एपी सिंह वहीं वकील हैं जिन्होंने दिल्ली बलात्कार कांड की निर्भया के दोषियों का केस लड़ा था। उन पर पहले ही निर्भया के मामले में केस को लटकाने और निर्भया को इंसाफ मिलने में रोड़ा अटकाने के आरोप लग चुके हैं। ऐसी सूरत में उन्होंने हाथरस के मामले में आरोपियों का वकील बनना क्यों स्वीकार किया? इस सवाल पर एपी सिंह ने कहा कि उनकी परिवार से बात हुई है, मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि हुई ही नहीं है।

जेल में बन्द आरोपियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि पीड़िता और उसकी मां के शुरुआती बयानों को देखने पर पता चलता है कि बलात्कार की बात कहीं नहीं कही गई, इसीलिए आरोपियों को इंसाफ दिलाने के लिए उन्होंने यह केस लड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि पीड़िता के शव के साथ हाथरस प्रशासन ने जो कुछ भी किया, वह मानवाधिकारों का उल्लंघन है। परिवार को अंतिम संस्कार करने के लिए शव नहीं दिया गया, जिसके लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया है, लेकिन रेप के आरोप में कई झोल नजर आ रहे हैं।

एपी सिंह का कहना है कि कई क्षत्रिय संगठनों ने उनसे संपर्क किया और कहा कि हाथरस कांड में जबरन रेप के आरोप लगाकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है, इसीलिए संगठनों और अभियुक्तों के परिजनों के आग्रह पर उन्होंने यह केस लड़ने का फैसला किया। उन्होंने यह भी कहा है कि हाथरस को राजनीतिक दलों ने पिकनिक स्पॉट बना दिया है। सभी राजनीतिक दल इस पर राजनीतिक रोटियां सेकने में लगे हुए हैं। इस मामले में इसलिए पीड़ित पक्ष के साथ ही आरोपियों को भी न्याय दिलवाने के लिए निष्पक्ष सुनवाई की जरूरत है।

वहीं एक न्यूज पोर्टल के पत्रकार ने एपी सिंह से सवाल किया की अक्सर ऐसा देखने मे क्यों आता है कि आप रेप, गैंगरेप जैसे दोषियों आरोपियों का ही केस क्यों लड़ते हैं। इस सवाल के जवाब में अधिवक्ता ने कहा 'ऐसी कोई बात नहीं है मेरे पास पीड़ित लड़कियों के भी केस आते हैं। उत्तराखंड, हरिद्वार इत्यादि तमाम जगहों पर जा-जाकर उन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलवाया है।

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