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घर से नाराज होकर गयी लड़की के साथ बाल सुधार गृह में अत्याचार, सेफ्टीपिन से कलाई पर लिख दिया नाम

Janjwar Desk
7 Jan 2021 7:25 AM GMT
घर से नाराज होकर गयी लड़की के साथ बाल सुधार गृह में अत्याचार, सेफ्टीपिन से कलाई पर लिख दिया नाम
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प्रतीकात्मक फोटो।

बाल सुधार गृह के अधिकारियोें ने आरोप से पल्ला झाड़ लिया है और इसके लिए दूसरे बाल सुधार गृह को जिम्मेवार ठहराया है। वहीं, परिजनों ने कठोर कार्रवाई की मांग की है...

जनज्वार। पश्चिम बंगाल में बाल सुधार गृह में बाल अत्याचार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें नाबालिग लड़की के हाथ पर सेफ्टीपिन से नाम लिख दिया गया। यह मामला पश्चिम बंगाल के लिलुआ बाल सुधार गृह का है। आरेाप के बाद पश्चिम बंगाल बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष अनन्या चक्रवर्ती ने बुधवार को लिलुआ बाल सुधार जाकर मामले का जायजा लिया। लड़की के परिजनों ने दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, लिलुआ बाल सुधार गृह के कर्मचारी मामले के लिए अन्य बाल सुधार गृह के जिम्मेवार होने की संभावना जता रहे हैं, जहां लड़की को शुरू में रखने की बात कही जा रही है।

जानकारी के अनुसार, 15 दिसंबर को चुुचुड़ा सिंघी की रहने वाली एक किशोर अपने माता-पिता से नाराज होकर घर से भाग गयी थी। इसके बाद हावड़ा रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने उसे लावारिस हाल में घूमते हुए पकड़ा और लिलुआ बाल सुधार गृह पहुंचाया। इसके बाद मामले की जानकारी लड़की के परिजनों को दी गयी।

इसके बाद लड़की के परिजन जब बाल सुधार गृह पहुंचे तो वहां के कर्मचारियों ने बताया कि 14 दिन बाद ही उसे घर जाने दिया जाएगा। 14 दिन की अवधि पूरी होने पर लड़की जब अपने घर पहुंची तो उसके शरीर में कटे के कई निशान मिले। इसके बाद लड़की के परिजनों ने कहा कि उनकी बेटी के हाथ पर बाल सुधार गृह के सीनियर स्टाफ ने सेफ्टीपिन से नाम लिख दिया। इस घटना को लेकर लड़की अभी भी डरी हुई है। दोषियों के खिलाफ परिजन कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मामले के तूल पकड़ने के बाद बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष अनन्या चक्रवर्ती ने खुद जायजा लिया और पूछताछ की। वहीं, बाल सुधार गृह के अधिकारियों ने कहा कि लड़की पहले भी घर से भागी है। इस बार उससे किसी ने शादी का वादा किया था लेकिन वह शख्स उसे हावड़ा स्टेशन पर छोड़ कर फरार हो गया।

अधिकारियों ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वजह से उसे सुधार गृह में क्वारंटीन रखा गया था। हालांकि उसके हाथ पर किसका नाम लिखा है यह पता नहीं है। लिलुआ बाल सुधार गृह के अधिकारियों ने कहा कि लड़की को इससे पहले हुगली के उत्तरपाड़ा बाल सुधार गृह में भी रखा गया था और ऐसा वहां भी हो सकता है।

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