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MP : जबलपुर में कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या, आरोपियों ने 2 करोड़ की फिरौती मांगी थी कर्ज चुकाने के लिए

Janjwar Desk
18 Oct 2020 5:25 PM GMT
MP : जबलपुर में कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या, आरोपियों ने 2 करोड़ की फिरौती मांगी थी कर्ज चुकाने के लिए
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आरोपी राहुल तथा मलय ने आर्थिक तंगी और कर्ज चुकाने के लिए एक माह पहले किसी अमीर बच्चे का रुपये के लिए अपहरण करने की योजना बनाई थी। बाद में करण को इन लोगों ने अपने साथ शामिल किया...

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में ट्रांसपोर्ट व्यापारी के 13 वर्षीय बेटे की दो करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अपहरण किया गया और हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से साढ़े सात लाख से ज्यादा की रकम भी बरामद की है।

आधारताल थाना क्षेत्र के धनवतंरि नगर निवासी एक टांसपोर्ट व्यापारी मुकेश लांबा के 13 साल के बेटे आदित्य गुरुवार 15 अक्टूबर की शाम अपहरण कर लिया गया, अपहर्ता ने बेटे के एवज में दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। उसके बाद सौदा आठ लाख में तय हुआ, मगर रविवार 18 अक्टूर की सुबह बच्चे का शव मिला।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल खांडेल ने बताया कि रविवार सुबह बच्चे का शव पनागर थाना क्षेत्र के गांव बिछुआ की नहर में मिला। पुलिस ने हत्या व अपहरण की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी राहुल उर्फ मोनू विश्वकर्मा, मलय राव तथा करण जग्गी को गिरफ्तार कर लिया है। राहुल और करण के खिलाफ पहले से ही अपराध दर्ज हैं।

बहुगुणा के अनुसार, आरोपी राहुल तथा मलय ने आर्थिक तंगी और कर्ज चुकाने के लिए एक माह पहले किसी अमीर बच्चे का रुपये के लिए अपहरण करने की योजना बनाई थी। बाद में करण को इन लोगों ने अपने साथ शामिल किया। राहुल किसी परिचित के साथ मुकेश के घर गया था।

योजना के मुताबिक, तीनों आरोपी मुकेश के घर की रेकी करने लगे। गुरुवार की शाम तीनों आरोपी रेकी करने पहुंचे थे। तभी उन्होंने देखा कि आदित्य किराना दुकान से कुछ सामान लेकर घर लौट रहा है। तीनों आरोपियों ने मुकेश लांबा के घर का पता पूछा। घर का पता पूछने पर बच्चा उनके साथ घर जाने के लिए कार में बैठ गया। बच्चे के कार में बैठने के बाद तीनों ने उसका अपहरण कर लिया।

आरोपियों ने लूट के मोबाइल से पहले बच्चे की मां और बाद में पिता को फोन कर दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। इसी दौरान बच्चा एक आरोपी को पहचान गया तो वे घबरा गया और उन्होंने बच्चे की हत्या की योजना बनाई। इसके अलावा बच्चे से पिता को जल्दी आने की रिकार्डिग कर ली। इस रिकार्डिंग के आधार पर सौदा आठ लाख में तय हो गया, जबकि आरोपी बच्चे की हत्या कर चुके थे।

पुलिस के अनुसार, रकम देने के बाद भी मुकेश को जब बच्चा नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना और अन्य सूचना तंत्र के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर बच्चे का शव नहर से बरामद किया और फिरौती की रकम में से सात लाख 66 हजार रुपये व मोबाइल बरामद किए।

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