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रायबरेली में महिलाओं ने सड़क पर साड़ी बांध गर्भवती की करवाई डिलीवरी, घंटों इंतजार करने के बाद भी नहीं पहुंची एम्बुलेंस

Janjwar Desk
4 Sep 2020 12:51 PM GMT
रायबरेली में महिलाओं ने सड़क पर साड़ी बांध गर्भवती की करवाई डिलीवरी, घंटों इंतजार करने के बाद भी नहीं पहुंची एम्बुलेंस
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योगीराज में अस्पताल नहीं सड़क पर बच्चा जनने को मजबूर हुई गर्भवती

रावेंद्र ने पत्नी को रायबरेली ले जाने के लिए 102, 108 व 112 नम्बर मिलाकर एंबुलेंस की मांग की, जिसके बाद करता रहा ढाई घंटे इंतजार, तब भी नहीं पहुंची एंबुलेंस तो सड़क पर करवानी पड़ी डिलीवरी...

जनज्वार। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल वैसे तो पूरे देशभर में ही बहुत बुरा है, मगर यूपी स्वास्थ्य दुर्व्यवस्थाओं के मामले में नंबर वन पर विराजमान है। समय पर इलाज और डॉक्टर न मिलने के कारण हर दिन यहां कई मरीज काल के गाल में समा जाते हैं।

स्वास्थ्य महकमा कितनी तत्परता से काम करता है, उसका एक उदाहरण रायबरेली में सामने आया है, जहां घंटों इंतजार करने के बाद भी गर्भवती के लिए एंबुलेंस नहीं मिल पायी, अंतत: महिलाओं को सड़क पर ही महिला की डिलीवरी करवानी पड़ी।

घटनाक्रम के मुताबिक उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित खीरों ब्लॉक क्षेत्र के शंकर बक्स खेड़ा मजरे सगुनी की निवासिनी गर्भवती पूनम गौतम पत्नी रावेंद्र गौतम प्रसव पीड़ा से कराहते हुए आज शुक्रवार 4 सितंबर को सीएचसी खीरों पहुंची, जहां सीएचसी कर्मियों के कोरोना पॉजिटिव निकलने के चलते स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हुई हैं तथा सीएचसी अस्पताल की मुहर देखकर उसके होश उड़ गए।

पूनम के लगातार दर्द बढ़ने के कारण रावेंद्र ने पत्नी को रायबरेली ले जाने के लिए 102, 108 व 112 नम्बर मिलाकर एंबुलेंस की मांग की, जिसके बाद वह ढाई घंटे तक एम्बुलेंस आने का इंतजार करता रहा। बावजूद इसके कोई एंबुलेंस नही पहुंची। जिसके बाद रावेंद्र अपनी बाइक में पत्नी को बैठाकर जिला अस्पताल रायबरेली ले गया।

रावेंद्र गौतम सीएचसी से लगभग दो किलोमीटर दूर खीरों रायबरेली मार्ग पर लालपुर गांव के पास बने पेट्रोल पंप के पास पहुंचा था कि तभी पूनम को तेज दर्द के बाद प्रसव होने लगा। पत्नी के बिगड़ती हालत देख रावेंद्र ने आसपास के घरों में मौजूद महिलाओं को बुलाया, जहां सड़क किनारे महिलाओं ने चारों तरफ साड़ी का घेरा बनाकर महिला को प्रसव कराया।

पूनम ने सड़क के किनारे एक बेटे को जन्म दिया। बेटे के जन्म के बाद जच्चा तथा बच्चा सुरक्षित होने पर पति रावेंद्र गौतम ने प्रसव में सहयोग करने वाली महिलाओं को धन्यवाद दिया तथा ऑटो रिक्शा बुलाकर अपनी पत्नी पूनम व नवजात शिशु के साथ घर के लिए रवाना हो गया।

इस मामले में प्रभारी निरीक्षक खीरों राजेश सिंह कहते हैं, डायल 112 पर कोई भी सूचना दी जा सकती है, लेकिन कंट्रोल रूम द्वारा उक्त सूचना पुलिस के स्थान पर संबंधित विभाग को स्थानांतरित कर दी जाती है। एंबुलेंस न पहुंचने की जिम्मेदारी पुलिस के बजाय स्वास्थ्य विभाग की है, जिसमें पड़ताल की जाएगी।

वहीं इस मामले में एसपी रायबरेली स्वप्निल ममगैन कहते हैं, मामला अभी अभी संज्ञान में आया है। ये बड़ी लापरवाही है। जिला अस्पताल के लोगों को कोरोना के चलते ऐसा होना बताया जा रहा है। मामले की जांच करवा रहे हैं, जांच कर संबंधित आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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