Kerala : आरएसएस नेता की हत्या के आरोप में एक और PFI कार्यकर्ता गिरफ्तार, दुकान में घुसकर की थी हत्या

Kerala News : तीन पहले केरल के पलक्कड़ ( Palakkad) में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता नेता एसके श्रीनिवासन की हत्या ( RSS leader sreevasan murder ) के मामले में पुलिस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ( PFI ) नेता को एक और कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक पलक्कड़ पुलिस ने एसडीपीआई-पीएफआई ( SDPI-PFI ) के कुल 9 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। इस मामले में केरल पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य सबूतों को जुटाने में लगी है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों व उनसे जुड़े लोगों ने कथित तौर पर आरएसएस ( RSS ) नेताओं को टारगेट करने के लिए लिस्ट तैयार की थी।
बता दें कि केरल ( Kerala ) के पलक्कड़ ( Palakkad ) में 17 सितंबर को 5 लोगों ने श्रीनिवासन ( Sreenivasan ) की दुकान में घुसकर तलवारों से हमला कर दिया था। हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद हमलवावर बाइक से फरार हो गए थे। पुलिस ने अब इस मामले में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें पीएफआई नेता अबूबकर सिद्दीक भी शामिल है।
दुकान में घुसकर श्रीनिवासन पर बोला था हमला
आरएसएस नेता श्रीनिवासन ( RSS Leader Sreenivasan ) टू व्हीलर की दुकान चलाते थे। वे शनिवार को भी दुकान पर पहुंचे थे लेकिन तभी उनकी दुकान पर आए 5 लोगों ने उनपर हमला कर दिया था। चश्मदीदों के हवाले से पुलिस ने बताया था कि हमलावरों ने अपनी बाइक श्रीनिवासन के दुकान के सामने खड़ी की। इसके बाद तीन लोग अंदर दुकान में घुसे और तलवारों से श्रीनिवासन पर हमला कर दिया। सीसीटीवी के फुटेज में देखा जा सकता है कि ये हमलावर 3 बाइकों से दुकान पर पहुंचे थे।
सूचना देने के बाद भी पुलिस नहीं करती कोई कार्रवाई
श्रीनिवासन ( Sreenivasan ) की हत्या के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसके पीछे पीएफआई का हाथ बताया था। यहां तक कि भाजपा के महासचिव और पलक्कड़ से नेता सी कृष्ण कुमार ने आरोप लगाया था कि इस हमले के पीछे पीएफआई है। उन्होंने विजयन सरकार पर यह भी आरोप लगाया था कि पुलिस आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या को नहीं रोक पाई है। शहर में हथियार बंद गिरोह खुलेआम घूम रहे हैं। स्थानीय पुलिस की लापरवाही से पलक्कड़ में पीएफआई हिंसा कर रही है। पलक्कड़ के मेलमुरी क्षेत्र ने पहले भी सांप्रदायिक हिंसा की सूचना दी थी लेकिन पुलिस ने कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया। सत्ताधारी माकपा और पुलिस बल ने आतंकवादियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।











