समाज

Mathura Lynching : मथुरा में गो-तस्करी के आरोप में लोगों ने शख्स को बुरी तरह पीटा, केस दर्ज

Janjwar Desk
22 March 2022 3:08 PM GMT
mathura lynching
x

Mathura Lynching : मथुरा में गो-तस्करी के आरोप में लोगों ने शख्स को बुरी तरह पीटा, केस दर्ज

एफआइआर में पीड़ित की ओर से लिखा गया है कि रात के आठ बजे विकास शर्मा और बलराम ठाकुर जो ख़ुद के गो रक्षक होने का दावा करते हैं, उन्होंने अपनी गाड़ी आमिर की गाड़ी के सामने रोक कर उसका रास्ता रोका था....

Mathura Lynching : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मथुरा से एक शख़्स की भीड़ बेरहमी से पिटाई करने का वीडियो वायरल (Video Viral) हुआ है। मथुरा पुलिस (Mathura Police) के मुताबिक़ घटना 20 मार्च की है जब आमिर नाम का एक शख़्स जानवरों के कंकालों से लदी गाड़ी गोवर्धन से हाथरस के सिकंदरा राऊ लेकर जा रहे थे। उन्हें मथुरा के राल कस्बे में कथित दो गो-रक्षकों ने रोका। गाड़ी में जानवरों के कंकाल और अवशेष देखर उन लोगों ने युवक की पिटाई शुरू कर दी। वीडियो में गुस्साए लोग आमिर को बेल्ट से पीट रहे हैं और गालियां दे रहे हैं। इस बीच सफ़ेद कमीज़ पहना एक व्यक्ति आमिर को बचाने की कोशिश करता है लेकिन गुस्सायी भीड़ उसे धक्का मार कर किनारे कर देती हैं।

इसी घटना के एक अन्य वीडियो में आमिर ज़मीन पर हाथ जोड़े गिड़गिड़ाते दिख रहा है और एक अन्य वीडियो में कंकाल से लदी हुई गाड़ी पलटी नज़र आ रही है। आमिर ने पुलिस को दी अपनी तहरीर में लिखा है कि वे अपने दो साथियों कासिम और बर्रू के साथ जानवरों के कंकाल, अयूब नाम के एक शख़्स की हड्डी फैक्ट्री में लेकर जा रहे थे।

तहरीर पर दर्ज हुई एफ़आइआर में पीड़ित की ओर से लिखा गया है कि रात के आठ बजे विकास शर्मा और बलराम ठाकुर जो ख़ुद के गो रक्षक होने का दावा करते हैं, उन्होंने अपनी गाड़ी आमिर की गाड़ी के सामने रोक कर उसका रास्ता रोका था। जब उन्हें पता चला कि गाड़ी में मृत जानवरों के अवशेष हैं जिसे वे गोवर्धन से सिकंदरा राऊ ले जा रहे हैं तो उन्होंने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उसके बाद देखते ही देखते राल गांव के लोगों ने उन्हें घेर लिया और वे भी मारपीट करने लगे। मौका पाक आमिर के दोनों साथी मौके पर से भाग गए।

वहीं विकास शर्मा पंडित की ओर से भी थाने में तहरीर दी गयी है। उसने खुद को विश्व हिन्दू परिषद के गो रक्षा विभाग का संयोजक बताया है। इस घटना के समय उसके साथ अखिल भारतीय गोरक्षा सेवा समिति का सचिव सचिन उर्फ़ बलराम ठाकुर भी था. उन्होंने ग्रामीणों पर हमले का आरोप लगाया है। मामले में दोनों एफ़आइआर में कुल 30 लोग नामजद हैं और 120 से 150 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया।

घटना की जानकारी मिलने पर मथुरा पुलिस भी राल कस्बे में पहुँची और उन्होंने आमिर को भीड़ से छुड़ाया. बाद में विकास शर्मा और बलराम ठाकुर और आमिर को अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया. इस घटना के बारे में मथुरा के एसपी सिटी एमपी सिंह का कहना है, "जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया की रामेश्वर वाल्मीकि जो कि गोवर्धन के रहने वाले हैं, जिनके पास ग्रामीण स्वच्छता के तहत ज़िला पंचायत से मृत पशुओं के शव निस्तारण (निपटाने) के लिए अधिकार पत्र जारी किया गया है। ये अवशेष उन्हें भेजे जा रहे थे। राल क़स्बा में इस गाड़ी को रोक कर गोवंश व गोमांस होने की सूचना पर यह घटना हुई। प्राथमिक छानबीन के क्रम में यह भी प्रकाश में आया गाड़ी में किसी भी तरह का गोमांस नहीं है। मामले में पुलिस आगे की जांच में जुटी है।

Next Story