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Mathura Update: मथुरा में 6 दिसंबर को लेकर भारी सतर्कता, नजरबंद हुए संत तो तोगड़िया की मांग पर हिंदू महासभा ने बदला प्लान

Janjwar Desk
6 Dec 2021 2:19 AM GMT
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(हिरासत में देव मुरारी बापू)

देव मुरारी बापू के खिलाफ अभी चंद दिन पहले छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके विरोध में उन्होंने आत्महत्या की धमकी दी थी। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था...

Mathura Update : यूपी में श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष देव मुरारी बापू ने अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर की तरह मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए पहली कार सेवा आज यानी 6 दिसंबर को शुरू करने का एलान किया था। लेकिन कुछ दिन पहले ही उन्होंने ये एलान वापस ले लिया। छह दिसंबर को लेकर मथुरा में सख्ती बरती जा रही है। पुलिस अलर्ट मोड पर है।

6 दिसंबर को देखते हुए संत देव मुरारी बापू के घर पर पुलिस तैनात कर दी गई है। संत ने आरोप लगाया है कि मुझे नजरबंद किया गया है। देव मुरारी बापू के खिलाफ अभी चंद दिन पहले छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके विरोध में उन्होंने आत्महत्या की धमकी दी थी। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। हालांकि कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया था।

एक साल पहले हुआ था गठन

संत देवमुरारी बापू ने न्यास का गठन एक वर्ष पहले किया गया था। दावा किया गया है कि न्यास से संत समाज को जोड़ा जा रहा है। अप्रैल 2021 में हरिद्वार कुंभ में तीनों वैष्णव अनी अखाड़ा ने न्यास को समर्थन दिया था। 23 जुलाई को 14 प्रदेश के 80 महामंडलेश्वरों को जोड़कर न्यास का गठन किया गया था। दावा किया कि न्यास से 500 से अधिक महामंडलेश्वर जुड़ चुके हैं।

यह होना था कार्यक्रम

संत देव मुरारी बापू ने छह दिसंबर को पहली कार सेवा की घोषणा की थी। प्रस्तावित कार्यक्रम वृंदावन के राम मंदिर से कृष्ण जन्मभूमि के लिए पैदल मार्च का कार्यक्रम रखा गया था। अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर कलंक के रूप में बनी हुई मस्जिद को 6 दिसंबर को ध्वस्त किया गया था। उसी तरह न्यास श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर बनी ईदगाह मस्जिद को हटाने की लंबी लड़ाई लड़ेगा। लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद उन्होंने अपनी घोषणा को वापस ले लिया था। पुलिस ने मथुरा में जन्मभूमि-ईदगाह के रास्ते पर भी प्रतिबंध लगाया है।

तोगड़िया ने की ये मांग

हिंदूवादी नेता प्रवीण तोगड़िया ने सरकार से मथुरा और काशी में मंदिर बनाने को लेकर कानून बनाने की मांग की है। भदोही में मीडिया से बात करते हुए तोगड़िया ने कहा कि जिस तरह से जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटायी गयी है, उसी तरह से काशी और मथुरा में मंदिर बनाने के लिए कानून लाया जाना चाहिए।

अदालत में चल रहा है मामला

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह के बीच चल रहे विवाद का मामला कोर्ट में है। मामले को लेकर दायर याचिका में मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के बाद बने ईदगाह को हटाने की मांग की गई है। मथुरा श्रीकृष्ण विराजमान सिविल वाद के संबंध में दाखिल की गई अपील को जिला न्यायाधीश ने 16 अक्टूबर को स्वीकार किया था।

पुलिस का मॉक ड्रील

मथुरा में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त और किसी भी अनहोनी को लेकर मथुरा पुलिस लगातार मॉक ड्रील कर रही है। पुलिस के इस मॉक ड्रील के वक्त खुद मथुरा के एसएसपी भी मौजूद थे। इसके अलावा पुलिस अपनी तरह से सुरक्षा घेरा भी बनाए हुए है।

हिंदू महासभा का बदला प्लान

मथुरा में पुलिस चौकसी को देखते हुए हिंदू महासभा ने अपना प्लान बदल लिया है। हिंदू महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यश्री चौधरी द्वारा जारी एक वीडियो संदेश में कहा गया है कि मथुरा प्रशासन ने कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की संभावना जाहिर करते हुए शाही ईदगाह पर जाने की अनुमति नहीं दी है, जिस वजह से यह काम अब दिल्ली में किया जाएगा।

सोशल मीडिया पर निगरानी

मथुरा पुलिस के कप्तान ने बताया कि आगामी 6 दिसंबर के मद्देनजर हम सोशल मीडिया पर भी पूरी निगरानी कर रहे हैं। किसी भी व्यक्ति अथवा संगठन ने कोई भी भड़काऊ सामग्री डाली तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मथुरा में ट्रैफिक डायवर्जन

मथुरा में पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था के लिए भी 6 दिसंबर को ट्रैफिक डायवर्जन का नया रूट तैयार किया गया है। कोई भी वाहन जन्मभूमि/डींग गेट की तरफ नहीं जा सकेगा। वहीं कोई भी भारी वाहन गोवर्धन चौराहे से शहर में प्रवेश नहीं करेगा।

मथुरा मामले में बड़े नेताओं ने साधी चुप्पी

मथुरा मामले में बड़े नेताओं ने चुप्पी साध ली है। दो दिन पहले तक डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य लगातार ट्वीट कर रहे थे, लेकिन अब उनका ट्वीट भी आना बंद हो गया। इधर, हिंदू महासभा ने प्लान बदल लिया है। महासभा की ओर से अब दिल्ली में सांकेतिक जलाभिषेक किया जाएगा।

परंपरा से हटकर नहीं होगा कोई आयोजन- ADG

एडीजी कानून/व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि 6 दिसंबर को परंपरा से हटकर कोई भी आयोजन नहीं किया जाएगा। राज्य में पूर्ण शांति बनाए रखने के लिए सभी क्षेत्रीय संरचनाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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