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बालिका वधू बनने से बच गई मां की दुलारी बिटिया, पुलिस की पहल पर ऐन वक्त पर रुकी शादी

Janjwar Desk
18 July 2021 3:00 PM GMT
बालिका वधू बनने से बच गई मां की दुलारी बिटिया, पुलिस की पहल पर ऐन वक्त पर रुकी शादी
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(एसपी को फोन मिली थी सूचना : मंदिर में कराई जा रही थी दस वर्षीय बालिका और दस साल के बालक  की शादी)

बाल विवाह में शामिल एक दर्जन के करीब घराती व बरातियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने चली आई, जहां सभी से पूछताछ करने में जुटी हुई है...

जनज्वार। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र की एक बिटिया जागरुक नागरिकों व पुलिस के पहल से बालिका वधू बनने से बच गई। बिहार के सिवान जिले में एक मंदिर में बालिका की एक किशोर से शादी रचाई जा रही थी। यह मामला रविवार दोपहर की है। बाल विवाह की शिकायत पर एसपी देवरिया डॉ. श्रीपति मिश्र ने टीम गठित कर शादी रोकने का निर्देश दिया।

महिला कल्याण, बाल संरक्षण व एचटीयू टीम करीब दस घंटे तक शिकायत को लेकर तहकीकात मैं जुटी रही। आखिरकार बिहार के सिवान जिला मैरवां स्थित चंदनियां माता मंदिर में शादी के रस्म होने की पुख्ता जानकारी मिल गई। पुलिस टीम तत्काल पहल करते हुए मौके पर पहुंचकर शादी को रुकवाते हुए दोनों पक्ष के लोगों को हिरासत में ले ली।

बाल विवाह में शामिल एक दर्जन के करीब घराती व बरातियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने चली आई, जहां सभी से पूछताछ करने में जुटी हुई थी।

किसी ने एसपी को फोन कर सूचना दिया कि लार थाना क्षेत्र के एक गांव की दस वर्षीय बालिका और बिहार के गुठनी थाना क्षेत्र के एक गांव के दस साल के बालक से शादी मैरवां के एक मंदिर में कराई जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने महिला कल्याण, बाल संरक्षण, एचटीयू टीम, लार थाने को सूचना देकर बाल विवाह रुकवाने का निर्देश दिया।

सूचना पर हरकत में आई, सभी टीमें लोकेशन के आधार पर मैरवां के चंदनियां माता मंदिर पहुंची। यहां फोन कर लड़की के परिजनों से टीम ने शादी कहां रचाई जा रही है इसकी जानकारी लेकर हदहदवा भवानी मंदिर में शादी होने की बात कही। टीम बताए हुए लोकेशन पर पहुंची।

यहां पहुंचने के बाद टीम ने मंदिर परिसर की तलाशी ली। जहां कोई नहीं मिला। इसके बाद परिजनों का मोबाइल भी बंद मिला। इसको लेकर टीम दस घंटे तक हलकान रही। दोबारा पहुंची टीम ने चंदनियां माता मंदिर से बालिका और बालक को शादी के मंडप से उठा लिया। यह देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

एसपी के निर्देश पर बालिका और बालक सहित बरात में शामिल एक दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। यहां सभी से पूछताछ की जा रही है। वहीं बालिका और नाबालिग बालक मनोवैज्ञानिक मीनू जायसवाल के द्वारा काउंसिलिंग कराई जा रही है। टीम ने बालिका को सोमवार को बाल कल्याण विभाग के समक्ष प्रस्तुत करेगा।इस संबंध में देवरिया के जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है।

बालिका के परिवार वालों के संबंध में बताया जाता है कि लड़की के पिता का कुछ साल पहले देहांत हो गया। इसके बाद उसके चाचा से उसकी मां की शादी कर दी गई। पिता की तरह चाचा भी मजदूरी कर खर्च चलाता है। कोरोना काल में काम पर भी संकट बना रहा। चाचा के पहल पर नन्ही बच्ची की शादी का घर वालों ने फैसला कर लिया। कानून विरोधी इस कदम व बालिका के साथ हो रहे इस अपराध को रोकने में सहयोग करने वालों को लोग धन्यवाद दे रहे हैं।

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