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गाजियाबाद हादसा : अक्टूबर 2020 में बने श्मशान घाट गैलरी के लिए किया गया था घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल

Janjwar Desk
3 Jan 2021 1:21 PM GMT
गाजियाबाद हादसा : अक्टूबर 2020 में बने श्मशान घाट गैलरी के लिए किया गया था घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल
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photo : social media 

अंतिम संस्कार में शामिल होने गये दर्जनों लोगों को शायद आभास भी नहीं होगा कि जिस श्मशान घाट पर वो किसी कि अंतिम यात्रा में शामिल होने गये हैं, वही उनकी भी अंतिम यात्रा बन जायेगी...

जनज्वार। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक भयानक और दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिये 100 से भी ज्यादा लोग गये थे, जिन पर श्मशान की छत गिर गयी। मौके पर ही 18 लोगों की मौत की बात सामने आ रही है और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज गाजियाबाद के जिला अस्पताल में चल रहा है।

मीडिया में आ रही रिपोर्टों के मुताबिक अक्तूबर, 2020 में ही श्मशान घाट गैलरी का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि सरिया को छोड़ निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। गैलरी ढहते ही निर्माण सामग्री चूरे में तब्दील हो गई, जिसे लेकर शासन-प्रशासन पर सवाल उठने शुरू हो गये हैं।

योगी सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिये हैं। मौके पर जमा भीड़ भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने की मांग कर रही है। जनता में इसके खिलाफ भारी आक्रोश है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मण्डलायुक्त मेरठ एवं एडीजी मेरठ जोन को घटना के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।

सामने आ रही जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद के दयानंद कॉलोनी में रहने वाले फल विक्रेता दयाराम की कल शनिवार 2 जनवरी की रात बीमारी के चलते मौत हो गई थी। आज रविवार 3 जनवरी को उनके अंतिम संस्कार के लिए परिजन मुरादनगर स्थित एक श्मशान घाट पर उनका शव लेकर पहुंचे। उनके अंतिम संस्कार में रिश्तेदारों और पास-पड़ोसियों को मिलाकर लगभग 100 लोग श्मशान घाट पर पहुंचे थे।

आज सुबह से ही हो रही भारी बारिश के चलते अंतिम संस्कार में शामिल होने गये लोग श्मशान घाट परिसर में बने भवन के अंदर खड़े हो गये थे। जिस भवन में लगभग 100 लोग खड़े थे, अचानक जमीन धंसने से उसकी दीवार बैठ गई और छत भरभराकर गिर गई। इसी छत के गिरने से यह भयानक और दर्दनाक हादसा हुआ।

इस हादसे में 40 से भी अधिक लोग दब गए। चीख-पुकार के बीच कुछ लोगों ने बड़ी मुश्किल से भागकर अपनी जान बचाई और तुरंत घटना की जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी गई। मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू टीम ने लोगों को निकालना शुरू किया और इलाज के लिए गाजियाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। भारी बारिश के कारण राहत कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद गाजियाबाद के जिला अधिकारी अजय शंकर पांडेय, एसपी कलानिधि नैथानी और कमिश्नर अनीता सी मेश्राम घटनास्थल पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया।

इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लोगों की सभी संभव मदद करें। सीएम योगी ने अधिकारियों से घटना पर रिपोर्ट भी मंगाई है।

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