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गलवान झड़प के बाद आज पहली बार चीन के रक्षामंत्री संग राजनाथ कर सकते हैं बैठक

Janjwar Desk
4 Sep 2020 4:28 AM GMT
गलवान झड़प के बाद आज पहली बार चीन के रक्षामंत्री संग राजनाथ कर सकते हैं बैठक
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माॅस्को में गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते रक्षामंत्री राजनाथ सिंह।

चीन के रक्षामंत्री ने राजनाथ सिंह से मुलाकात का समय मांगा है। इससे पहले रक्षामंत्री राजनाथ रूस के रक्षामंत्री के साथ सैन्य सहयोग बढाने पर मीटिंग कर चुके हैं...

जनज्वार। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से चीन के रक्षामंत्री वेई फेंगे ने मुलाकात का समय मांगा है। चीन की ओर से शुक्रवार (4 september 2020) यानी आज बैठक आयोजित करने की पेशकश की गई है। दोनों नेता इस समय शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में शामिल होने के लिए रूस में हैं।

चीन की ओर से यह आग्रह ऐसे वक्त में किया गया है जब उसकी ओर से एक बार फिर लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश की गई है और दोनों देशों के रिश्ते निचले पायदान पर पहुंच गए हैं। भारत और चीन के बीच 15 जून के गलवान घाटी झड़प के बाद से सैन्य गतिरोध बढा है। हालांकि कूटनीतिक व सैन्य स्तरों की वार्ता व बैठकें होती रही हैं, पर उनका कोई सार्थक परिणाम अबतक नहीं आया है।

माॅस्को स्थित भारतीय व चीनी दूतावास ने इस बात की पुष्टि की कि दोनों देश शुक्रवार को अपने रक्षामंत्रियों की औपचारिक बैठक के लिए संपर्क में हैं। हालांकि राजनाथ सिंह के तीन दिवसीय मास्को दौरे के औपचारिक शिड्यूल में इस तरह की किसी मीटिंग को तय नहीं किया गया है।

सूत्रों का कहना है कि भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इस इस बैठक को मंजूरी दे दी है। इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि बातचीत के जरिए ही वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बनी तनावपूर्ण स्थिति को सामान्य किया जा सकता है।

अगर आज दोनों देशों के रक्षामंत्रियों की मीटिंग होती है तो गलवान घाटी झड़प के बाद शीर्ष स्तर की यह पहली बैठक होगी।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार (3 September 2020) को रूस के रक्षामंत्री से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग बढाने को लेकर चर्चा हुई है।

उधर, विदेश मंत्री एस जयशंकर गुरुवार को जी - 20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए थे। वे शुक्रवार को ब्रिक्स की एक बैठक में शामिल होंगे और उसके बाद शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में शामिल होने के लिए माॅस्को की यात्रा पर जाएंगे। उन्हें नौ सितंबर को शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में हिस्सा लेना है।

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