सिक्योरिटी

पड़ोसी वकील से परेशान वैज्ञानिक ने कराया बम ब्लास्ट,​ रोहिणी कोर्ट मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल जांच में खुलासा

Janjwar Desk
19 Dec 2021 4:12 AM GMT
पड़ोसी वकील से परेशान वैज्ञानिक ने कराया बम ब्लास्ट,​ रोहिणी कोर्ट मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल जांच में खुलासा
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दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की जांच में सामने आया है कि रोहिणी कोर्ट में बम ब्लास्ट की साजिश में सिर्फ साइंटिस्ट ही शामिल था। जांच में कोई टेरर एंगल सामने नहीं आया है।

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के रोहिणी कोर्ट ब्लास्ट ( Rohini Court Bomb blast ) मामले में दिल्ली पुलिस को सकते में डाल दिया था। दस दिन बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ( Delhi Police Special Cell ) ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है। अपनी जांच ( investigation ) में पुलिस ने बताया है कि ब्लास्ट के पीछे डीआरडीओ के एक साइंटिस्ट ( DRDO Scientist ) का हाथ है। स्पेशल सेल ने डीआरडीओ के साइंटिस्ट को गिरफ्तार करने के बाद इस बात का खुलासा किया है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अपनी जांच में बताया है कि साइंटिस्ट ने ही आपसी रंजिश के चलते रोहिणी कोर्ट ( Rohini Court ) में बम रखा था। रोहिणी कोर्ट में जहां पर विस्फोटक रखा गया वो इस साइंटिस्ट के पड़ोसी और पेशे से वकील का चेंबर था। डीआरडीओ साइंटिस्ट का पड़ोसी व​कील से पुरानी रंजिश थी। बदला लेने के लिए वो उसे मारना चाहता था।

जांच में टेरर एंगल नहीं आया सामने

आरोपी साइंटिस्ट का अपने पड़ोस के एक वकील से केस चल रहा था। वकील को मारने के लिए उसने बम रखा था। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल को मल्टीपल क्लू और साइंटिस्ट के खिलाफ सबूत मिले थे, जिसके बाद साइंटिस्ट को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया है कि रोहिणी कोर्ट में बम ब्लास्ट की साजिश में सिर्फ साइंटिस्ट ही शामिल था। जांच में कोई टेरर एंगल सामने नहीं आया है।

साइंटिस्ट ने जिस बैग का किया इस्तेमाल उसी से मिली पुलिस को लीड

दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक डीआरडीओ के साइंटिस्ट ने पुरानी आपसी रंजिश के चलते रोहिणी कोर्ट में विस्फोट की घटना को अंजाम दिया। दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में 9 दिसंबर को ब्लास्ट हुआ था। इसके बाद बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इसकी जांच कर रही थी।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने इस मामले को लेकर मीडिया से बातचीत में बताया कि इस पूरे मामले को लेकर स्पेशल सेल की टीम ने जांच शुरू की। ब्लास्ट के दिन कोर्ट में आने वाली करीब 1 हजार गाड़ियों की चेकिंग की गई। इसके अलावा करीब 100 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। उन्होंने बताया कि कोर्ट में ब्लास्ट के लिए अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है। ब्लास्ट सिर्फ डेटोनेटर में हुआ। एक्सप्लोसिव में ब्लास्ट नहीं हो पाया। केवल डेटोनेटर में ब्लास्ट होने से छोटा ही धमाका हुआ। अगर विस्फोटक में धमाका होता तो इससे काफी नुकसान भी हो सकता था।

काले रंग के बैग का पीछा करते हुए साइंटिस्ट तक पहुंची पुलिस

दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने बताया कि बताया कि जिस काले रंग के बैग में विस्फोटक रखा गया था, उसमें लगे एक लोगो की जांच की गई। पता लगाया गया कि इस कंपनी का बैग किन दफ्तरों में ज्यादातर इस्तेमाल किया जाता है। यहीं से पुलिस को केस में असली लीड मिली और वो आरोपी साइंटिस्ट तक पहुंची।

दरअसल, बीते 9 दिसंबर को दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में कम तीव्रता वाला एक विस्फोट हुआ था। ये ब्लास्ट सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर हुआ था। इस घटना में एक शख्स घायल हो गया था। हालांकि इस ब्लास्ट में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई थी। उसके बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच स्पेशल सेल को सौंप दी थी। स्पेशल सेल की जांच में खुलासा हुआ कि डीआरडीओ साइंटिस्ट ने पड़ोसी वकील से बदला लेने के लिए रोहिणी कोर्ट में ब्लास्ट कराया था।


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