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Lakhimpur Kheri: जुर्म कबूलने के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर, मंत्री का बेटा भी आजाद, सवालों के घेरे में UP पुलिस की कार्रवाई

Janjwar Desk
6 Oct 2021 8:16 AM GMT
Lakhimpur Kheri: जुर्म कबूलने के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर, मंत्री का बेटा भी आजाद, सवालों के घेरे में UP पुलिस की कार्रवाई
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वायरल वीडियो में युवक ने पुलिस के सामने कबूला कि घटना में किसानों को कुचलने वाली गाड़ी को केंद्रीय मंत्री का बेटा आशीष मिश्र ही चला रहा था और वह खुद पीछे की गाड़ी में मौजूद था...

Lakhimpur Kheri, उत्तर प्रदेश: लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को करीब तीन दिन बीत चुके हैं। अबतक मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र ने अपनी गाड़ी से सड़क पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को रौंद दिया। रविवार, 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुई इस घटना में कुल 9 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में 4 किसान, एक पत्रकार और 4 बीजेपी के कार्यकर्ता थे। इस हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर घटना का कई वीडियो सामने आया, जिसमें साफ साफ देखा गया कि प्रदर्शन के बाद वापस लौट रहे किसानों को पीछे से तेज रफ्तार में आरही गाड़ी रौंदती हुई आगे निकल जाती है।

मंगलवार, 5 अक्टूबर को घटना का एक और वीडियो सामने आया जिसमें पुलिस एक घायल युवक से पूछताछ कर रही है। घायल युवक मंत्री के बेटे आशीष मिश्र के खेमे का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में युवक ने पुलिस के सामने कबूला कि घटना में किसानों को कुचलने वाली गाड़ी को केंद्रीय मंत्री का बेटा आशीष मिश्र ही चला रहा था और वह खुद पीछे की गाड़ी में मौजूद था। लेकिन अफसोस की बात ये है कि आरोपी द्वारा खुद घटनाक्रम की पूरी जानकारी देने के बाद भी अबतक मामले में यूपी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।

आरोपी युवक का जुर्म कबूलने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोपी बताता है कि वह भी केंद्रय मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र और अन्य बीजेपी के नेताओं का साथ एक गाड़ी में मौजूद था। वहीं, जिस थाड़ गाड़ी ने किसानों को कूचला उसे भईया यानि मंत्री का बेटा आशीष मिश्र उर्फ मोनू ही चला रहा था। लेकिन इस घटना को हुए तीन दिन बीत रहे हैं। यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तारी तो दूर किसी को हिरासत में लेकर पूछताछ भी नहीं की गई है।

योगी आदित्यनाथ के सरकार में यूपी पुलिस की कार्रवाई अक्सर सवालों के घेरे में होती है। यूपी पुलिस पर लगातार अरोप लग रहे हैं कि पुलिस कार्रवाई इसलिए नहीं कर रही क्योंकि घटना का मुख्य आरोपी बीजेपी सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी का बेटा है। पूरे मामले को लेकर पुलिस द्वारा की गई अबतक की छानबीन से विभिन्न किसान संगठन और घटना में मारे गए लोगों के परिजन असंतुष्ट हैं।

आपको बताएं कि रविवार, 3 अक्टूबर को हुई इस घटना के बाद से योगी सरकार के साथ साथ केंद्र की मोदी सरकार भी सवालों के घेरे में है। प्रधानमंत्री या गृह मंत्री की ओर से घटना को लेकर अबतक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं विपक्ष भी सरकार के चुप्पी पर निशाना साध रही है।

सोमवार, 4 अक्टूबर को विपक्ष के कई नेताओं ने घटनास्थल पर जाने की कोशिश की लेकिन किसी भी विपक्षी नेता को लखीमपुर खीरी नहीं पहुंचने दिया गया। तिकुनिया जाने के क्रम में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया गया। जो अबतक यूपी पुलिस के हिरासत में ही है। सोमवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, शिवपाल यादव समेत अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया था। हालांकि , छह घंटे के बाद इन्हें रिहा कर दिया गया।

3 अक्टूबर रविवार को हुई इस घटना के बाद किसान नेता राकेश टिकैत सोमवार देर रात घटनास्थल पर पहुंचे। किसान संगठनों की बैठक के बाद सोमवार को उन्होंने ऐलान किया गया कि जबतक घटना में मुख्य अरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के छोटे बेटे आशीष मिश्र की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन के मान मनौव्वल को बाद सोमवार की शाम को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की मध्यस्थता से किसानों और सरकार के बीच समझौता कर लिया गया और शवों का अंतिम संस्कार किया गया। समझौते में मृतकों के परिजनों को 45-45 लाख रुपये और एक नौकरी के देने के वादे के साथ शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। लेकिन घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी अबतक किसी कि गिरफ्तारी नहीं होने से किसान संगठन और मृतकों को परिजनो में खासी नाराजगी है।


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