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MLA ticket west UP congress Dheeraj Gurjar controversy : राहुल गांधी की 'नयी कांग्रेस' में टिकट बेचने के आरोपी को स्‍टार प्रचारक का पुरस्‍कार?

Janjwar Desk
24 Jan 2022 5:46 PM GMT
MLA ticket west UP congress Dheeraj Gurjar controversy : राहुल गांधी की नयी कांग्रेस में टिकट बेचने के आरोपी को स्‍टार प्रचारक का पुरस्‍कार?
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MLA ticket west UP congress Dheeraj Gurjar controversy : लीक ऑडियो के पीछे धीरज गुर्जर का सहारनपुर दौरा है, रविवार 22 जनवरी को सहारनपुर की एक वरिष्‍ठ कांग्रेसी नेता उमा भूषण द्वारा दिल्‍ली में पार्टी के आला नेताओं से गुर्जर के खिलाफ की गयी शिकायत की बात भी सामने आयी है...

MLA ticket west UP congress Dheeraj Gurjar controversy : जनज्‍वार ब्‍यूरो, लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के लिए नामांकन की अवधि 28 जनवरी को समाप्‍त हो रही है और तीसरे चरण का नामांकन कल से शुरू हो रहा है, लेकिन कांग्रेस पार्टी में प्रत्‍याशी चयन की प्रक्रिया बुरी तरह फंस गयी है। एक कथित फोन टेप के चक्‍कर में पार्टी के शीर्ष स्‍तर पर दो दिन से मचे घमासान को छुपाने की भरपूर कोशिश की जा रही है। उधर पश्चिमी यूपी की सीटों पर संभावित उम्‍मीदवार लखनऊ से दिल्‍ली तक फोन कर-कर के थक गए हैं।

मामला कांग्रेस में पश्चिम यूपी के प्रभारी धीरेंद्र गुर्जर से जुड़ा है। जिस फोन टेप के चक्‍कर में प्रत्‍याशियों का भविष्‍य फंस गया है, उसमें एक व्‍यक्ति किसी टिकटार्थी को सलाह देता हुआ सुना जा रहा है। सलाह देने वाला व्‍यक्ति टिकटार्थी को दिल्‍ली का एक पता बताते हुए गुर्जर का नाम लेकर पैसे के बदले टिकट जुगाड़ने की बात कर रहा है।

पूरा ऑडियो नीचे सुना जा सकता है।

कांग्रेस सूत्रों की मानें तो यह टिकट बेचने से जुड़ा मामला सही हो सकता है क्‍योंकि इसके शीर्ष स्‍तर पर पहुंचते ही प्रत्‍याशी चयन की प्रक्रिया ठप पड़ गयी है और जिस सूची को अब तक आ जाना चाहिए था उसके बारे में अब तक कोई सूचना नहीं है। अब तक केवल कांग्रेस और सपा-आरएलडी की सूची ही आनी बाकी थी। आखिरकार समाजवादी पार्टी ने भी आज देर शाम उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बची-खुची सीटों सहित कुल 79 प्रत्‍याशियों की सूची जारी कर दी।

लीक ऑडियो के पीछे धीरज गुर्जर का सहारनपुर दौरा है। रविवार 22 जनवरी को सहारनपुर की एक वरिष्‍ठ कांग्रेसी नेता उमा भूषण द्वारा दिल्‍ली में पार्टी के आला नेताओं से गुर्जर के खिलाफ की गयी शिकायत की बात भी सामने आयी है। भूषण तीन बार विधायकी का चुनाव लड़ चुकी हैं और एक ज़माने की जमीनी नेता रही हैं। इस बार वे सहारनपुर देहात से टिकट चाह रही थीं, लेकिन धीरज गुर्जर के व्‍यवहार से नाराज होकर उन्‍होंने दिल्‍ली का रास्‍ता पकड़ लिया।

गुर्जर पार्टी के टिकट फाइनल करने बीते सप्‍ताह सहारनपुर पहुंचे थे। भूषण के मुताबिक उन्‍होंने जब गुर्जर से मिलने की कोशिश की, तो गुर्जर ने उन्‍हें 'अपमानित' किया। सहारनपुर के कुछ मुस्लिम नेता भी गुर्जर से नाराज नजर आए। नाम न छापने की शर्त पर एक कांग्रेसी नेता ने बताया कि गुर्जर ने आखिरी मौके पर अपने किसी रिश्‍तेदार का आवेदन टिकट के लिए केवल इसलिए ले लिया क्‍योंकि उक्‍त सीट पर गुर्जर बहुल आबादी है।

इसी तरह चरथावल सीट पर एक काबिल हिंदू उम्‍मीदवार को दरकिनार करते हुए यह कह कर बसपा के असंतुष्‍ट अरशद राणा की पत्‍नी को टिकट दे दिया गया कि पार्टी आलाकमान इस सीट पर मुस्लिम प्रत्‍याशी खड़ा करना चाह रहा है। आलाकमान की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं था, लेकिन चर्चा है कि कांग्रेस के मजबूत हिंदू चेहरों को इस बहाने सिर्फ इसलिए ठिकाने लगा दिया गया, क्‍योंकि वे इकबाल मसूद के लाए लोग थे। अरशद राणा को पार्टी की सदस्‍यता गुर्जर ने ही दिलायी है।

बताया जा रहा है कि टेप किया गया फोन ऑडियो गुर्जर के सहारनपुर से जाने के बाद का है। कांग्रेस पार्टी के भीतर से ही किसी पीडि़त नेता से इसे शीर्ष नेतृत्‍व तक इस उम्‍मीद में पहुंचाया है कि टिकट वितरण की प्रक्रिया साफ सुथरी हो और टिकट बेचने की कवायदों पर लगाम लगायी जा सके। इसके बावजूद अब तक गुर्जर या गुर्जर का नाम लेकर फोन करने वाले के खिलाफ कोई कार्रवाई की बात सामने नहीं आयी है।

उत्‍तर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सेल में बड़े ओहदे पर बैठे एक शख्‍स बताते हैं कि फोन करने वाले का ताल्‍लुक लखनऊ की सोशल मीडिया टीम से है और कार्रवाई इसलिए नहीं हुई है, क्‍योंकि प्रियंका गांधी के साथ गुर्जर के अच्‍छे रिश्‍ते हैं। इसके ठीक उलट आज कांग्रेस की जारी स्‍टार प्रचारकों की सूची में धीरज गुर्जर का नाम प्रमुखता से शामिल कर लिया गया जो विवाद पर मिट्टी डालने की कवायद जान पड़ता है।

कांग्रेस के लखनऊ दफ्तर में इस मामले को लेकर जबरदस्‍त चुप्‍पी और कानाफूसी का दौर चल रहा है। बताया जा रहा है कि सहारनपुर सहित दूसरे चरण की बची हुई सीटों पर नाम कल तक सामने आ सकते हैं, लेकिन वे कितने विश्‍वसनीय और टिकाऊ होंगे उसका कोई भरोसा नहीं है। गौरतलब है कि प्रियंका गांधी द्वारा बरेली कैन्‍ट से खड़ी की गयी सुप्रिया ऐरन अभी दो दिन पहले ही समाजवादी पार्टी में चली गयी हैं।

इससे पहले भी कांग्रेस में धीरज गुर्जर को लेकर असंतोष के स्‍वर सामने आ चुके हैं। पिछले साल एक भाषण ट्विटर पर चर्चित हुआ था।


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