Up Election 2022

9 जिलों की 59 सीटों में 23 को 4th Phase का रण, लखीमपुर खीरी में बाप-बेटे की परीक्षा तो दांव पर राजनीतिक सूरमाओं की साख

Janjwar Desk
22 Feb 2022 4:36 AM GMT
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(चौथे चरण में 9 जिलों की 59 सीटों पर सूरमाओं की साख दांव पर)

किसान आंदोलन को लेकर दिल्ली की सीमाओं के बाद सबसे अधिक चर्चा और हंगामा लखीमपुर खीरी में ही हुआ था। किसानों पर जीप चढ़ाकर हत्या करने के मामले में उनके सुपुत्र की गिरफ्तारी हुई। आशीष हाल ही में जमानत पर छूटे हैं...

UP Election 4th Phase Polling: यूपी का चुनावी रण तीसरे चरण को पार कर चौथी दहलीज पर पहुँच गया है। अब तक 172 सीटों का फैसला EVM में बंद हो चुका है। चौथे चरण में रूहेलखंड से लेकर बुंदेलखंड तक और लखीमपुर से लेकर लखनऊ तक 9 जिलों की 59 विधानसभा सीटों के लिए 23 फरवरी को मतदान होना है। इस चरण की मुख्य जंग सपा और भाजपा के बीच घर बचाने व कब्जाने की है। वहीं बसपा को अपने परंपरागत मतदाताओं पकड़ और पहुँच साबित करने की चुनौती भी है।

देश भर के मीडिया की सुर्खियों में छाया रहा लखीमपुर खीरी (Lakhimpu Kheri) भी इस चरण की तपिश बढ़ाएगा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह तथा कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष सोनिया गांधी के गढञ में पकड़ व पहुँच का इम्तिहान भी होगा। पिछली बार इन 59 सीटों पर भाजपा ने क्लीन स्वीप किया था। यहां भाजपा ने 50 तो गठबंधन सहयोगी अपना दल ने एक सीट जीतकर सत्ता का रास्ता बनाया था। वहीं सपा को चार और बसपा व कांग्रेस को दो-दो सीटें मिली थीं।

लखीमपुर खीरी हिंसा का क्या होगा असर?

इस चरण में अजय मिश्रा टेनी की साख महज इसलिए दांव पर नहीं है कि चुनाव उनके क्षेत्र में हो रहा है, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि किसान आंदोलन को लेकर दिल्ली की सीमाओं के बाद सबसे अधिक चर्चा और हंगामा लखीमपुर खीरी में ही हुआ था। किसानों पर जीप चढ़ाकर हत्या करने के मामले में उनके सुपुत्र की गिरफ्तारी हुई। आशीष हाल ही में जमानत पर छूटे हैं। ऐसे में उस घटना के बाद हवा के रूख की परीक्षा होनी है। मतदान के रूझान व परिणाम से पता चलेगा कि इस हिंसा का क्या फल मिला? देखना यह भी रहेगा की 2017 में यहां की सभी 8 सीटों पर कब्जा जमाने वाली भाजपा इस बार कितनी सीटें हासिल करती है।

दलबदलुओं के फैसले की भी परीक्षा

रायबरेली की सदर व हरचंदपुर सीट कांग्रेस को मिली थीं, लेकिन निर्वाचित विधायक अदिती सिंह और राकेश सिंह पाला बदल भाजपा से जा मिले। 2017 में भाजपा ने हरदोई की 8 सीटों में 7 जीती थीं। हरदोई सदर से हवा का रूख भांपने में माहिर नरेश अग्रवाल के पुत्र नितिन अग्रवाल सपा की टिकट पर जीते थे, लेकिन वह भी भाजपा में आ गये। BJP ने चुनाव घोषणा से कुछ वक्त पहले उन्हें विधानसभा उपाध्यक्ष बना दिया था। इस बार हरदोई से बीजेपी के टिकट पर मैदान में हैं। उन्नाव की पुरवा सीट से बसपा विधायक अनिल सिंह भी चुनाव भाजपा के टिकट से मैदान में हैं। सिधौली से बसपा विधायक हरगोविंद भार्गव इस बार सपा से लड़ रहे, सपा विधायक मनीष रावत कमल निशान पर ताल ठोक रहे।

कमल खिलाने की चुनौती

चौथे तरण की जंग में एक और चुनौती भाजपा के सामने दिख रही। इस चरण की चार सीटें लखनऊ की मोहनलाल गंज, रायबरेली की उंचाहार, सीतापुर की सिधौली और उन्नाव की पुरवा ऐसा विधानसभाएं हैं जिनपर कमल खिलाना दशकों से भाजपा के लिए चुनौती रही है। देखना होगा कि इस बार भाजपा इन सीटों पर कमल खिलाकर अपने मिथक को तोड़ पाती है या फिर नहीं।

जिले और सीटें जिनपर होगा चौथा टेस्ट

चौथे चरण में रायबरेली की- रायबरेली, उंचाहार, सरेनी, हरचंदपुर, बछरावां, सीतापुर व महोली। सीतापुर की- लहरपुर, महमूदाबाद, सिधौली, बिसवां, हरगांव, सेवता, मिश्रिख व मलिहाबाद। लखनऊ की- मोहनलालगंज, लखनऊ मध्य, बीकेटी, कैंट, सरोजनीनगर, लखनऊ पश्चिम, लखनऊ उत्तर, लखनऊ पूर्व व सवायजपुर। हरदोई की- हरदोई सदर, गोपामऊ, सांडी, बालामऊ, संडीला, शाहाबाद व बिलग्राम। उन्नाव की- बांगरमऊ, सफीपुर, भगवंतनगर, पुरवा व मोहान। बांदा की- बांदा सदर, तिंदवारी, नरैनी, बबेरू व सदर सीट। लखीमपुर खीरी की- निघासन, धौरहरा, पलिया, गोला, मोहम्मदी, श्रीनगर व कस्ता। पीलीभीत की- सदर, बरखेड़ा, पूरनपुर, बीसलपुर व जहानाबाद। फतेहपुर की- बिंदकी, सदर, अयाहशाह, हुसैनगंज व खागा शामिल हैं।

यूपी में सात चरणों में चुनाव

बता दें यूपी में सात चरणों में वोटिंग होगी और 10 मार्च को काउंटिंग कराई जाएगी। 58 सीटों पर 10 फरवरी को, 14 फरवरी को 55 सीटों पर और 20 फरवरी को 59 सीटों पर मतदान हो चुका है जबकि 23 फरवरी को 59 सीट, 61 सीटों पर 27 फरवरी, 57 सीटों पर 3 मार्च और7 मार्च को 54 सीटों पर मतदान होगा।

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