Up Election 2022

UP Election 2022: CM योगी के बाद दलित के घर पूड़ी-पकवान खाकर रविकिशन ने भी अहसान कर दिया

Janjwar Desk
15 Jan 2022 5:37 AM GMT
gorakhpur news
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(दलित के घर खाना खाकर फोटो खिंचवाते रविकिशन)

मुँह तो देखो इसका, किसी ने गाल पर 2 चपाट लगाकर बैठाया लगता है।' करूणा निधी पांडेय लिखते हैं, 'ये जो शब्द दलित लिखा है न, वो आपकी सोच बता रही है कितनी नीची है, किसी भी जाति का हो उसको इंगित करना जरूरी है क्या?...

UP Election 2022: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद गोरखपुर से सांसद और अभिनेता रविकिशन ने खाना खाकर फोटोसेशन कराया है। फोटो खिंचवाकर रविकिशन ने इसे अपने ट्वीटर हैंडल पर शेयर भी किया है। इसे लेकर वह ट्रोल भी खूब किए जा रहे।

कटिंग चाय वाली पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने रविकिशन का ट्वीट रिट्वीट कर लिखा है कि, 'वाह एहसान चढ़ गया दलितों पर आपका। किसी पण्डित ठाकुर के यहां खाते हो सांसद बाबू..तो लिखते हो क्या..कि आज ठाकुर भाई के साथ भोज आज पंडित परिवार या पिछड़े परिवार में सह भोज किया..पहले दलित को दलित बताओ फिर खाना खाकर एहसान जताओ..गलती आपकी नहीं चुनाव की है।'

रविकिशन के ट्वीट पर सूर्य कांत नाम के यूजर ने लिखा है कि, 'सत्ता लोगों को क्या क्या करना सिखा देती है???? जिनको छूना तो दूर देखना नहीं चाहते उनके घर जाकर खाना खाने पर मजबूर कर देती है।'

अनिरूद्ध शर्मा लिखते हैं, 'बेचारे दलित के घर का पानी तक नहीं पिया, अपना गत्ते का ग्लास खुद साथ लेकर आए, वो स्टील के ग्लास में पानी पी रहा है। जाहिर है यह डिस्पोजेबल प्लेट भी आप ही लाए होंगे वरना ऐसे डिस्पोजेबल प्लेट में घर में कौन खाना खाता है। यह सब तेरी सड़ी हुई जातिवाद और छुआछूत वाली सोच दिखाता है।'

श्याम कुमार लिखते हैं, 'कितना ढोंगी है यह भाजपाई नेता लोग जब इलेक्शन आता है तब यह दलित भाई के घर भोजन करने चले जाते हैं और एक बार इलेक्शन जीत जाए तब तो देखता भी नहीं है उसी दलित भाई को। फ़र्क साफ़ है यूपी वालो आज भी यह नेता लोग आप दलित के बल बूते पर ही इलेक्शन जीतता है। इसलिए सोच समझ कर वोट दें।'

आशीष बंसल ने लिखा है, 'मुँह तो देखो इसका, किसी ने गाल पर 2 चपाट लगाकर बैठाया लगता है।' करूणा निधी पांडेय लिखते हैं, 'ये जो शब्द दलित लिखा है न, वो आपकी सोच बता रही है कितनी नीची है, किसी भी जाति का हो उसको इंगित करना जरूरी है क्या? अगर किसान शब्द का इस्तेमाल करते तो बेहतर रहता।'

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