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Uttarakhand Election 2022 : टिहरी के भाजपा विधायक ने हरीश रावत की मौजूदगी में थामा कांग्रेस का हाथ

Janjwar Desk
27 Jan 2022 8:26 AM GMT
Uttarakhand Election 2022 : टिहरी के भाजपा विधायक ने हरीश रावत की मौजूदगी में थामा कांग्रेस का हाथ
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(टिहरी के भाजपा विधायक कांग्रेस में शामिल)

Uttarakhand Election 2022 : भाजपा विधायक धन सिंह नेगी कांग्रेस में शामिल हो गए, उत्तराखंड में भाजपा ने कल तक टिहरी सीट पर किसी को टिकट जारी नहीं किया था.....

Uttarakhand Election 2022 : कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय (Kishor Upadhyay) के भाजपा में शामिल करने के कुछ ही देर बाद भाजपा विधायक धन सिंह नेगी (Dhan Singh Negi) कांग्रेस (Congress) में शामिल हो गए। उत्तराखंड में भाजपा ने कल तक टिहरी सीट (Tehri Seat) पर किसी को टिकट जारी नहीं किया था।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के आज ही भाजपा में शामिल होते ही पार्टी ने अपने सिटिंग विधायक का टिकट काटकर किशोर को दे दिया था। ऐसे में धन सिंह नेगी ने भी आयाराम-गयाराम की तर्ज पर भाजपा (BJP) से टिकट कटता देख आज कांग्रेस ज्वाइन कर ली। विधायक धन सिंह नेगी (Dhan Singh Negi) ने आज गुरुवार को पूर्व सीएम हरीश रावत (Harish Rawat) की मौजूदगी में कांग्रेस का 'हाथ' थाम लिया है।

क्योंकि कांग्रेस ने अभी तक टिहरी (Tehri Garhwal) से कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, इसलिए उम्मीद की जा रही कांग्रेस उन्हें टिहरी से प्रत्याशी बना सकती है।

डॉ. धन सिंह नेगी भाजपा के युवा चेहरे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख राजनीतिज्ञ हैं। वह वर्तमान में टिहरी गढ़वाल जिले में टिहरी निर्वाचन क्षेत्र से उत्तराखंड विधान सभा के सदस्य हैं। डॉ धन सिंह नेगी ने 2017 का विधानसभा चुनाव टिहरी विधानसभा सीट के लिए सबसे बड़े अंतर से जीता। इससे पहले वह 2009-2012 के बीच टिहरी गढ़वाल में आंचल मिल्क कोऑपरेटिव सोसाइटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। नेगी का बचपन से ही रहा संघर्षपूर्ण जीवन रहा।

धन सिंह नेगी का जन्म सुदूरवर्ती गाँव पालकोट, पट्टी लामिदर, टिहरी गढ़वाल, उत्तर प्रदेश (अब उत्तराखंड), भारत में हुआ था। उनका प्रारंभिक जीवन कठिन परिस्थितियों में बीता। वे परिवार में सबसे छोटे थे, और अक्सर जंगल से मीलों पैदल चलकर लकड़ी लाकर, अपनी माँ की मदद करते थे। नेगी की प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण स्कूलों में हुई थी। स्कूल पहुंचने के लिए रोजाना 10 किमी से अधिक पैदल चलना शामिल था। उन्होंने बचपन से ही शैक्षणिक में प्रतिभा का प्रदर्शन किया, गणित और भौतिकी में उनकी रुचि के परिणामस्वरूप भौतिकी में पोस्ट-ग्रेजुएट और उसके बाद बी.एड की डिग्री प्राप्त की।

टिहरी गढ़वाल में ग़रीबी, दुख और अंतहीन पलायन के उन्नयन पर गहराई से काम किया है और सामाजिक बदलाव लाने की कोशिश की है। उन्होंने अपने सामाजिक कारण और सामाजिक उत्थान के लिए व्याख्याता के रूप में अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। तब से बीस से अधिक वर्षों तक पीछे मुड़कर नहीं देखा।

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