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Video: 'हम मर जाएंगे लेकिन अपनी जमीनें नहीं देंगे'- आजमगढ़ में हवाई अड्डे के विरोध में 27 दिन से अन्नदाताओं का धरना

Janjwar Desk
8 Nov 2022 1:38 PM GMT
Video: हम मर जाएंगे लेकिन अपनी जमीनें नहीं देंगे- आजमगढ़ में हवाई अड्डे के विरोध में 27 दिन से अन्नदाताओं का धरना
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Video: 'हम मर जाएंगे लेकिन अपनी जमीनें नहीं देंगे'- आजमगढ़ में हवाई अड्डे के विरोध में 27 दिन से अन्नदाताओं का धरना

Video: 'मर जाएंगे लेकिन लेकिन ज़मीन नहीं देंगे।' इस जैसे तमाम नारों के साथ आजमगढ़ में धरना-विरोध प्रदर्शन चल रहा है। यहां हवाई अड्डे को लेकर जमीन अधिग्रहण के चलते जनता में आक्रोश देखा जा रहा है। किसानों के मुताबिक सरकार जिस जमीन का अधिग्रहण कर रही है वह जमीन उपजाउ है...

Video: 'मर जाएंगे लेकिन लेकिन ज़मीन नहीं देंगे।' इस जैसे तमाम नारों के साथ आजमगढ़ में धरना-विरोध प्रदर्शन चल रहा है। यहां हवाई अड्डे को लेकर जमीन अधिग्रहण के चलते जनता में आक्रोश देखा जा रहा है। किसानों के मुताबिक सरकार जिस जमीन का अधिग्रहण कर रही है वह जमीन उपजाउ है। और इस जमीन को किसान किसी भी कीमत पर हवाई अड्डे के लिए देना नहीं चाहते हैं।

प्रदर्शनकारियों में शामिल, लोग हाथों में तख्ती पकड़े हुए हैं, जिसमें लिखा था, 'ये कैसा विकास है, जनता बड़ी हताश है। लोगों का मानना है कि उनके जैसे हजारों लोग जमुआ से दूर रहने की कल्पना नहीं कर सकते। हम कहां जाएं? हम क्या करेंगे? स्थानीय लोगों का कहना है कि, उनकी नींद उड़ चुकी है और शायद ही कोई भोजन कर रहा है।

गौरतलब है कि, आजमगढ़ की धरती गीतकार और कवि कैफ़ी आज़मी, प्रसिद्ध हिंदी लेखक राहुल सांकृत्यायन और शिक्षाविद् मोहम्मद शिबली नोमानी जैसी प्रमुख हस्तियों का घर रहा है। अब इसी जमीन के लोग सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्सन कर रहे हैं। स्तानीय लोगों का कहना है कि, 'सरकार की ओर से ज़मीन अधिग्रहण की घोषणा से हमें इतने सालों में जो खुशी मिली थी, वह समाप्त हो गई है।'

यहां के सगरी तहसील के मंदुरी गाँव की ओर जाने वाली सिंगल-लेन सड़क के किनारे एक बड़े से फ्लेक्स बोर्ड, लगातार फड़फड़ाते हुए, यह सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित किया गया है कि यह हवा से उड़ न जाए। इस बोर्ड में साफ-साफ लिखा है, 'हम यहां प्रस्तावित परियोजना हवाई अड्डे के लिए अपनी जमीन नहीं देने जा रहे हैं। यह आपके लिए विकास हो सकता है, लेकिन यह हमारे लिए विनाश है। हम अपनी आखिरी सांस तक लड़ेंगे क्योंकि यह हमारे अस्तित्व की लड़ाई है।'

वर्तमान में खराब पड़े आजमगढ़ हवाईअड्डे के विस्तार के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के खिलाफ मंदुरी और आसपास के गांवों के लोगों में गुस्सा और असंतोष साफ नजर आ रहा है। जिन लोगों को अपनी जमीन और घर के नुकसान की आशंका है, वे पिछले 26 दिनों से बड़ी संख्या में गांवों में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

बताते चलें कि, इस साल जुलाई में, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के स्वामित्व वाले पांच हवाई अड्डों के उन्नयन और विस्तार के लिए 30 वर्षों की अवधि के लिए एक संचालन और प्रबंधन समझौते पर हस्ताक्षर किए। ये पांच हवाई अड्डे अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट, मुइरपुर और श्रावस्ती हैं।

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