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दुश्मनों के बढ़ते दायरे के बीच भारत के पास चीन तो छोड़िये पाकिस्तान से भी कम परमाणु हथियार

Janjwar Desk
19 Jun 2020 4:30 AM GMT
दुश्मनों के बढ़ते दायरे के बीच भारत के पास चीन तो छोड़िये पाकिस्तान से भी कम परमाणु हथियार
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चीन ऐसा देश है जो नए परमाणु हथियारों को बार-बार मिलिट्री परेड में शामिल करता है, फिर भी अपने देश के हथियारों की जानकारी सार्वजनिक नहीं करता....

महेंद्र पाण्डेय की टिप्पणी

जनज्वार। स्वीडन स्थित स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा 15 जून के प्रकाशित की गई वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के जिन 9 देशों में परमाणु हथियार हैं, उनमें से केवल दो देश – चीन और भारत - ने पिछले वर्ष अपने हथियारों की संख्या को बढ़ाया है।

भारत ने वर्ष 2019 के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में 10 नए परमाणु हथियार अपने जखीरे में शामिल किये हैं, फिर भी भारत के कुल परमाणु हथियारों की संख्या चीन की तुलने में बहुत कम तो है ही, यह संख्या पाकिस्तान के हथियारों से भी कम है।

वार्षिक रिपोर्ट के 51वें संस्करण में बताया गया है की चीन के पास 320 परमाणु वारहेड्स हैं, पाकिस्तान के पास 160 और भारत के पास 150 वारहेड्स हैं। पिछली वार्षिक रिपोर्ट में भी पाकिस्तान के वारहेड्स की संख्या यही थी, जबकि भारत के पास 140 और चीन के पास 290 वारहेड्स थे।

दुनिया के कुल 9 देशों – अमेरिका, रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया, फ्रांस, इजराइल और इंग्लैंड - के पास परमाणु हथियार हैं। जनवरी 2020 तक दुनिया में कुल 13400 परमाणु हथियार थे, जिसमें से लगभग 90 प्रतिशत हथियार अमेरिका और रूस के पास हैं। सबसे अधिक, 6375 रूस के पास और 5800 अमेरिका के पास हैं। इंग्लैंड के पास 215 परमाणु हथियार हैं।

पिछले वर्ष की रिपोर्ट में कुल परमाणु हथियारों की संख्या 13865 बताई गई थी। इस वर्ष दुनिया में कुल परमाणु हथियारों की संख्या में कमी का कारण अमेरिका और रूस द्वारा बहुत से पुराने हथियारों को नष्ट करना है।

भारत और पाकिस्तान धीरे धीरे अपने परमाणु हथियारों की संख्या बढाते जा रहे हैं, पर कुल हथियारों की संख्या कभी सार्वजनिक नहीं करते, पर अधिकतर मिसाइल के परीक्षण को घोषित करते हैं। चीन बहुत तेजी से अपने परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण कर रहा है, नए हथियार विकसित कर रहा है और इनके उपयोग के नए तरीके भी इजाद कर रहा है।

परमाणु हथियारों से लैस विमानों को भी अपने देश में ही बना रहा है। चीन ऐसा देश है जो नए परमाणु हथियारों को बार-बार मिलिट्री परेड में शामिल करता है, फिर भी अपने देश के हथियारों की जानकारी सार्वजनिक नहीं करता।

रूस हथियारों की जानकारी सार्वजनिक नहीं करता है, पर अमेरिका के साथ साझा करता है। अमेरिका पिछले वर्ष तक अपने देश के परमाणु हथियारों की जानकारी सार्वजनिक करता था, पर इस वर्ष से इसे सार्वजनिक तौर पर नहीं बताया जाएगा। केवल इंग्लैंड और फ्रांस ऐसे देश हैं, जो अपने देश के परमाणु हथियारों की जानकारी सार्वजनिक करते हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार परमाणु हथियारों के कारण दुनिया पहले से अधिक खतरनाक होती जा रही है, क्योंकि लगभग हरेक क्षेत्र में देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अधिकतर परमाणु हथियार संपन्न देशों में यह रक्षा योजनाओं के केंद्र में है और कुछ देश, जैसे भारत और पाकिस्तान, तो सीधे तौर पर परमाणु हथियारों की धमकी भी देने लगे हैं।

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