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विमर्श

विश्व नेतृत्व के लायक नहीं रहा ट्रम्प का अमेरिका, सर्वे में तीसरे साल भी पहले स्थान पर जर्मनी

Janjwar Desk
30 July 2020 10:16 AM GMT
विश्व नेतृत्व के लायक नहीं रहा ट्रम्प का अमेरिका, सर्वे में तीसरे साल भी पहले स्थान पर जर्मनी
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गैलप के सर्वेक्षण में जर्मनी को पहला स्थान मिला है, यह लगातार तीसरा वर्ष है, जब जर्मनी को पहले स्थान पर रखा गया है, ट्रम्प के पहले अमेरिका पहले स्थान पर रहा करता था, जर्मनी को 44 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया जबकि दूसरे स्थान पर रहे अमेरिका को 33 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया...

वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र पाण्डेय का विश्लेषण

कुछ दिनों पहले जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल ने 6 यूरोपीय समाचारपत्रों को एक विस्तृत साक्षात्कार देते हुए कहा था कि अब अमेरिका विश्व नेतृत्व की क्षमता खो चुका है, इसलिए दुनिया के देशों को अपनी प्राथमिकताएं फिर से तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम यही सुनते बड़े हुए हैं कि अमेरिका विश्व का सुपरपॉवर है लेकिन अब यह सब हास्यास्पद लगता है। आश्चर्य यह है कि ये वक्तव्य एंजेला मार्केल का है, जो बराक ओबामा के राष्ट्रपति रहने तक अमेरिका की तारीफ करतीं थीं।

वर्ष 2009 में उन्होंने कहा था कि अमेरिका आजादी का अपर्याय है और ईस्ट जर्मनी और जर्मनी के बीच की बर्लिन दीवार को गिराने में अमेरिका की भूमिका अमेरिका द्वारा दिया गया अतुल्य तोहफा है। एंजेला मार्केल अब ट्रम्प का मजाक उड़ातीं हैं और विश्व के गिने-चुने नेताओं में शुमार हैं जो ट्रम्प से सीधे बहस भी करतीं हैं।

एंजेला मार्केल इस समय यूरोपियन यूनियन की मुखिया हैं, विश्व की सम्भवतः अकेली नेता हैं जो विज्ञान के नजरिए से समस्याओं को देखतीं हैं और उनका निदान करती हैं। अधिकतर यूरोपीय देश अमेरिका के विश्व नेतृत्व की क्षमता खोने के बाद मार्केल के नेतृत्व वाले जर्मनी में वह क्षमता देखते हैं।

हाल में ही विश्व नेतृत्व से संबंधित गैलप के सर्वेक्षण में जर्मनी को पहला स्थान मिला है। यह लगातार तीसरा वर्ष है, जब जर्मनी को पहले स्थान पर रखा गया है। यह सर्वेक्षण विश्व के 135 देशों में से प्रत्येक देश में 1000 वयस्कों की राय के आधार पर किया जाता है। ट्रम्प के पहले अमेरिका पहले स्थान पर रहा करता था। जर्मनी को 44 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया जबकि दूसरे स्थान पर रहे अमेरिका को 33 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया।

एंजेला मार्केल ने कभी दावा नहीं किया कि जर्मनी सबसे अच्छा देश है, लेकिन उसे दूसरे देशों से बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करती रहीं हैं। दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन लगातार दावा करते हैं कि उनके नेतृत्व में अमेरिका इतिहास के किसी भी दौर की तुलना में बेहतर है।

हाल में ही माइक पोम्पियो ने भी दावा किया था कम्युनिस्ट चीन से विचारधारा के सन्दर्भ में लोहा लेने के लिए अमेरिका सभी स्वतंत्र देशों को नेतृत्व देने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन ट्रम्प के नेतृत्व में दुनिया ने अमेरिका का घिनौना चेहरा ही देखा है।

ट्रम्प शुरू से ही कहते रहे हैं कि बराक ओबामा के दौर में अमेरिका ने विश्व नेतृत्व की क्षमता को गवां दिया था, वे दरअसल लेट्स मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के नारे के साथ ही चुनकर सत्ता में आये थे। सता में आने के बाद दरअसल डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका के ग्रेटनेस पर ही सबसे करारा प्रहार किया।

बराक ओबामा के 8 वर्षों के कार्यकाल में एक वर्ष (2011) को छोड़कर हरेक वर्ष अमेरिका विश्व नेतृत्व से सम्बंधित गैलप सर्वे में पहले स्थान पर टिका रहा, पर ट्रम्प के आने के बाद पहले वर्ष में ही अमेरिका की लोकप्रियता में 18 प्रतिशत की कमी आ गई, और यह दूसरे स्थान पर पहुँच गया।

गैलप के एडिटर इन चीफ मोहम्मद यूनिस के अनुसार दुनिया बेहतर नेतृत्व की क्षमता उन नेताओं में देखती है, जिनकी कथनी और करनी में अंतर नहीं हो और इस दौर में ये गुण एंजेला मार्केल से बेहतर और किसी नेता में नहीं हैं। वे छोटे भाषण देतीं हैं और केवल उतना ही बोलतीं हैं जितना उनकी सरकार कर सकती है।

मोहम्मद यूनिस के अनुसार यह सर्वेक्षण कोविड 19 के दौर से पहले किया गया था इसलिए अमेरिका को 33 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया, यदि यही सर्वेक्षण इस समय किया जाए तब अमेरिका की लोकप्रियता और भी नीचे पहुंच जायेगी।

यूरोप के अधिकतर देश अमेरिका के परम्परागत मित्र समझे जाते हैं और माना जाता है कि यूरोप के नागरिकों की निगाह में अमेरिका का नेतृत्व हमेशा ही लोकप्रिय रहा है, लेकिन इस सर्वेक्षण में यूरोप के केवल 24 प्रतिशत लोगों ने अमेरिका को पहले स्थान पर रखा, इसी तरह ऑस्ट्रेलिया के भी महज 23 प्रतिशत लोगों ने अमेरिका को पहला स्थान दिया।

इंग्लैंड के 25 प्रतिशत लोगों ने और जर्मनी के केवल 12 प्रतिशत लोगों ने अमेरिका को पहला स्थान दिया। केवल अफ्रीका के देशों में 52 प्रतिशत लोगों ने अमेरिका को पहला स्थान दिया। वैसे तो अफ्रीका के आंकड़े ट्रम्प की लोकप्रियता का बयान करते हैं, पर यहाँ यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वर्ष 2017 के सर्वेक्षण में अफ्रीका के 85 प्रतिशत नागरिकों ने ट्रम्प को पहले स्थान पर पसंद किया था।

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