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पंजशीर पर कब्जे की खुशी में तालिबान ने की हवाई फायरिंग, बच्चों समेत कई ने गंवा दी जान

Janjwar Desk
4 Sep 2021 5:32 AM GMT
पंजशीर पर कब्जे की खुशी में तालिबान ने की हवाई फायरिंग, बच्चों समेत कई ने गंवा दी जान
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पंजशीर पर कब्जे की खुशी में तालिबान की हवाई फायरिंग में कई लोगों की मौत (file pic)

तालिबान द्वारा पंजशीर पर कब्जे की खुशी में जश्न के दौरान कथित तौर पर तालिबान द्वारा की गई हवाई फायरिंग अफगानी लोगों पर काफी भारी पड़ी है और इस फायरिंग में बच्चों समेत कई लोगों ने जान गंवा दी है..

जनज्वार। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से ही पंजशीर को लेकर दावा किया जा रहा था कि वहां अभी भी तालिबान का कब्जा नहीं हुआ है। इस बीच तालिबान ने दावा किया है कि पंजशीर पर उसका कब्जा हो गया है। वैसे पंजशीर के रेसिस्टेंस फोर्सेज ने तालिबान के इस दावे का खंडन किया है लेकिन तालिबान ने इसे लेकर जश्न मनाना शुरू कर दिया है। खबर है कि ऐसे ही जश्न के दौरान कथित तौर पर तालिबान द्वारा की गई हवाई फायरिंग अफगानी लोगों पर काफी भारी पड़ी है और इस फायरिंग में बच्चों समेत कई लोगों ने जान गंवा दी है।

अश्वका समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, पंजशीर में कब्जे के बाद तालिबान ने शुक्रवार की रात हवाई फायरिंग कर जश्न मनाया। हालांकि, तालिबान का यह जश्न आम अफगानियों के लिए जी का जंजाल बन गया और काबुल में तालिबान की हवाई गोलाबारी में बच्चों सहित कई लोग मारे गए और कई घायल हुए हैं। हालांकि, पंजशीर की रेसिस्टेंस फोर्स ने तालिबानी दावे को खारिज किया है और कहा कि पंजशीर अब भी तालिबानियों के कब्जे में नहीं है।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह मानकर कि उन्होंने पंजशीर प्रांत पर नियंत्रण कर लिया है, तालिबान ने कथित तौर पर शुक्रवार की रात काबुल के अधिकांश हिस्सों में खुशी के मारे हवाई फायरिंग की। इसी हवाई फायरिंग ने काबुल में कई लोगों की जानें ले लीं।

इधर, काबुल के जश्न के बीच रेसिस्टेंस फोर्स ने तालिबान के दावे का खंडन करते हुए कहा कि पंजशीर अब भी उन्हीं के कब्जे में है और जंग में उन्होंने तालिबान को भारी नुकसान पहुंचाया है। तालिबान की गोलीबारी में घायल हुए अपने प्रियजनों को शुक्रवार देर रात कई लोग अस्पताल ले गए।

पंजशीर में तालिबान के कब्जे के बाद खबरें हैं कि खुद को अफगान का राष्ट्रपति घोषित करने वाले अमरुल्ला सालेह भी पंजशीर से भाग गए हैं। हालांकि, इस बीच अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति और पंजशीर से तालिबान को चुनौती दे रहे अमरुल्लाह सालेह खुद एक वीडियो के जरिए सामने आए हैं और उन्होंने कहा कि वह देश छोड़कर भागे नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि वह पंजशीर घाटी में ही हैं और रेसिस्टेंस फोर्स के कमांडरों और राजनीतिक हस्तियों के साथ हैं।

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