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कोविड -19

कोरोना पॉजिटिव प्रणब मुखर्जी ब्रेन सर्जरी के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट पर, हालत गंभीर

Janjwar Desk
11 Aug 2020 5:05 AM GMT
कोरोना पॉजिटिव प्रणब मुखर्जी ब्रेन सर्जरी के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट पर, हालत गंभीर
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file photo

कोरोना संक्रमित होने के बाद की गयी ब्रेन सर्जरी को प्रणब मुखर्जी की जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने बहुत जरूरी बताया गया था

नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सोमवार को आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में एक ब्रेन सर्जरी की गई। मस्तिष्क में जमे खून के थक्के को हटाने के लिए की गई इस सर्जरी के बाद अब वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।

सर्जरी से पहले 84 साल के मुखर्जी का कोरोनावायरस टेस्ट भी पॉजिटिव पाया गया था। कोरोना संक्रमित होने के बाद की गयी ब्रेन सर्जरी को प्रणब मुखर्जी की जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने बहुत जरूरी बताया गया था।

उन्होंने सोमवार 10 अगस्त को ट्वीट किया था कि "एक अलग प्रक्रिया के लिए अस्पताल आया हूं और यहां मेरा कोविड-19 परीक्षण पॉजिटिव आया है। पिछले सप्ताह मेरे संपर्क में आए लोगों से मैं अनुरोध करता हूं कि वे स्वयं को आइसोलेट कर लें और कोविड-19 का परीक्षण कराएं।"

मुखर्जी के यह खबर साझा करते ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा, "पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दा के कोविड-19 पॉजिटिव होने की खबर सुनकर चिंतित हूं। मेरी प्रार्थनाएं उनके और उनके परिवार के साथ हैं। मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।"

संबंधित खबर : पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी हुआ कोरोना, देश में बीते 24 घंटों में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत

कांग्रेस के प्रवक्ता और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी इस अनुभवी नेता के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इस बारे में ट्वीट किया गया।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आरआर अस्पताल जाकर पूर्व राष्ट्रपति के स्वास्थ्य की जानकारी ली और वह वहां लगभग 20 मिनट तक रहे।

गौरतलब है कि लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान मुखर्जी ने वित्त और रक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद भी संभाले। बाद में वे 2012 में देश के राष्ट्रपति बने और 2017 तक उनका कार्यकाल रहा।

यूपीए 2 के दौरान प्रणब मुखर्जी कांग्रेस पार्टी और सरकार के सबसे बड़े संकटमोचन के रूप में उभरकर सामने आये थे। प्रणब मुखर्जी ने कांग्रेस नेतृत्व की तीन पीढ़ियों के साथ काम किया। साल 2019 में नरेंद्र मोदी सरकार ने प्रणब मुखर्जी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा था।

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