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Ayush Medical College UP : सस्पेंडेड निदेशक एसएन सिंह सहित 12 गिरफ्तार, मेरिट में बदलाव कर 891 छात्रों को दिया था एडमिशन

Janjwar Desk
18 Nov 2022 2:31 AM GMT
Ayush Medical College UP : सस्पेंडेड निदेशक एसएन सिंह सहित 12 गिरफ्तार, मेरिट में बदलाव कर 891 छात्रों को दिया था एडमिशन
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Ayush Medical College UP : सस्पेंडेड निदेशक एसएन सिंह सहित 12 गिरफ्तार, मेरिट में बदलाव कर 891 छात्रों को दिया था एडमिशन

Ayush Medical College UP : मास्टरमाइंड कुलदीप की गिरफ्तारी के बाद STF ने आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एसएन सिंह सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। शासन ने 7 नवंबर को इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश की थी।

Ayush Medical College UP : उत्तर प्रदेश के आयुष कॉलेजों ( Ayush college ) में 891 फर्जी दाखिला ( fake admission ) मामले में एसटीएफ ( STF ) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में एसटीएफ ने आयुष मेडिकल कॉलेजों के सस्पेंडेड निदेशक प्रो. एसएन सिंह समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने आयुष मेडिकल कॉलेजों में 891 फर्जी एडमिशन मामले में इन लोगों को दोषी पाया था।

एसटीएफ ( STF ) की जांच में दोषी पाये गए निलंबित निदेशक, आयुर्वेद सेवाएं और सदस्य सचिव काउंसिलिंग प्रो. एसएन सिंह के अलावा निलंबित प्रभारी अधिकारी शिक्षा निदेशालय आयुर्वेद सेवाएं डॉ.उमाकांत यादव, निदेशालय में काउंसिलिंग की फीस जमा करने की जिम्मेदारी संभालने वाले लिपिक राजेश सिंह और दूसरे सहयोगी लिपिक कैलाश चंद्र भास्कर के नाम शामिल हैं।

फेक एडमिशन ( fake admission ) के पूरे मामले में मास्टरमाइंड कुलदीप के गिरफ्त में आते ही हेराफेरी की सभी परतें पूरी तरह से खुल गईं। इसी के आधार पर STF ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। बता दें कि शासन ने 7 नवंबर को इस मामले की जांच CBI से कराए जाने की सिफारिश की थी। अभी तक CBI ने केस हैंड ओवर नहीं लिया है। इससे पहले ही STF अपनी जांच में लगभग तह तक पहुंचने में कामयाब रही। STF ने काउंसिलिंग कराने वाली एजेंसी V3 सॉफ्ट सॉल्यूशन के 8 एम्प्लॉई को भी गिरफ्तार किया है। इनमें गौरव गुप्ता, हर्षवर्धन तिवारी, सौरभ मौर्य, रूपेश श्रीवास्तव, रूपेश रंजन पांडेय, इंद्र देव मिश्रा और प्रबोध कुमार सिंह का नाम शामिल है।

आयुष कॉलेजों ( Ayush College fake admission UP ) में हुए फर्जी एडमिशन मामले में खास बात ये है कि शिक्षा सत्र 2021 में कुल 891 छात्रों को फर्जी तरीके से प्रवेश देने का मामला सामने आने के बाद आयुष कॉलेजों के तत्कालीन कार्यवाहक निदेशक आयुर्वेदिक सेवाएं प्रो.एसएन सिंह ने ही एफआईआर दर्ज कराई थी। उनकी ओर से ही 4 नवंबर को हजरतगंज कोतवाली में डाटा फीडिंग का काम कर रही कंपनी अपट्रान पावरट्रानिक्स और उसकी वेंडर कंपनी V-3 साफ्ट साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि कुलदीप सिंह सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की गई थी। एसएन सिंह की शिकायत पर के आधार पर यूपी पुलिस ने केस दर्ज किया था।

इस मामले को सीएम योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया था और जांच के आदेश दिए थे। एसटीएफ जांच में प्रगति न होते देख उन्होंने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। हालांकि, संदेह के घेरे में आये कई लोगों से अलग-अलग पूछताछ किए जाने के साथ ही STF ने 23 कॉलेजों के प्राचार्य को नोटिस देकर तलब किया था। इन सभी से पूछताछ चल रही थी। एसटीएफ जांच में सामने आया कि आयुर्वेद, होम्योपैथिक व यूनानी कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रम के दाखिलों में खूब धांधली की गई। मेरिट सूची में खेलकर अधिकारियों और कंपनी की मिलीभगत से BAMS, BUMS, BHMS पाठ्यक्रम में ऐसे लगभग 891 स्टूडेंट्स को गलत ढंग से दाखिला दिया गया। इनमें 22 ऐसे भी छात्र रहे जो प्रवेश परीक्षा में भी शामिल नही हुए थे।

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