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Bageshwar news : वेतन न मिला तो 5 किलो वजन घट गया इन डॉक्टर्स का, बोले जहर खाने को भी नहीं हैं अब हमारे पास पैसे

Janjwar Desk
4 Aug 2022 2:10 PM GMT
Bageshwar news : वेतन न मिला तो 5 किलो वजन घट गया इन डॉक्टर्स का, बोले जहर खाने को भी नहीं हैं अब हमारे पास पैसे
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Bageshwar news : वेतन न मिला तो 5 किलो वजन घट गया इन डॉक्टर्स का, बोले जहर खाने को भी नहीं हैं अब हमारे पास पैसे

Bageshwar news : डाॅक्टरों का कहना है पैसों के अभाव में वह ड्यूटी पर पैदल आने को मजबूर हैं, पैदल आने से उनका 5 किलो वजन घट गया है, उन्हें इतनी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है कि उनके पास जहर खाने के लिए भी पैसा नहीं है...

Bageshwar news : उत्तराखंड राज्य में लचर स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र तकरीबन हर रोज होता है। सरकार भी करीब हर हफ्ते व्यवस्थाओं के सुधार के दावे करती है। यह बात दीगर है कि स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं में यह सुधार अभी भी दिखाई नहीं देता। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी एक खबर बागेश्वर से आई है, जिसमें संविदा पर रखे डॉक्टर्स की वेतन न मिलने पर हालत इतनी नाजुक है कि उनके पास जहर खाने लायक पैसे भी नहीं बचे हैं। जहर के पैसों का उदाहरण हमारा नहीं बल्कि उन्हीं डॉक्टर्स का है जिन्हे वेतन नहीं मिला है। उच्चाधिकारियों से वेतन की गुहार लगाने वाले पत्र में डॉक्टर्स ने इसका बकायदा जिक्र किया है। डॉक्टर्स का लिखा यह पत्र वायरल होने पर स्वास्थ्य महकमे का जमकर मज़ाक उड़ाया जा रहा है।

बागेश्वर जिले के कपकोट में विभाग की ओर से कुछ चिकित्सकों की तैनाती बॉन्ड के आधार पर की गई है। कपकोट में तैनात इन संविदा चिकित्सकों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है। जिस पर इन्होंने कपकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर वेतन की मांग की। अपने इस पत्र में डॉक्टर्स ने वेतन न मिलने कारण पैदा हुई अपनी तमाम मजबूरियों का जिक्र जिस भाषा में किया है, उसकी बिना पर यह पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है।

डॉक्टर्स का लिखा यह पत्र सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है। इस पत्र में लिखा है कि दो माह का वेतन न मिलने के कारण वे आर्थिक रूप से परेशान हैं। पैसों के अभाव में वह ड्यूटी पर पैदल आने को मजबूर हैं। पैदल आने से उनका पांच किलो वजन घट गया है। उन्हें इतनी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है कि उनके पास जहर खाने के लिए भी पैसा नहीं है। आपदा काल में उनको काफी कठिनाई से जीवनयापन करना पड़ रहा है। घर का खर्च चलाने के लिए उन्हें दस प्रतिशत महीना ब्याज पर कर्जा लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।

बांडधारी चिकित्सक ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शीघ्र वेतन का भुगतान नहीं किया तो वह कार्य करने में असमर्थ रहेंगे। डॉक्टर्स की तरफ से मिले इस पत्र को प्रभारी चिकित्साधिकारी ने अगली कार्यवाही के लिए सीएमओ को अग्रसारित करते हुए हस्ताक्षरित किया है ।

इस मामले पर प्रभारी चिकित्साधिकारी कपकोट डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि शासन से भुगतान नहीं होने के कारण सात संविदा चिकित्सकों को वेतन नहीं मिला है, इसी कारण इनका वेतन नहीं मिल सका है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सीएमओ अवगत कराया गया है। जल्द ही वेतन मिलने की उम्मीद है।

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